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एएमयू छात्र संघ अध्यक्ष ने दी चेतावनी, कहा- 24 घंटे में एफआईआर वापस नहीं तो आंदोलन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Wed, 12 Dec 2018 12:54 AM IST
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एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज
- फोटो : अमर उजाला
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एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज सहित 50 अज्ञात छात्रों पर दर्ज एफआईआर को 24 घंटे के अंदर वापस लेने एवं एफआईआर दर्ज कराने वाले जेएन मेडिकल कॉलेज के सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग एएमयू छात्र संघ के पदाधिकारियों ने वीसी से की है। अन्यथा की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी है।
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यूनियन हॉल में एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज, उपाध्यक्ष हमजा सूफियान एवं सचिव हुजैफा आमिर सहित कैबिनेट सदस्यों ने पत्रकारों से कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज के सीएमओ द्वारा अध्यक्ष पर गलत आरोप लगाया गया है। 4 दिसंबर को बीयूएमएस छात्र को पेट में दर्द होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने दवाएं दी और कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। उसकी सीटी स्कैन एवं अन्य जांच भी कराई गई।
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शुक्रवार को छात्र का अपेंडिक्स फट गया और उसका जीवन खतरे में पड़ गया था। छात्रों की शिकायत के बाद वे लोग पहुंचे थे। उन्होंने न तो सरकारी कार्य में बाधा डाला था और न हीं सीएमओ को बंधक बनाया था। सीएमओ के कमरे में हैंडल इसलिए लगा दिया था कि छात्रों के आक्रोश का शिकार सीएमओ एवं अन्य लोग न बने। अध्यक्ष ने कहा कि तमाम चीजें सीसीटीवी फुटेज में है। वीसी उसकी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करें। इस अवसर पर कैबिनेट सदस्य फखरा खान, नवेद आलम, सैयद शाहरुख हुसैन, निशांत भारद्वाज आदि मौजूद थे।
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प्राइवेट प्रैक्टिस से रोका तो दबाव बना रहे डॉक्टर
एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने जेएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज के कई डॉक्टर नियमों को ताक पर रखकर प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। इसके साथ ही सुबह 9 बजे के बदले 10.30 बजे कार्य स्थल पर ड्यूटी करने पहुंचते हैं। मेडिकल कॉलेज में जेआर 1 एवं जेआर 2 बिना कंसलटेंट एवं सीनियर डॉक्टर के मरीजों को देखते हैं।
सलमान इम्तियाज ने कहा कि वह इसकी शिकायत मेडिसन संकाय के डीन से किये तो डॉक्टर प्रेशर बनाने के लिए उनके खिलाफ फर्जी एफआईआर करा दिये हैं। लेकिन वह किसी प्रेशर में आने वाले नहीं है। उनका कहना है कि बीयूएमएस छात्र के उपचार में हद दर्जे की लापरवाही की गई। इसकी वजह से उसका जीवन संकट में फंस गया था। उन्होंने कहा कि छात्र प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों के घर एवं नर्सिंग होम पर जाकर उन्हें दुनिया के सामने बेनकाब करेंगे।