फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   India china relations in danger Aligarh businessmen ready to stop trade after tension on border

चीन के साथ व्यापार पर लगा 'अलीगढ़ का ताला', व्यापारी बोले- फौजियों पर जो करेगा वार, नहीं करेंगे उससे कारोबार

Tue, 23 Jun 2020 03:01 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 23 Jun 2020 03:01 PM IST
विज्ञापन
India china relations in danger Aligarh businessmen ready to stop trade after tension on border
सांकेतिक तस्वीर

लद्दाख में सीमा विवाद और सैनिकों की शहादत के बाद चीन के खिलाफ अलीगढ़ में शहरवासियों और उद्यमियों में गुस्सा है। इस घटना के बाद अलीगढ़ शहर चीन को करीब 150 से लेकर 250 करोड़ रुपये सालाना का झटका देने की तैयारी कर रहा है। 

विज्ञापन


निकट भविष्य में दोनों देशों के रिश्ते में सुधार नहीं होता है तो यहां के उद्यमी चीनी उत्पादों को आयात करने को तैयार नहीं होंगे। चीनी सामान के बहिष्कार का दबाव भी है। यहां के उद्यमियों और कारोबारियों का कहना है कि चीन से ताला पार्ट्स, हार्डवेयर, इलेक्ट्रिकल आइटम और फर्नीचर आदि का आयात होता है। 
विज्ञापन


अनुमानित तौर पर यह रकम 150 से लेकर 250 करोड़ रुपये सालाना होगी। उद्योगपति विजय बजाज ने बताया कि हम लोग देश के साथ हैं, जो देश हमारे फौजियों पर वार करेगा, उसके साथ कोई कारोबार नहीं करेंगे। ऐसे भी चीन से कारोबार बंद होता है तो निर्माता (ताला, हार्डवेयर) को कोई असर नहीं पड़ने वाला है। दरअसल निर्माता बहुत कम आयात करते हैं। ट्रेडर्स पर कुछ फर्क पड़ सकता है। चीन के साथ व्यापार बंद होने पर निर्माताओं को तो फायदा ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कारोबारी राजीव अग्रवाल ने बताया कि मेरे अलावा शहर के कुछ और भी लोग हैं, जो चीन के साथ व्यापार करते रहे हैं। सीमा पर तनाव के बाद मैंने चीन से व्यापार नहीं करने का निर्णय लिया है। देश के दुश्मनों के साथ व्यापार उचित नहीं है। भले ही नुकसान उठाना पड़े तो उठाएंगे। सरकार कुछ सहूलियत दे तो यहां के उद्यमी चीन से बेहतर उत्पाद बना सकते हैं।

राजीव अग्रवाल ने कहा कि अनुमानित तौर पर चीन से करीब 150 करोड़ रुपये का सालाना आयात अलीगढ़ में होता है। एक भी प्रोडक्ट यहां से चीन निर्यात होता है, इसकी जानकारी नहीं है। सीमा पर तनाव और फौजियों पर धोखे से हुए हमले से दिल दुखी है। चीन से व्यापार खत्म होने पर वहां काम घटेगा और बेरोजगारी फैलेगी। इससे चीन दबाव में आएगा।


फर्नीचर व्यापारी जगवीर सिंह छाबड़ा ने कहा कि पहले चीन के फर्नीचर की अच्छी मांग थी, लेकिन धीर-धीरे लोगों को अनुभव होने लगा कि वहां का फर्नीचर यूज एंड थ्रो है। कोरोना संकट के पहले से ही चीन के बदले लोग अपने देश के फर्नीचर को ज्यादा पसंद करने लगे। सीमा पर संकट के बाद कारोबार पर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। अच्छा यही होगा कि चीन से सारे व्यापारिक रिश्ते खत्म हो जाएं।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed