फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   ANM contract terminated in Aligarh for throwing corona vaccine in dustbin FIR registered

अलीगढ़: कूड़ेदान में कोरोना वैक्सीन फेंकने की आरोपी एएनएम की नौकरी गई, एफआईआर दर्ज

Wed, 02 Jun 2021 10:50 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Wed, 02 Jun 2021 10:50 AM IST
सार

शनिवार को  शिकायत मिली थी कि जमालपुर पीएचसी के कूड़ेदान में कोरोना वायरस से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण की वैक्सीन को फेंक दिया गया है। कुछ लोगों का आरोप था कि केंद्र में इस समय 18 से 44 साल तक के लोगों का टीकाकरण चल रहा है। 

विज्ञापन
ANM contract terminated in Aligarh for throwing corona vaccine in dustbin FIR registered
कोरोना वैक्सीन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अलीगढ़ के जमालपुर पीएचसी में पिछले शनिवार को कोरोना वैक्सीन कूड़ेदान में डालने के मामले में मुख्य आरोपी एएनएम नेहा खान की संविदा समाप्त कर दी गई है। उसके खिलाफ सिविल लाइन थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। 
विज्ञापन


केंद्र प्रभारी को उनके मूल तैनाती स्थल सामुदायिक अस्पताल हरदुआगंज वापस भेज दिया गया है। केंद्र के अन्य डॉक्टर व स्टाफ बदल दिया गया है। प्रभारी के मानदेय में वृद्धि पर दो साल की रोक लगा दी गई है। 
विज्ञापन


बताते चलें कि पिछले शनिवार को  शिकायत मिली थी कि जमालपुर पीएचसी के कूड़ेदान में कोरोना वायरस से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण की वैक्सीन को फेंक दिया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ लोगों का आरोप था कि केंद्र में इस समय 18 से 44 साल तक के लोगों का टीकाकरण चल रहा है। यहां तैनात एएनएम नेहा खान वैक्सीनेशन के दौरान सिरिंज तो चुभाती हैं, लेकिन टीका कूड़ेदान में फेंक देती हैं।

इसकी जानकारी मिलते ही स्वास्थ विभाग में हड़कंप मच गया। सीएमओ के आदेश पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में हुई जांच में एएनएम को दोषी पाया गया। इसके बाद जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में उनकी संविदा समाप्त करने व उनके खिलाफ सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की गई। 
 

शनिवार को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ दुर्गेश कुमार की तहरीर पर एएनएम के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। उनपर जन सामान्य की भावनाओं से खिलवाड़ करने, ड्यूटी में लापरवाही, सरकारी धन की क्षति व महामारी अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बीपी कल्याणी ने बताया कि जांच में सभी आरोप सही पाए गए हैं। मुख्य आरोपी एएनएम नेहा खान की संविदा समाप्त कर दी गई है। अन्य सभी स्टाफ को भी बदल दिया गया है। उन्हें दूसरे अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है।

पीएचसी प्रभारी मूल तैनाती स्थल हरदुआगंज भेजी, दो वर्ष तक वेतन वृद्धि पर रोक
इस बहुचर्चित प्रकरण में पीएचसी जमालपुर प्रभारी व संविदा चिकित्सक डॉ आफरीन जेहरा को उनके मूल तैनाती स्थल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरदुआगंज भेज दिया गया है। उनपर मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को न देने का आरोप है। अन्य स्टाफ भी बदल गया है।

पीएचसी महफूज नगर में तैनात संविदा चिकित्सक डॉ उम्मे एमन को पीएचसी जमालपुर भेजा है। इनके अलावा जमालपुर के फार्मासिस्ट अरविंद कश्यप को पीएचसी जीवनगढ़, स्टाफ नर्स सोनम राजौरिया को पीएचसी महफ़ूज़नगर, स्टाफ नर्स महफ़ूज़नगर रेखा राजपूत को जमालपुर भेजा है। जमालपुर पीएचसी की एएनएम अन्नू को पीएचसी भुजपुरा भेजा है।

क्या था मामला

जमालपुर यूपीएचसी पर 29 कोविड वैक्सीन (कोवाक्सिन) से लोडेड सिरिंज कूड़ेदान में मिली थी। एएनएम द्वारा लाभार्थियों के हाथ में सुई तो चुभोई जाती थी, लेकिन शरीर के अंदर वैक्सीन की डोज नहीं पहुंचाई जा रही थी। सुई चुभोने के बाद लोडेड सिरिंज कूड़ेदान में फेंक देती थी। यही नहीं लाभार्थियों का नाम कोविन पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। केंद्र पर 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को टीका लग रहा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed