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शराब के लेनदेन में भाजपा कार्यालय में मारपीट
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Tue, 04 Oct 2016 01:35 AM IST
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शराब के लेनदेन में भाजपा कार्यालय में मारपीट
- फोटो : अमर उजाला
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डेढ़ लाख रुपये की शराब के लेनदेन के प्रकरण में भाजपा के बारहद्वारी स्थित कार्यालय में पहले जमकर गाली-गलौज हुई और उसके बाद खूब जूते-लात चले । वरिष्ठ नेता संजीव राजा ने बमुश्किल कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने वाले दोनों पक्षों को अलग-अलग किया।
मामला डेढ़ लाख रुपये के लेन देन का बताया गया है, जो हरियाणा की तस्करी वाली शराब मंगवाने के लिए दिए गए थे। शराब तो आ नहीं पाई तो पैसों की वसूली शुरू हुई। पैसे देने वाले पक्ष का आरोप है कि तकरीबन एक साल से वसूली कर रहे थे, लेकिन पैसे लेकर गायब रहने वाला दूसरा पक्ष हर बार बहाना बना कर भाग जाता है। अब मिला तो इसे छोड़ेंगे नहीं। वहीं पैसे लेने वाले दूसरे पक्ष का कहना था कि इस रकम में काफी हिस्सा दिया जा चुका है अब उससे जबरन वसूली की जा रही है।
दरअसल, सोमवार की शाम साढ़े तीन बजे पैसे देने वाले बस स्टैंड के गुट को भनक लगी कि पैसे लेने वाला दूसरा सराय हकीम वाला गुट बारहद्वारी के पास है। थोड़ी देर में बस स्टैंड गुट के लोग बारहद्वारी आ धमके। उनको देख कर सराय हकीम गुट के लोग भाजपा कार्यालय में शरण लेने पहुंच गए तो बस स्टैंड का गुट भी कार्यालय पहुंच गया। पहले कहासुनी हुई और कार्यालय से नीचे आने को कहा, जब बात नहीं बनी तो वहीं पर गाली-गलौज और मारपीट होने लगी।
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दोनों पक्षों में जमकर गाली-गलौज और मारपीट हुई। इस बीच भाजपा नेता बहुत देर तक समझ नहीं पाए कि हंगामा करने वाले भाजपाई हैं या कोई और..? जब उन्हें यकीन हो गया कि दोनों पक्षों में कोई भाजपा सदस्य नहीं है तो उन्होंने बीचबचाव कर दोनों पक्षों को डांटा फटकारा और उन्हें भगाया। ये मारपीट उसी दौरान हुई जब पूर्व सपा नेता सुशील मित्तल भाजपा की सदस्यता ले रहे थे।
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मामला डेढ़ लाख रुपये के लेन देन का बताया गया है, जो हरियाणा की तस्करी वाली शराब मंगवाने के लिए दिए गए थे। शराब तो आ नहीं पाई तो पैसों की वसूली शुरू हुई। पैसे देने वाले पक्ष का आरोप है कि तकरीबन एक साल से वसूली कर रहे थे, लेकिन पैसे लेकर गायब रहने वाला दूसरा पक्ष हर बार बहाना बना कर भाग जाता है। अब मिला तो इसे छोड़ेंगे नहीं। वहीं पैसे लेने वाले दूसरे पक्ष का कहना था कि इस रकम में काफी हिस्सा दिया जा चुका है अब उससे जबरन वसूली की जा रही है।
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दरअसल, सोमवार की शाम साढ़े तीन बजे पैसे देने वाले बस स्टैंड के गुट को भनक लगी कि पैसे लेने वाला दूसरा सराय हकीम वाला गुट बारहद्वारी के पास है। थोड़ी देर में बस स्टैंड गुट के लोग बारहद्वारी आ धमके। उनको देख कर सराय हकीम गुट के लोग भाजपा कार्यालय में शरण लेने पहुंच गए तो बस स्टैंड का गुट भी कार्यालय पहुंच गया। पहले कहासुनी हुई और कार्यालय से नीचे आने को कहा, जब बात नहीं बनी तो वहीं पर गाली-गलौज और मारपीट होने लगी।
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दोनों पक्षों में जमकर गाली-गलौज और मारपीट हुई। इस बीच भाजपा नेता बहुत देर तक समझ नहीं पाए कि हंगामा करने वाले भाजपाई हैं या कोई और..? जब उन्हें यकीन हो गया कि दोनों पक्षों में कोई भाजपा सदस्य नहीं है तो उन्होंने बीचबचाव कर दोनों पक्षों को डांटा फटकारा और उन्हें भगाया। ये मारपीट उसी दौरान हुई जब पूर्व सपा नेता सुशील मित्तल भाजपा की सदस्यता ले रहे थे।