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एएमयू के पूर्व वीसी अजीज से हुई रिकवरी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jun 2016 02:02 AM IST
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पीके अब्दुल अजीज
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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सीबीआई जांच के शिकंजे में फंसे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पीके अब्दुल अजीज से आखिरकार रिकवरी हो गई। हालांकि कितनी राशि की रिकवरी हुई है, इसका खुलासा विश्वविद्यालय प्रशासन ने नहीं किया है।
अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में एएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. पीके अब्दुल अजीज सीबीआई जांच में फंसे थे। 2007 से 2012 के बीच वीसी लॉज के लिए एएमयू गेस्ट हाउस में खाने-पीने के सामान खरीदे गए थे। इसमें पूर्व कुलपति पर करीब 5 लाख 16 हजार 395 रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगे थे। इसके साथ ही टीए क्लेम के रूप में 81 हजार 654 रुपये, एलटीसी क्लेम के रूप में 93 हजार 53 रुपये और आईआईसी नई दिल्ली में ठहरने के लिए यूनिवर्सिटी से 7 हजार 358 रुपये लेने का आरोप लगा था। बाद में इसकी गूंज दिल्ली तक पहुंची थी और सरकार ने सीबीआई जांच बैठा दी थी। सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टी करते हुए रिकवरी की संस्तुति की थी। एएमयू जनसंपर्क विभाग के एमआईसी डॉ. राहत अबरार ने पूर्व कुलपति से रिकवरी की पुष्टि की है। हालांकि यह नहीं बता पाए कि पूर्व कुलपति से कितने रुपये की वसूली हुई है। कोशिश के बावजूद एएमयू के फाइनेंस आफिसर से बात नहीं हो सकी। चर्चा है कि रिकवरी की राशि लाखों में है।
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अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में एएमयू के पूर्व कुलपति प्रो. पीके अब्दुल अजीज सीबीआई जांच में फंसे थे। 2007 से 2012 के बीच वीसी लॉज के लिए एएमयू गेस्ट हाउस में खाने-पीने के सामान खरीदे गए थे। इसमें पूर्व कुलपति पर करीब 5 लाख 16 हजार 395 रुपये की गड़बड़ी का आरोप लगे थे। इसके साथ ही टीए क्लेम के रूप में 81 हजार 654 रुपये, एलटीसी क्लेम के रूप में 93 हजार 53 रुपये और आईआईसी नई दिल्ली में ठहरने के लिए यूनिवर्सिटी से 7 हजार 358 रुपये लेने का आरोप लगा था। बाद में इसकी गूंज दिल्ली तक पहुंची थी और सरकार ने सीबीआई जांच बैठा दी थी। सीबीआई ने अपनी जांच रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टी करते हुए रिकवरी की संस्तुति की थी। एएमयू जनसंपर्क विभाग के एमआईसी डॉ. राहत अबरार ने पूर्व कुलपति से रिकवरी की पुष्टि की है। हालांकि यह नहीं बता पाए कि पूर्व कुलपति से कितने रुपये की वसूली हुई है। कोशिश के बावजूद एएमयू के फाइनेंस आफिसर से बात नहीं हो सकी। चर्चा है कि रिकवरी की राशि लाखों में है।
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