Aligarh Muslim University: 90 साल एएमयू का खेल मैदान रही भूमि की खरीद-बिक्री पर रोक, बिल्डर को लगा झटका
एएमयू सिटी हाईस्कूल के एक हिस्से को खेल के मैदान की सन 2018 में लीज की अवधि पूरी होने पर एएमयू ने राजा के प्रपौत्र चरत प्रताप को जमीन वापस कर दी। वापस मिले भूखंड में से करीब 6,000 वर्ग मीटर जमीन का बैनामा दो लोगों को कर दिया। इसी पर प्रशासन ने आपत्ति लगा दी।
विस्तार
90 साल तक अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के राजा महेंद्र प्रताप सिंह सिटी हाईस्कूल का खेल मैदान रही जमीन जो छह साल पहले राजा के वंशजों के पास चली गई थी अब राजस्व परिषद ने उसकी खरीद बिक्री पर रोक लगा दी है। इस करोड़ों रुपये की जमीन का सौदा एक बिल्डर को कर दिया गया था। रोक लगने के बाद बिल्डर को झटका लगा है। यह सौदा बेहद चर्चित रहा था।
स्वतंत्रता सेनानी और भारत की पहली निर्वासित सरकार के राष्ट्रपति राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने 1928 में एएमयू को 90 साल की लीज पर दो रुपये की दर पर 3.09 एकड़ जमीन पट्टे पर दी थी। इस जमीन के एक हिस्से में एएमयू ने सिटी हाईस्कूल का निर्माण किया। जबकि एक हिस्से को खेल के मैदान के रूप में विकसित किया। सन 2018 में लीज की अवधि पूरी होने पर एएमयू और राजा के प्रपौत्र चरत प्रताप के बीच तय हुआ कि वह स्कूल वाली जमीन को एएमयू के पक्ष में छोड़ देंगे। उनको पीछे की जमीन वापस कर दी जाए। सिटी स्कूल का नाम राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर रखा जाए। एएमयू ने यही किया।
सन 2022 में जमीन वापस मिलने के बाद चरत प्रताप सिंह ने वापस मिले भूखंड में से करीब 6,000 वर्ग मीटर जमीन का बैनामा दो लोगों को कर दिया। इसी पर प्रशासन ने आपत्ति लगा दी। प्रशासन की दलील थी कि कागजों में यह जमीन खेल मैदान के नाम पर दर्ज है। इसके अलावा सक्षम दस्तावेजों के अभाव में जमीन का दाखिल खारिज नहीं हो सकता।
एएमयू के राजा महेंद्र प्रताप सिंह सिटी हाईस्कूल के पीछे की जमीन की खरीद बिक्री पर राजस्व परिषद ने स्थगन आदेश कर दिया है। इस वाद के निस्तारण के बाद ही आगे की कोई प्रक्रिया संभव है। - दिग्विजय सिंह, एसडीएम कोल
भूखंड एक नजर में
- क्षेत्रफल- 12 हजार वर्ग मीटर के करीब
- बैनामा - 11 अप्रैल 2023-24 को राजा महेंद्र प्रताप सिंह के प्रपोत्र चरण प्रताप सिंह ने 6281 वर्ग मीटर जमीन का बैनामा बिल्डर के नाम कर दिया
- मूल्य- लगभग 9 करोड़ रुपये
- स्टांप शुल्क- 68.34 लाख रुपये
एक स्वतंत्रता सेनानी परिवार के साथ यह हो रहा है : चरत
राजा महेंद्र प्रताप के प्रपौत्र चरत प्रताप सिंह कहते हैं कि सवाल किसी राजा की संपत्ति का नहीं है बल्कि मुद्दा यह है कि एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के साथ क्या हो रहा है। हमने एएमयू के स्कूल की जमीन को छोड़ दिया। उस समय हमारे स्वामित्व पर सवाल नहीं उठाए गए। अब अपनी ही संपत्ति के लिए हमें बहुत कुछ साबित करना पड़ रहा है। निचले स्तर पर प्रशासन का रवैया भी बेहद निराशाजनक है। हम सभी तकनीकी पहलुओं पर कानूनी संघर्ष के लिए तैयार हैं। हमारा दावा और मजबूत होगा। उच्च न्यायिक स्तर पर कानूनी तरीके से पक्ष रखा जाएगा।