यहां तक पहुंचने का सफर आसान न था: 20 हजार से शुरू की ट्रेडिंग कंपनी, आज 150 करोड़ का है साम्राज्य
अनमोल ने 1987 में अलीगढ़ आकर 20 हजार रुपये से गुप्ता प्लास्टिक नाम से ट्रेडिंग कंपनी शुरू की। 38 साल के इस कारोबारी सफर में उन्होंने अपने व्यापार को आज 150 करोड़ रुपये तक पहुंचाया है। उनके पीवीसी पाइप एनसीआर सहित देश के सात राज्यों में सप्लाई होते हैं।
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मुरादाबाद के एक शिक्षक परिवार से ताल्लुक रखने वाले कारोबारी अनमोल रत्न ने जब 1984 में चंदौसी के एसएम कॉलेज से मास्टर ऑफ कॉमर्स पूरा किया तो अपना व्यापार करने का फैसला किया। अनमोल के पिता स्वर्गीय केशव प्रसाद वार्ष्णेय बहजोई के इंटर कॉलेज में प्रवक्ता थे। परिवार में किसी ने भी व्यापार नहीं किया था। जब अनमोल ने व्यापार की इच्छा जताई तो पिता ने समर्थन नहीं किया।
किसी तरह अनमोल ने 1987 में अलीगढ़ आकर 20 हजार रुपये से गुप्ता प्लास्टिक नाम से ट्रेडिंग कंपनी शुरू की। 38 साल के इस कारोबारी सफर में उन्होंने अपने व्यापार को आज 150 करोड़ रुपये तक पहुंचाया है। उनके पीवीसी पाइप एनसीआर सहित देश के सात राज्यों में सप्लाई होते हैं। यहां तक पहुंचना अनमोल के लिए इतना आसान नहीं था।
ऐसे आया लाइफ में टर्निंग प्वाइंट
1966 में जन्मे अनमोल की प्रारंभिक शिक्षा बहजोई में ही हुई। शिक्षक पिता और मां स्वर्गीय उर्मिला देवी भी चाहते थे कि उनका बेटा अच्छी नौकरी करे। अनमोल ने शुरू से ही व्यापार करना तय किया था। 1984 में जब व्यापार करने की सोची तब देश में तीन या चार कंपनियां ही पीवीसी पाइप बनाती थीं। ट्रेडिंग कंपनी के साथ शुरुआत करके अगले बीस साल उसी को आगे बढ़ाया। इस दौरान कई बड़ी यूनिटें देखीं और काम का अनुभव हुआ। सन 1999 में अपनी कंपनी शुरू करने का फैसला किया। इसी दिशा में आगे बढ़े। सन 2007 में अलीगढ़ के सारसौल में कोनार्क पॉलीट्यूब प्राइवेट लिमिटेड शुरू की। इसके बाद 2015 में एक बड़ी यूनिट पचपेड़ा बरौठ रोड डाली। आज अनमोल का कारोबार बिहार, झारखंड, राजस्थान, एमपी, यूपी, उत्तरांचल एनसीआर में फैला है।
पीवीसी पाइप का कांसेप्ट नया था
अनमोल कहते हैं कि सन 1984 में पीवीसी पाइप का कांसेप्ट नया था। लोग प्लास्टिक का पाइप लगाने में डरते थे कि कहीं टूट न जाए। बाद में इसकी स्वीकार्यता हुई । सही समय पर बाजार में प्रवेश करना उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ।
अगली पीढ़ी को सौंप रहे हैं विरासत
अनमोल के परिवार में पत्नी कुमुद बेटा- मोहित वार्ष्णेय- बहू खुशबू वार्ष्णेय व बेटी डॉ. आस्था वार्ष्णेय है। यह अब उनके कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं। अनमोल कहते हैं कि पूरे उत्तर भारत में कारोबार का विस्तार करने के बाद देश के अन्य हिस्सों में भी कारोबार को विस्तार देने की योजना है।