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World Cancer Day: जागरूकता की कमी से बढ़ रहा कैंसर, यह जानना है जरूरी
Sat, 04 Feb 2023 07:12 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 04 Feb 2023 07:12 PM IST
सार
विश्व कैंसर दिवस पर प्रतिष्ठा आईएएस एकेडमी निदेशक डीआर यादव ने छात्र-छात्राओं को कैंसर के बारे में जरूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के द्वारा भले ही कैंसर पीड़ितों के इलाज पर करोड़ों रुपया खर्च किया जा रहा है, लेकिन जागरूकता की कमी से इसकी कहानी उल्टी हो रही है। जागरूकता बेहतर तरीके से कर दी जाए, तो कैंसर के प्रसार को आसानी से रोका जा सकता है।
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प्रतिष्ठा आईएएस एकेडमी निदेशक डीआर यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर अलीगढ़ की प्रतिष्ठा आईएएस एकेडमी में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में एकेडमी के निदेशक डीआर यादव ने छात्र-छात्राओं को कैंसर के बारे में जरूरी जानकारी साझा की।
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प्रतिष्ठा आईएएस एकेडमी निदेशक डीआर यादव ने कहा कि महिलाएं शर्म और डर के कारण बीमारी को नहीं बताती हैं। कैंसर का इलाज करा रहे मरीज यह मानते हैं कि कैंसर पीढ़ी दर पीढ़ी होने वाली बीमारी है, जबकि चिकित्सा विज्ञान का मानना है कि केवल 5 फ़ीसदी कैंसर मां-बाप से बच्चों में होता है। पंजाब एक ऐसा राज्य है, जहां कैंसर की दर अधिक होने के पीछे उनके द्वारा कीटनाशक दवाइयों का प्रयोग करना बताया गया है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कुछ दिन पहले राज्यसभा में आंकड़े पेश करते हुए बताया कि वर्ष 2020 में विभिन्न राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में कैंसर के मामलों की अनुमानित संख्या 13 लाख 92 हजार 179 थी और अब 14 लाख 61 हजार 427 हो गई। भारत में वर्ष 2022 में 808558 कैंसर से पीड़ित रहे।
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एक रिपोर्ट यह भी आई है कि महिला और पुरुषों में 74 साल की उम्र तक एक व्यक्ति को कैंसर होने की प्रबल संभावना हो रही है। पुरुषों में फेफड़े और महिलाओं में स्तन कैंसर की संभावना बढ़ रही है। भारत सरकार के द्वारा भले ही कैंसर पीड़ितों के इलाज पर करोड़ों रुपया खर्च किया जा रहा है, लेकिन जागरूकता की कमी से इसकी कहानी उल्टी हो रही है। जागरूकता बेहतर तरीके से कर दी जाए, तो कैंसर के प्रसार को आसानी से रोका जा सकता है।