कार्य प्रगति पर है: कहते हैं ओवर ब्रिज बना रहे हैं, पांच माह में पिलर के लिए केवल खोद पाए हैं एक गड्ढा
व्यस्ततम मार्ग के चौराहे पर सेतु निगम ओवरब्रिज का काम कितनी तेजी से कर रहा है इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि पांच महीने के भीतर केवल मिट्टी और पानी की जांच कर पिलर के लिए एक गड्ढा ही खोद पाए हैं। जबकि निर्माण के नाम पर आधी सड़क को घेर रखा है। पिछले कई दिनों से यहां काम होता भी नजर नहीं आ रहा है।
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अलीगढ़ महानगर के रेंगते ट्रैफिक को रफ्तार देने के लिए रामघाट-कल्याण मार्ग के सबसे बड़े जाम प्वाइंट क्वार्सी चौराहे पर शासन ने लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से ठीक दो महीने पहले जनवरी माह में ओवरब्रिज को मंजूरी दी थी। सेतु निगम ने भी आनन-फानन में 25 जनवरी को सड़क घेरकर कार्यप्रगति पर है के बोर्ड लगाए और जोरशोर से काम शुरू होने का माहौल बना दिया। लेकिन इन पांच महीनों में पिलर के लिए एक गड्ढा भी पूरा नहीं खोद पाए हैं। जबकि इस चौराहे पर अलीगढ़ वाले लंबा जाम झेल रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि तक शहर वालों के इस बड़े दर्द को महसूस नहीं कर पा रहे।
इस सबसे व्यस्ततम मार्ग के चौराहे पर सेतु निगम ओवरब्रिज का काम कितनी तेजी से कर रहा है इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि पांच महीने के भीतर केवल मिट्टी और पानी की जांच कर पिलर के लिए एक गड्ढा ही खोद पाए हैं। जबकि निर्माण के नाम पर आधी सड़क को घेर रखा है। पिछले कई दिनों से यहां काम होता भी नजर नहीं आ रहा है। कभी कभी एक दो मजदूर जरूर यहां मिट्टी को इधर उधर ढोते नजर आ जाते हैं। यह सब हालात तब हैं जब शासन स्तर से बाकायदा ओवरब्रिज निर्माण के लिए बजट जारी करके निर्माण पूरा करने की तिथि तक तय कर दी है। दो साल के भीतर निर्माण का काम पूरा किया जाना है।
कहते हैं लोग
- अधिवक्ता गिरीश राघव ने बताया कि जब भी क्वार्सी चौराहे से गुजरते हैं जाम ही लगा रहता है। हर दिन पांच से दस मिनट यहां जाम में फंसना पड़ता है। बोर्ड लगा रखा है कि कार्य प्रगति पर है लेकिन यहां तो पांच महीने से केवल एक गड्ढा ही नजर आ रहा है।
- शिक्षक अनिल गौड़ कहते हैं कि हमें तो ऐसा लग रहा है कि लोगों को ओवरब्रिज का ख्वाब दिखाकर सेतु निगम खुद ही सो गया है। कोई देखना वाला ही नहीं है। हमें तो यहां कोई काम होता दिखता ही नहीं है। सड़क घेरकर लोगों को परेशान कर दिया गया है।
- स्कूल संचालक अमित चौधरी का कहना है कि जिस दिन ओवरब्रिज मंजूरी की बात सुनी थी बड़ा अच्छा लगा था। हर कोई खुश था कि इस जाम से निजात मिल जाएगी। लेकिन यहां तो केवल कार्य प्रगति पर है के बोर्ड दिखते हैं काम तो हो ही नहीं रहा है।
- क्या कहता हैं जिम्मेदार
यह भी जानिए
- चार लेन का होगा ओवरब्रिज
- 625 मीटर तय की गई है लंबाई
- ओवरब्रिज की लागत-71 करोड़
क्वार्सी चौराहे पर प्रस्तावित ओवरब्रिज के निर्माण से पूर्व पिलर स्थापित करने के लिए जमीन की जांच आदि का कार्य किया जा रहा था। इसे पूरा कर लिया गया है, अब जल्द ही निर्माण कार्य में और तेजी लाकर ओवरब्रिज निर्माण को समयबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा। निर्माण के दौरान यहां जाम न लगे इसके लिए भी प्रयास किया जाएगा- वीरेंद्र कुमार, परियोजना प्रबंधक, राज्य सेतु निगम