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करसुआ गांव में नहीं जले चूल्हे, छाया मातम
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Tue, 28 Nov 2017 01:34 AM IST
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पांच युवकों की मौत होने पर करसुआ गांव में विलाप करतीं महिलाएं।
- फोटो : Amar Ujala
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अलीगढ़-पलवल मार्ग स्थित सोफा नहर में रविवार रात डिजायर कार के डूबने से लोधा क्षेत्र के गांव करसुआ के पांच युवकों की मौत से सोमवार को पूरे गांव में मातम छाया रहा। दोपहर में परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार तो कर दिया, लेकिन उन्हें अभी भी यकीन नहीं है कि उनके जिगर का टुकड़ा अब बहुत दूर जा चुका है। मृतकों के घरों में दिन भर कोहराम की स्थिति रही। इसका असर पूरे गांव में दिखाई दिया। ग्रामीणों के घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
रविवार रात सोफा के निकट एक डिजायर कार नहर में गिर गई। इसमें भरत पुत्र मुकेश, अंशू पुत्र नंद किशोर, नवीन पुत्र प्रताप तोमर, अंकित पुत्र टीटू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आकाश तोमर पुत्र दिनेश तोमर की इलाज को ले जाते समय मौत हो गई। परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो तत्काल मौके पर पहुंच गए।
इधर, मतगणना के बाद पुलिस राहत की सांस ले ही रही थी कि एक साथ पांच लोगों की मौत ने उसके होश भी फाख्ता कर दिए। आनन-फानन पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। परिजन बिना पोस्टमार्टम के शवों को साथ गांव ले गए। यहां सोमवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। एक साथ पांच युवकों की मौत के बाद गांव में मातम है। मृतकों के घर पर सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगी रही।
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सभी मृतक थे छात्र
इस हादसे में मरने वाला भरत तीन बहन-भाइयों में सबसे बड़ा था। मंगलवार को आगरा में सेना की भर्ती देखने जाने वाला था। उसके पिता गांव में ही फोटोग्राफी का काम कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। भरत का छोटा भाई दिव्यांग है।
अंशू प्राइवेट इंटर कॉलेज का छात्र था और दो भाई एवं तीन बहनों में सबसे बड़ा था। वह अपने पिता के साथ खेती की भी देखरेख करता था। नवीन तोमर गगन स्कूल में नौवीं क्लास का छात्र था। नवीन दो भाई व एक बहन में सबसे बड़ा था। नवीन के पिता किसान होने के साथ साथ हैवतपुर गांव में प्राइवेट अध्यापक हैं। आकाश खैर में खुशीराम महाविद्यालय में बीकॉम का छात्र था व दो भाई व दो बहनों में सबसे बड़ा था। पिताजी पेशे से किसान हैं।
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रविवार रात सोफा के निकट एक डिजायर कार नहर में गिर गई। इसमें भरत पुत्र मुकेश, अंशू पुत्र नंद किशोर, नवीन पुत्र प्रताप तोमर, अंकित पुत्र टीटू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आकाश तोमर पुत्र दिनेश तोमर की इलाज को ले जाते समय मौत हो गई। परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो तत्काल मौके पर पहुंच गए।
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इधर, मतगणना के बाद पुलिस राहत की सांस ले ही रही थी कि एक साथ पांच लोगों की मौत ने उसके होश भी फाख्ता कर दिए। आनन-फानन पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। परिजन बिना पोस्टमार्टम के शवों को साथ गांव ले गए। यहां सोमवार को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार हुआ। एक साथ पांच युवकों की मौत के बाद गांव में मातम है। मृतकों के घर पर सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगी रही।
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सभी मृतक थे छात्र
इस हादसे में मरने वाला भरत तीन बहन-भाइयों में सबसे बड़ा था। मंगलवार को आगरा में सेना की भर्ती देखने जाने वाला था। उसके पिता गांव में ही फोटोग्राफी का काम कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। भरत का छोटा भाई दिव्यांग है।
अंशू प्राइवेट इंटर कॉलेज का छात्र था और दो भाई एवं तीन बहनों में सबसे बड़ा था। वह अपने पिता के साथ खेती की भी देखरेख करता था। नवीन तोमर गगन स्कूल में नौवीं क्लास का छात्र था। नवीन दो भाई व एक बहन में सबसे बड़ा था। नवीन के पिता किसान होने के साथ साथ हैवतपुर गांव में प्राइवेट अध्यापक हैं। आकाश खैर में खुशीराम महाविद्यालय में बीकॉम का छात्र था व दो भाई व दो बहनों में सबसे बड़ा था। पिताजी पेशे से किसान हैं।