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सीएए-एनआरसी विरोधी 47 मुकदमों में चार्जशीट जल्द
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अभिषेक शर्मा
9 दिसंबर को एएमयू कैंपस में सीएए-एनआरसी विरोधी धरने की शुरुआत के दिन से शहर में आए भूचाल से जुड़े 47 मुकदमों के भविष्य को लेकर फैसले की घड़ी नजदीक आती जा रही है। 14 दिसंबर की रात एएमयू में बवाल से लेकर 23 फरवरी को ऊपरकोट पर उपद्रव तक चले घटनाक्रम में शहर के अलग-अलग थानों में यह मुकदमे दर्ज हुए। इनकी विवेचना अब तेज करा दी गई है और जल्द मुकदमों को निस्तारित कर चार्जशीट लगाने के निर्देश जारी हुए हैं। सभी मुकदमे पुलिस की ओर से दर्ज हैं, इसलिए यह उम्मीद बेहद कम है कि किसी मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगेगी। सभी में चार्जशीट जाना तय माना जा रहा है। इसे लेकर बाकायदा एसएसपी ने सभी विवेचकों को निर्देश जारी किए हैं।
एएमयू में 14 दिसंबर को हुए बवाल से पहले दो मुकदमे सिविल लाइंस में दर्ज हुए थे। बवाल की रात दो और फिर अगले दिन से शहर भर में शुरू हुआ घटनाक्रमों के बीच जमालपुर, शाहजमाल, ऊपरकोट, जीवनगढ़, दोदपुर आदि जगहों पर हुए घटनाक्रमों में मुकदमे दर्ज होते चले गए। मुकदमे दर्ज होने का अंतिम दौर ऊपरकोट बवाल रहा। इनमें से एएमयू मुख्य बवाल के दो मुकदमों की विवेचना एसआईटी को दी गई और ऊपरकोट बवाल के मुख्य मुकदमों की विवेचना एसआईटी को दी गई।
बाकी की विवेचना थानों में ही चल रही है। इनमें से एएमयू बवाल के मुकदमों में एसआईटी चार्जशीट लगा चुकी है। बाकी में भी यही तैयारी चल रही है। चूंकि अब मुकदमों पर निर्णय लेने का समय नजदीक आता जा रहा है, जिनमें लोग जेल भेजे गए हैं। इसलिए उनमें जल्द से जल्द चार्जशीट दायर करने की तैयारी है। वहीं जिनमें गिरफ्तारियां नहीं हुई हैं, उनमें जिन लोगों के गैर जमानती वारंट या 82/83 की कार्रवाई हो गई थी। उनमें भी जल्द चार्जशीट के निर्देश दिए गए हैं। जिनकी विवेचना लंबित पड़ी थीं, उनको भी निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
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तारिक की हत्या में भाजपा नेता विनय पर 302 का रिमांड बना
ऊपरकोट पर 23 फरवरी को हुए बवाल के दौरान बाबरी मंडी में सांप्रदायिक टकराव में मारे गए मो.तारिक की हत्या के मुख्य आरोपी युवा भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय पर पुलिस ने धारा 302 का रिमांड बनवाकर अदालत में दाखिल करा दिया है। साथ में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये एटा जेल से विनय की रिमांड पेशी कराई गई। हालांकि यह तारिक की मृत्यु के बाद ही तय हो गया था। मगर तभी लॉकडाउन लगने के कारण इस काम में देरी हुई है। उम्मीद है कि जल्द इस मुकदमे में चार्जशीट दायर कर दी जाएगी। जो दो आरोपी शेष हैं, अगर वह हाजिर नहीं हुएतो उनके खिलाफ पुलिस कुर्की की प्रक्रिया शुरू करेगी।
घटना के दिन तारिक गोली से जख्मी हुआ था और मुकदमा 307 में दर्ज हुआ था। 307 में ही विनय को जेल भेजा गया और एटा जेल शिफ्ट कर दिया गया। बाद में तारिक की मौत हो गई। मुकदमा 302 में तरमीम तो कर दिया गया। मगर विनय को एटा से यहां अदालत में तलब कराकर 302 का रिमांड बनवाने की प्रक्रिया होती, तब तक लॉकडाउन लग गया। इसके चलते यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। के अनुसार अब आकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये विनय पर 302 का रिमांड बनवाया गया है। जल्द चार्जशीट तैयार कराई जा रही है। वहीं शेष आरोपियों पर कुर्की आदि की प्रक्रिया होगी।
-सीएए-एनआरसी विरोधी सभी मुकदमों में विवेचना तेजी से कराकर जल्द चार्जशीट दायर कराने की तैयारी है। विवेचकों को निर्देशित किया गया है। वहीं तारिक की हत्या में विनय वार्ष्णेय पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये 302 का रिमांड बनवाकर अदालत में दाखिल करा दिया गया है। इस मुकदमें में भी जल्द चार्जशीट की तैयारी है।
-मुनिराज जी एसएसपी
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9 दिसंबर को एएमयू कैंपस में सीएए-एनआरसी विरोधी धरने की शुरुआत के दिन से शहर में आए भूचाल से जुड़े 47 मुकदमों के भविष्य को लेकर फैसले की घड़ी नजदीक आती जा रही है। 14 दिसंबर की रात एएमयू में बवाल से लेकर 23 फरवरी को ऊपरकोट पर उपद्रव तक चले घटनाक्रम में शहर के अलग-अलग थानों में यह मुकदमे दर्ज हुए। इनकी विवेचना अब तेज करा दी गई है और जल्द मुकदमों को निस्तारित कर चार्जशीट लगाने के निर्देश जारी हुए हैं। सभी मुकदमे पुलिस की ओर से दर्ज हैं, इसलिए यह उम्मीद बेहद कम है कि किसी मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगेगी। सभी में चार्जशीट जाना तय माना जा रहा है। इसे लेकर बाकायदा एसएसपी ने सभी विवेचकों को निर्देश जारी किए हैं।
एएमयू में 14 दिसंबर को हुए बवाल से पहले दो मुकदमे सिविल लाइंस में दर्ज हुए थे। बवाल की रात दो और फिर अगले दिन से शहर भर में शुरू हुआ घटनाक्रमों के बीच जमालपुर, शाहजमाल, ऊपरकोट, जीवनगढ़, दोदपुर आदि जगहों पर हुए घटनाक्रमों में मुकदमे दर्ज होते चले गए। मुकदमे दर्ज होने का अंतिम दौर ऊपरकोट बवाल रहा। इनमें से एएमयू मुख्य बवाल के दो मुकदमों की विवेचना एसआईटी को दी गई और ऊपरकोट बवाल के मुख्य मुकदमों की विवेचना एसआईटी को दी गई।
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बाकी की विवेचना थानों में ही चल रही है। इनमें से एएमयू बवाल के मुकदमों में एसआईटी चार्जशीट लगा चुकी है। बाकी में भी यही तैयारी चल रही है। चूंकि अब मुकदमों पर निर्णय लेने का समय नजदीक आता जा रहा है, जिनमें लोग जेल भेजे गए हैं। इसलिए उनमें जल्द से जल्द चार्जशीट दायर करने की तैयारी है। वहीं जिनमें गिरफ्तारियां नहीं हुई हैं, उनमें जिन लोगों के गैर जमानती वारंट या 82/83 की कार्रवाई हो गई थी। उनमें भी जल्द चार्जशीट के निर्देश दिए गए हैं। जिनकी विवेचना लंबित पड़ी थीं, उनको भी निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं।
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तारिक की हत्या में भाजपा नेता विनय पर 302 का रिमांड बना
ऊपरकोट पर 23 फरवरी को हुए बवाल के दौरान बाबरी मंडी में सांप्रदायिक टकराव में मारे गए मो.तारिक की हत्या के मुख्य आरोपी युवा भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय पर पुलिस ने धारा 302 का रिमांड बनवाकर अदालत में दाखिल करा दिया है। साथ में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये एटा जेल से विनय की रिमांड पेशी कराई गई। हालांकि यह तारिक की मृत्यु के बाद ही तय हो गया था। मगर तभी लॉकडाउन लगने के कारण इस काम में देरी हुई है। उम्मीद है कि जल्द इस मुकदमे में चार्जशीट दायर कर दी जाएगी। जो दो आरोपी शेष हैं, अगर वह हाजिर नहीं हुएतो उनके खिलाफ पुलिस कुर्की की प्रक्रिया शुरू करेगी।
घटना के दिन तारिक गोली से जख्मी हुआ था और मुकदमा 307 में दर्ज हुआ था। 307 में ही विनय को जेल भेजा गया और एटा जेल शिफ्ट कर दिया गया। बाद में तारिक की मौत हो गई। मुकदमा 302 में तरमीम तो कर दिया गया। मगर विनय को एटा से यहां अदालत में तलब कराकर 302 का रिमांड बनवाने की प्रक्रिया होती, तब तक लॉकडाउन लग गया। इसके चलते यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। के अनुसार अब आकर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये विनय पर 302 का रिमांड बनवाया गया है। जल्द चार्जशीट तैयार कराई जा रही है। वहीं शेष आरोपियों पर कुर्की आदि की प्रक्रिया होगी।
-सीएए-एनआरसी विरोधी सभी मुकदमों में विवेचना तेजी से कराकर जल्द चार्जशीट दायर कराने की तैयारी है। विवेचकों को निर्देशित किया गया है। वहीं तारिक की हत्या में विनय वार्ष्णेय पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये 302 का रिमांड बनवाकर अदालत में दाखिल करा दिया गया है। इस मुकदमें में भी जल्द चार्जशीट की तैयारी है।
-मुनिराज जी एसएसपी