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ईदगाह में नहीं होगी बकरीद की नमाज, मस्जिदों में सिर्फ 50 नमाजियों की अनुमति
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कोरोना गाइडलाइन के चलते बीते वर्ष की तरह इस बार भी बकरीद की नमाज ईदगाह में नहीं होगी। मस्जिदों में 50 नमाजियों की ही अनुमति रहेगी। बकरीद, श्रावण मास समेत अन्य आगामी त्योहारों के मद्देनजर शनिवार को शांति समिति की बैठक में यह सहमति बनी। हिंदू धर्मगुरुओं ने आश्वस्त किया कि कोरोना को देखते हुए वह इस बार कांवड़ यात्रा का आयोजन नहीं करेंगे।
कलक्ट्रेट परिसर के सभागार में हुई बैठक में डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा सभी धार्मिक स्थल पूजा-पाठ के लिए इस शर्त के साथ खोले गए हैं कि कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए 50 से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर एकत्रित नहीं होंगे। जीवन है तो आस्था है, यदि जीवन ही नहीं रहेगा तो आस्था कैसे रह सकती है। इस आपदा के समय सभी से अपेक्षा है कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घरों में रहकर ही बकरीद का त्योहार मनाएं और घर में ही नमाज पढ़ें। सिर्फ 50 लोग ही मस्जिद में नमाज के लिए मान्य होंगे। ईदगाह में नमाज का आयोजन नहीं होगा। इसके पीछे तर्क है कि अगर वहां पर नमाज की अनुमति दी जाती है तो भीड़ को संभालना संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में कोविड नियमों का टूटना तय है। शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने बताया कि कोरोना प्रोटोकॉल के चलते 50 लोगों की पाबंदी है। लिहाजा, लोग ईद-उल-अजहा की नमाज अपने-अपने इलाके की मस्जिदों में ही पढ़ें।
इधर, हिंदू धर्मगुरुओं से श्रावण मास में शिवालयों में जलाभिषेक और कांवड़ यात्रा को लेकर चर्चा हुई। तय हुआ कि शिवालयों में 50 से अधिक लोगों की भीड़ नहीं जुटेगी। मेलों का आयोजन नहीं होगा। हिंदू धर्मगुरुओं ने कांवड़ यात्रा को लेकर आश्वस्त किया कि वह इस बार इसका आयोजन नहीं करेंगे। डीएम ने सभी मजिस्ट्रेट एवं पुलिस क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक करें।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने कहा कि जिला एवं पुलिस प्रशासन सभी की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता है, परंतु जान है तो जहान है। यदि हम स्वस्थ रहेंगे तो धार्मिक आयोजनों में अच्छे से शिरकत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आकस्मिक घटना की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 112 अथवा एंटी क्राइम नंबर 9454402817 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। बैठक में धर्मगुरुओं में बृजेश शास्त्री, गुलजार अहमद, महंत योगी कौशल नाथ व अन्य सहित एडीएम प्रशासन डीपी पाल, सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह, एसपी सिटी कुलदीप सिंह, समस्त एसडीएम व पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
त्योहारों पर रहे साफ-सफाई एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति : डीएम
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने निर्देशित किया कि त्योहारों से पूर्व सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं, सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए कार्य करें। महापौर मोहम्मद फुरकान ने निर्देशित किया कि आगामी त्योहारों के दृष्टिगत साफ-सफाई, विद्युत एवं जल आपूर्ति और खराब सड़कों की मरम्मत करा ली जाए। नगर आयुक्त प्रेम रंजन ने वार्डवार ड्यूटी रोस्टर के बारे में जानकारी दी और बताया कि स्थानीय पार्षद की मदद से साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
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कलक्ट्रेट परिसर के सभागार में हुई बैठक में डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा सभी धार्मिक स्थल पूजा-पाठ के लिए इस शर्त के साथ खोले गए हैं कि कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए 50 से अधिक व्यक्ति एक स्थान पर एकत्रित नहीं होंगे। जीवन है तो आस्था है, यदि जीवन ही नहीं रहेगा तो आस्था कैसे रह सकती है। इस आपदा के समय सभी से अपेक्षा है कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घरों में रहकर ही बकरीद का त्योहार मनाएं और घर में ही नमाज पढ़ें। सिर्फ 50 लोग ही मस्जिद में नमाज के लिए मान्य होंगे। ईदगाह में नमाज का आयोजन नहीं होगा। इसके पीछे तर्क है कि अगर वहां पर नमाज की अनुमति दी जाती है तो भीड़ को संभालना संभव नहीं हो पाएगा। ऐसे में कोविड नियमों का टूटना तय है। शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने बताया कि कोरोना प्रोटोकॉल के चलते 50 लोगों की पाबंदी है। लिहाजा, लोग ईद-उल-अजहा की नमाज अपने-अपने इलाके की मस्जिदों में ही पढ़ें।
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इधर, हिंदू धर्मगुरुओं से श्रावण मास में शिवालयों में जलाभिषेक और कांवड़ यात्रा को लेकर चर्चा हुई। तय हुआ कि शिवालयों में 50 से अधिक लोगों की भीड़ नहीं जुटेगी। मेलों का आयोजन नहीं होगा। हिंदू धर्मगुरुओं ने कांवड़ यात्रा को लेकर आश्वस्त किया कि वह इस बार इसका आयोजन नहीं करेंगे। डीएम ने सभी मजिस्ट्रेट एवं पुलिस क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक करें।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने कहा कि जिला एवं पुलिस प्रशासन सभी की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करता है, परंतु जान है तो जहान है। यदि हम स्वस्थ रहेंगे तो धार्मिक आयोजनों में अच्छे से शिरकत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी आकस्मिक घटना की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 112 अथवा एंटी क्राइम नंबर 9454402817 पर सूचना दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। बैठक में धर्मगुरुओं में बृजेश शास्त्री, गुलजार अहमद, महंत योगी कौशल नाथ व अन्य सहित एडीएम प्रशासन डीपी पाल, सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह, एसपी सिटी कुलदीप सिंह, समस्त एसडीएम व पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
त्योहारों पर रहे साफ-सफाई एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति : डीएम
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने निर्देशित किया कि त्योहारों से पूर्व सभी प्रकार की तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं, सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए कार्य करें। महापौर मोहम्मद फुरकान ने निर्देशित किया कि आगामी त्योहारों के दृष्टिगत साफ-सफाई, विद्युत एवं जल आपूर्ति और खराब सड़कों की मरम्मत करा ली जाए। नगर आयुक्त प्रेम रंजन ने वार्डवार ड्यूटी रोस्टर के बारे में जानकारी दी और बताया कि स्थानीय पार्षद की मदद से साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।