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एएमयू : अलशिफा डॉक्टर और श्रेया बनना चाहती हैं इंजीनियर
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एएमयू के दसवीं में टॉप करने वाली अलशिफा
- फोटो : CITY OFFICE
डॉक्टर बनना चाहती हैं : अलशिफा
एएमयू के स्कूल के कक्षा 10वीं में स्कूल टॉप करने वालीं अलशिफा ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं। 11वीं बायो ग्रुप से पढ़ेंगी। अलशिफा के पिता राशिद हुसैन बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं। महानगर के जीवनगढ़ निवासिनी अलशिफा ने कहा कि मेहनत से पढ़ाई करनी चाहिए। आगे बढ़ने के लिए कोई शॉर्ट कट नहीं होता। सीमा बेगम ने बेटी को मुबारकबाद दी है। अलशिफा को 500 में से 496 अंक मिले हैं।
इंजीनियर बनना चाहती हैं : श्रेया
एएमयू के स्कूल के कक्षा 10वीं में स्कूल में तीसरा स्थान हासिल करने वालीं श्रेया जादौन ने कहा कि साफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती हैं। श्रेया के पिता कृपाल सिंह बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं। धनीपुर शिवा कॉलोनी में रहने वालीं श्रेया ने कहा कि उन्होंने जो अपना लक्ष्य निर्धारित कर रखा है, वह उसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। रोजाना 4-5 घंटे पढ़ती हैं। कहा, नतीजा और बेहतर हो सकता था। श्रेया को 500 में से 493 अंक मिले हैं।
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एएमयू के स्कूल के कक्षा 10वीं में स्कूल टॉप करने वालीं अलशिफा ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती हैं। 11वीं बायो ग्रुप से पढ़ेंगी। अलशिफा के पिता राशिद हुसैन बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं। महानगर के जीवनगढ़ निवासिनी अलशिफा ने कहा कि मेहनत से पढ़ाई करनी चाहिए। आगे बढ़ने के लिए कोई शॉर्ट कट नहीं होता। सीमा बेगम ने बेटी को मुबारकबाद दी है। अलशिफा को 500 में से 496 अंक मिले हैं।
इंजीनियर बनना चाहती हैं : श्रेया
एएमयू के स्कूल के कक्षा 10वीं में स्कूल में तीसरा स्थान हासिल करने वालीं श्रेया जादौन ने कहा कि साफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती हैं। श्रेया के पिता कृपाल सिंह बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं। धनीपुर शिवा कॉलोनी में रहने वालीं श्रेया ने कहा कि उन्होंने जो अपना लक्ष्य निर्धारित कर रखा है, वह उसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। रोजाना 4-5 घंटे पढ़ती हैं। कहा, नतीजा और बेहतर हो सकता था। श्रेया को 500 में से 493 अंक मिले हैं।

एएमयू दसवीं में तीसरा स्थान लाने वाली श्रेया अपने माता-पिता के साथ- फोटो : CITY OFFICE
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