जहरीली शराब कांड: दो आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट जारी, निर्णय की दहलीज पर दो मुकदमे, 100 से ज्यादा हुईं मौत
अलीगढ़ जिले में 27 मई 2021 की देर शाम लोधा के गांव करसुआ से जहरीली शराब कांड की नींव रखी गई। सुबह होते होते जहरीली शराब ने जिले में मौत का तांडव मचाना शुरू कर दिया। पोस्टमार्टम के अनुसार जरूर जिले भर में एक सप्ताह में मौतों की संख्या 106 रही, मगर 126 से अधिक मौतें जिले में हुईं।
विस्तार
देश-प्रदेश में लंबे समय तक सुर्खियों में रहे अलीगढ़ जिले के बहुचर्चित जहरीली शराब कांड के तीन मुकदमे निर्णय की दहलीज पर पहुंच गए हैं। 6 अप्रैल को दो मुकदमों में निर्णय की स्थिति बनी। मगर आरोपियों के गैर हाजिर होने के चलते अदालत ने दोनों आरोपियों के गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए। अब पुलिस को 9 अप्रैल को हर हाल में इनको हाजिर करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं एक अन्य मुकदमे में 8 अप्रैल की तारीख लगा कर दोनों आरोपियों को तलब किया है। बता दें कि शराब कांड के सभी चिह्नित 29 मुकदमों का ट्रायल एडीजे-आठ अशोक भारतेंदु की अदालत में चल रहा है।
ये हुई तीनों मुकदमों में प्रक्रिया
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार लोधा थाने के दो मुकदमे जिनमें से एक में पवन उर्फ पिंटू निवासी जिरौली डोर व दूसरे में धर्मेंद्र निवासी जिरौली डोर आरोपी हैं। दोनों मुकदमों में आरोपियों से अवैध शराब, गुड इवनिंग ब्रांड के रेपर, ढक्कन आदि बरामद होने का आरोप है। ये गिरफ्तारी घटना के बाद नौ जून 2021 को हुई थी। दोनों मुकदमों का ट्रायल पूरा हो चुका है। शनिवार को निर्णय की तैयारी थी। मगर दोनों आरोपियों के गैर हाजिर होने के चलते अदालत ने गिरफ्तारी आदेश जारी करते हुए वारंट जारी कर दिए और मंगलवार की नौ अप्रैल तारीख नियत कर दी।
एडीजीसी के अनुसार पुलिस को इन्हें 9 अप्रैल को पेश करने के आदेश दिए हैं। इसी तरह तीसरा मुकदमा जवां का है, जिसमें 1 जून 2021 को जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल घोषित शराब माफिया मुनीष शर्मा निवासी जवां व उनके भांजे बुलंदशहर निवासी आकाश की गिरफ्तारी हुई थी। इनसे भी अवैध शराब, ढक्कन, सील, रेपर, स्कार्पियो कार आदि बरामद हुई थी। इस मुकदमे में दोनों आरोपी अदालत में हाजिर हुए। जिसमें अदालत ने सोमवार की तारीख लगाते हुए दोनों को फिर से तलब किया है। बता दें कि मुनीष पर इस कांड में रासुका तक की कार्रवाई हुई थी।
ये था जहरीली शराब कांड
अलीगढ़ जिले में 27 मई 2021 की देर शाम लोधा के गांव करसुआ से जहरीली शराब कांड की नींव रखी गई। सुबह होते होते जहरीली शराब ने जिले में मौत का तांडव मचाना शुरू कर दिया। पोस्टमार्टम के अनुसार जरूर जिले भर में एक सप्ताह में मौतों की संख्या 106 रही, मगर 126 से अधिक मौतें जिले में हुईं। कुछ मौतें ऐसी थीं, जिनके शवों के पोस्टमार्टम नहीं हुए।
इस कांड में कुल 33 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 29 चिह्नित मुकदमों की सुनवाई एडीजे-आठ की अदालत में चल रही है। जिनमें से कुछ गवाही में और कुछ गवाही पूरी होने के बाद बहस व निर्णय आदि की स्थिति में हैं। इन सभी मुकदमों में डीजीसी चौ.जितेंद्र सिंह, एडीजीसी अमर सिंह तोमर, कुलदीप तोमर, जेपी राजपूत व सुधांशु अग्रवाल अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे हैं। सोमवार या मंगलवार को इन मुकदमों में निर्णय आता है तो यह इस कांड के पहले मुकदमे होंगे, जिनमें निर्णय होगा।
खास बातें
- 33 मुकदमे इस कांड में दर्ज हुए
- 29 चिह्नित मुकदमे एक ही कोर्ट में
- 88 आरोपी इस कांड में जेल भेजे
- 12 लोगों को माफिया किया गया दर्ज
- 80 लोगों की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई
- 74 लोगों पर गैंगस्टर में कार्रवाई की गई
- 75 करोड़ से अधिक की संपत्ति भी जब्त
- 82 दुकानों के लाइसेंस भी निरस्त किए
- 3 बड़ी व कई शराब फैक्टरी जब्त
- इस कांड में गांव करसुआ, रायट, अंडला, जवां, हैवतपुर, फतेह नगरिया, नंदपुर पला, पचपेड़ा, सांगोर, कौरह रुस्तमपुर, छेरत, शादीपुर, जट्टारी, रोहेरा, दरकन नगरिया, चंदनिया, धनीपुर, शीशियापाड़ा, महुआखेड़ा आदि में मौतें हुईं।
- इस कांड में जिन 80 आरोपियों को जेल भेजा गया। उनके विषय में प्रदेश स्तर पर आबकारी ने ब्लैक लिस्ट सूची जारी की है। ये सभी लोग अब देश-प्रदेश में कहीं भी आबकारी लाइसेंस आवेदन नहीं कर सकते और न बतौर सेल्समैन नौकरी कर सकते हैं।