अलीगढ़: कंपनी के पार्टनर के नाम पर बैंक से 41.75 लाख की ठगी का प्रयास, शाखा प्रबंधक की सूझबूझ से बच गई रकम
किसी ठग ने कंपनी के नाम का फर्जी लेटरहेड बनाकर उस पर उनके डिजिटल हस्ताक्षर को कॉपी करके रसिक टावर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक मनीष सागर को व्हाट्सएप पर भेजा। इसके बाद ठग ने प्रबंधक को कॉल करके दो अलग-अलग खातों में 19,96,901 तथा 21,79,096 रुपये आरटीजीएस करने का आग्रह किया।
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हरदुआगंज स्विच तालानगरी के रसिक इंफ्रा कंस्ट्रक्शन के फर्जी लेटरहेड पर खुद को कंपनी का पार्टनर दिखाते हुए एक शातिर ने बैंक से 41.75 लाख रुपये अपने खाते में मंगाने की कोशिश की। बैंक शाखा प्रबंधक को शक हुआ तो उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए पड़ताल की, जिससे ठगी की कोशिश विफल हो गई। इस मामले में कंपनी के असली पार्टनर बांकेबिहारी बंसल ने पुलिस में तहरीर देकर ठग के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए कार्रवाई की मांग की है।
तहरीर के अनुसार, रामघाट रोड स्थित गंगा जवाहर कॉलोनी निवासी बांके बिहारी बंसल तालानगरी स्थित रसिक इंफ्रा कंस्ट्रक्शन के पार्टनर हैं। उन्होंने बताया नौ सितंबर को किसी ठग ने कंपनी के नाम का फर्जी लेटरहेड बनाकर उसपर उनके डिजिटल हस्ताक्षर को कॉपी करके रसिक टावर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक मनीष सागर को व्हाट्सएप पर भेजा। इसके बाद ठग ने प्रबंधक को कॉल करके दो अलग-अलग खातों में 19,96,901 तथा 21,79,096 रुपये आरटीजीएस करने का आग्रह किया।
प्रबंधक को शक हुआ तो उन्होंने ठग से किसी कर्मचारी के जरिये मूल लेटर बैंक भेजने के लिए कहा। ये भी पूछा कि कौन कर्मचारी लेटर लेकर आएगा। ठग ने जो नाम बताया वह प्रबंधक के लिए नया था क्योंकि कंपनी से आने वाले सभी कर्मचारियों को वह जानते थे। प्रबंधक ने ठग से और पूछताछ की तो उनसे खुद बैंक आने की बात कहते हुए कॉल काट दिया। प्रबंधक ने तुरंत बांकेबिहारी बंसल के निजी नंबर पर फोन किया तो सच सामने आ गया।
पुलिस को सौंपे गए साक्ष्य
बांकेबिहारी बंसल ने बताया कि प्रबंधक की मदद से पुलिस को साक्ष्य के तौर पर उनके फर्जी हस्ताक्षर वाला फर्जी लेटरहेड, ठग का मोबाइल नंबर, कॉल रिकार्डिंग आदि सौंप दिए हैं। कंपनी के सीएमडी राजेश मित्तल, धर्मेंद्र सिंह बंटू व ऋषभ मित्तल ने बैंक शाखा प्रबंधक की सूझबूझ के लिए उनकी सराहना की।
रसिक इंफ्रा के पार्टनर की ओर से लिखित शिकायत मिली है। उनकी ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की जांच की जा रही है। आरोपी के मोबाइल नंबर और उसकी ओर से दिए गए बैंक खातों का विवरण खंगाला जा रहा है। आरोपों की पुष्टि होने पर कार्रवाई की जाएगी। -अनिवेश कुमार, सीओ