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अपराजिताः बहुत हुई तारीख पर तारीख... अब दी जाए दुष्कर्मियों को फांसी

Wed, 05 Feb 2020 02:12 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Feb 2020 02:12 AM IST
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Aparajita Aligarh
तालानगरी स्थित अमर उजाला कार्यालय पर अपराजिता के तहत आयोजित कार्यक्रम में छात्राएं। - फोटो : CITY OFFICE
निर्भया के साथ दुष्कर्म करने वालों को हर हाल में फांसी दी जानी चाहिए। उन्हें दुनिया में जीने का हक नहीं है। फांसी की सजा मुकर्रर होने के बाद भी दुष्कर्मियों की तरफ से बार-बार दया याचिका दाखिल की जा रही है। बार-बार फांसी टलने से उनका हौसला बढ़ रहा है। उनमें सजा से बचने की आशा जग रही है, जो स्वस्थ समाज के लिए शुभ संकेत नहीं है। उनकी मदद करने वाले भी बेनकाब होने चाहिए। ऐसा कहना था छात्राओं का। वह मंगलवार को अमर उजाला कार्यालय, तालानगरी में अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत निर्भया कांड पर आयोजित परिचर्चा में हिस्सा ले रही थीं। सभी ने सख्त लहजे में कहा कि अब बहुत हुआ, तारीख पर तारीख बंद हो, निर्भया के दुष्कर्मियों को सीधे फांसी के फंदे पर लटका देना चाहिए।
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जब अदालत ने दुष्कर्मियों को फांसी की सजा सुना दी दी, तो फिर दोषियों की फांसी बार-बार क्यों टल रही है। इससे ऐसी मानसिकता रखने वाले लोगों का हौसला बढ़ेगा। इसलिए दोषियों को फौरन फांसी दे दी जानी चाहिए। - अंबिका माथुर, छात्रा
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दुष्कर्मियों की पैरवी करने वाले चंद रुपये के चलते अपना जमीर बेच रहे हैं। अब रावण का पुतला का दहन नहीं होना चाहिए, क्योंकि उसका कृत्य निर्भया के दोषियों से काफी कम था। - ज्योति चौधरी, छात्रा
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निर्भया के साथ बर्बरता करने वालों को सरेआम बीच सड़क पर फांसी पर लटका देना चाहिए, ताकि दूषित मानसिकता के लोगों को ऐसा घिनौना कृत्य करने से पहले सौ बार सोचना पड़े। - दीपिका, छात्रा
निर्भया के साथ दुष्कर्म करने वालों को जल्द से जल्द फांसी दी जानी चाहिए। साथ ही इनको गोली मार देनी चाहिए। दुष्कर्मियों को अब ज्यादा रियायत देने की जरूरत नहीं है। - पारुल, छात्रा
हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक के साथ हैवानियत करने वालों का एनकाउंटर कर दिया गया, तो निर्भया के दुष्कर्मियों को फांसी में इतनी देरी क्यों हो रही है, यह समझ से परे है। -अंजलि छात्रा
निर्भया को इंसाफ मिलना चाहिए। उसके साथ दुष्कर्म करने वाले दुष्कर्मियों को फौरन सजा मिलनी चाहिए। इसमें देरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही बचपन में ही बच्चों में संस्कार के बीज रोपे जाएं। - शिवांगी वार्ष्णेय, छात्रा
निर्भया के दुष्कर्मियों को सजा मिलनी चाहिए। दुष्कर्म के मामले में पहले से ही कठोर सजा निर्धारित होनी चाहिए, ताकि कोई अगर-मगर की स्थिति न बन सके। - राज दीपिका, छात्रा
राष्ट्रपति ने जब दया याचिका खारिज कर दी तो दोषियों को फांसी की सजा मिल जानी चाहिए, पर ऐसा नहीं हुआ। निर्भया की मां के दर्द को समझने की जरूरत है। ऐसे लोगों का केस लेने से वकीलों को भी गुरेज करना चाहिए। -उर्वशी चौधरी, छात्रा
निर्भया के साथ जघन्य अपराध हुए सात साल से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी उसे इंसाफ मिलना बाकी है। इसमें कुछ न कुछ खेल हो रहा है। हर 15 मिनट में एक महिला दुष्कर्म की शिकार हो रही है। -रीनू यादव, छात्रा
निर्भया के साथ हुए जघन्य अपराध से पूरा देश हिल गया था। देशभर में कैंडल मार्च निकालकर दोषियों को फांसी की सजा की मांग की गई। सजा भी हो गई, लेकिन अब टल रही है। इसके पीछे कौन है। वे बेनकाब हों। - राधा चौहान, छात्रा
अगर निर्भय के दुष्कर्मियों को फांसी नहीं मिलेगी तो हर बेटी और मां का कानून से विश्वास उठ जाएगा। हैदराबाद पुलिस ने जिस तत्परता से दुष्कर्मियों का एनकाउंटर कर दिया। वैसे ही फांसी होनी चाहिए। -शालिनी चौधरी, छात्रा
निर्भया के दुष्कर्मियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। फांसी टलने से दुष्कर्मियों का हौसला बढ़ रहा है। साथ ही उनमें बचने की आशा भी जग रही है, जो स्वस्थ समाज के लिए शुभ संकेत नहीं है।

- निशा यादव, छात्रा
संविधान में संशोधन होता है। जाति, धर्म के मामले में कानून बन जाता है, तो दुष्कर्म के मामले में कोई कानून क्यों बनता है। दुष्कर्मी के गुप्तांग काटने या उसे जिंदा जला देने की सजा मिलनी चाहिए। - साधना कुमारी, छात्रा
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