Aligarh: घुन लगा गेहूं बंटने पर एएमओ सस्पेंड, 10 पर लटकी कार्रवाई की तलवार, नोटिस के जवाब का इंतजार
अलीगढ़ में पचास हजार से अधिक घरों तक घुन लगा गेहूं पहुंचा था। जब मामला उछला तो शासन ने एक जांच टीम बनाकर भेजी। टीम ने उपभोक्ताओं से लेकर राशन डीलरों तक के बयान लिए। एफसीआई के गोदाम पर जाकर भी जांच की। यहां घुन लगा गेहूं पाया गया।
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अलीगढ़ जिले की 135 राशन की दुकानों से घुन लगा गेहूं बंटने पर शासन ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (एएमओ) राजेश यादव को निलंबित कर दिया है। जबकि दस पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। वहीं एफसीआई के जीएम ने बीस अधिकारियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था लेकिन इनमें से दस ने कोई जवाब नहीं दिया है।
अलीगढ़ में पचास हजार से अधिक घरों तक घुन लगा गेहूं पहुंचा था। जब मामला उछला तो शासन ने एक जांच टीम बनाकर भेजी। टीम ने उपभोक्ताओं से लेकर राशन डीलरों तक के बयान लिए। एफसीआई के गोदाम पर जाकर भी जांच की। यहां घुन लगा गेहूं पाया गया। इसी गेहूं को वितरण के लिए राशन की दुकानों पर भेजा गया था। इस पूरे मामले में एफसीआई के साथ ही वितरण से जुड़े विभागों की लापरवाही सामने आई। 19 फरवरी को शासन से आई जांच टीम भी बड़ी कार्रवाई का इशारा कर गई थी।
इसी क्रम में खाद्य एवं रसद आयुक्त रणवीर प्रसाद ने क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (एएमओ) राजेश यादव को जिम्मेदार मानते हुए सस्पेंड कर दिया है। अभी कई दूसरे अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने बताया कि एएमओ को निलंबित कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
25 नमूने राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजे
मामले की जांच करने आई राज्य स्तरीय टीम ने कासिमपुर स्थित एफसीआई के गोदाम के पांच हॉल से खाद्यान्न के 20 नमूने भरे हैं। इनमें गेहूं के साथ चावल भी शामिल है। जबकि जिला स्तरीय टीम ने पांच नमूने भरे थे। इनको लखनऊ स्थित राजकीय खाद्य प्रयोगशाला में भेजा गया गया है।
10 अधिकारियों के जवाब का है इंतजार
एफसीआई के क्षेत्रीय अधिकारी राजीव कुमार कहते हैं कि जिन 20 अधिकारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है उनमें से 10 ने अपना स्पष्टीकरण दिया है। तीन दिन से अधिक समय हो गया है। अन्य को जल्द ही स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।
अब जो खाद्यान्न कासिमपुर स्थित गोदाम में है, उसको भारत सरकार के मानकों के अनुसार पहले सही स्थिति में लाया जाएगा। उनका परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद खाद्यान्न के संबंध में फैसला लिया जाएगा। - राजीव कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी, भारतीय खाद्य निगम