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परिपक्व बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी में जमानत खारिज
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साइबर ठगी के बड़े गिरोह को एडीजे-विशेष न्यायाधीश एससीएसटी अशोक कुमार दशम के न्यायालय से तगड़ा झटका लगा है। गाजियाबाद के वैशाली से संचालित एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी की बीमा पॉलिसी परिपक्व होने के बाद ग्राहकों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों की जमानत खारिज की गई है। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इस गिरोह के सदस्यों का अपराध जमानत देने योग्य नहीं है।
वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी सुशील कुमार सिंह के अनुसार 29 दिसंबर 2020 को रेलवे मुरादाबाद के इंजीनियर अतर सिंह निवासी रेलवे स्टेशन कॉलोनी सिविल लाइंस ने खुद के साथ 1 लाख 80 हजार 999 रुपये की ठगी का मुकदमा साइबर थाने में दर्ज कराया। जिसमें उन्होंने बताया कि था कि उनकी परिपक्व बीमा पॉलिसी का भुगतान शेष रहने का लालच देकर रकम ऐंठी गई थी।
इस मामले में 26 फरवरी को संदीप गुप्ता निवासी सेक्टर-2 वैशाली गाजियाबाद मूल निवासी बांदा, तारिक निवासी त्रिलोकपुरी ईस्ट दिल्ली मूल निवासी देहलीगेट मेरठ, हिमांशु शेखर निवासी सेक्टर 2 वैशाली गाजियाबाद मूल निवासी मधुबनी बिहार व अदनान अख्तर निवासी श्रीराम कॉलोनी राजीव नगर दिल्ली मूल निवासी सरधना मेरठ को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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इस मामले में संदीप गुप्ता, हिमांशु शेखर व अदनान अख्तर की ओर से जमानत अर्जी दायर की गई, जिसे न्यायालय ने इस दलील के साथ खारिज कर दिया है कि ये साइबर ठगी कर गंभीर प्रकृति का अपराध कर रहे हैं। इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती।
फर्जी पेटीएम वॉयलेट से ठगी में भी जमानत खारिज
एडीजे प्रथम शाहिद रजा के न्यायालय से फर्जी पेटीएम वॉयलेट बनाकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मो.अफाक अंसारी निवासी मोहल्ला कुरैशी अमरोहा की जमानत खारिज की गई है। यह जानकारी एडीजीसी अमर सिंह तोमर ने दी है। बता दें कि इस गिरोह के सरगना के खिलाफ साइबर थाना पुलिस पूर्व में चार्जशीट दायर कर चुकी है।
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वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी सुशील कुमार सिंह के अनुसार 29 दिसंबर 2020 को रेलवे मुरादाबाद के इंजीनियर अतर सिंह निवासी रेलवे स्टेशन कॉलोनी सिविल लाइंस ने खुद के साथ 1 लाख 80 हजार 999 रुपये की ठगी का मुकदमा साइबर थाने में दर्ज कराया। जिसमें उन्होंने बताया कि था कि उनकी परिपक्व बीमा पॉलिसी का भुगतान शेष रहने का लालच देकर रकम ऐंठी गई थी।
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इस मामले में 26 फरवरी को संदीप गुप्ता निवासी सेक्टर-2 वैशाली गाजियाबाद मूल निवासी बांदा, तारिक निवासी त्रिलोकपुरी ईस्ट दिल्ली मूल निवासी देहलीगेट मेरठ, हिमांशु शेखर निवासी सेक्टर 2 वैशाली गाजियाबाद मूल निवासी मधुबनी बिहार व अदनान अख्तर निवासी श्रीराम कॉलोनी राजीव नगर दिल्ली मूल निवासी सरधना मेरठ को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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इस मामले में संदीप गुप्ता, हिमांशु शेखर व अदनान अख्तर की ओर से जमानत अर्जी दायर की गई, जिसे न्यायालय ने इस दलील के साथ खारिज कर दिया है कि ये साइबर ठगी कर गंभीर प्रकृति का अपराध कर रहे हैं। इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती।
फर्जी पेटीएम वॉयलेट से ठगी में भी जमानत खारिज
एडीजे प्रथम शाहिद रजा के न्यायालय से फर्जी पेटीएम वॉयलेट बनाकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह के मो.अफाक अंसारी निवासी मोहल्ला कुरैशी अमरोहा की जमानत खारिज की गई है। यह जानकारी एडीजीसी अमर सिंह तोमर ने दी है। बता दें कि इस गिरोह के सरगना के खिलाफ साइबर थाना पुलिस पूर्व में चार्जशीट दायर कर चुकी है।