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अलीगढ़ : सरकार की गलती की वजह से हमें कूड़े में फेंक दिया गया है : चंद्रपाल

Mon, 20 Dec 2021 12:54 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Dec 2021 12:54 AM IST
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Aligarh: We have been thrown in the garbage due to the fault of the government: Chanderpal
अलीगढ़ : शनिवार को चंद्रपाल सिंह अहेरिया के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलता अहेरिया समा? - फोटो : CITY OFFICE
राजा तिवारी
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अलीगढ़। अहेरिया जाति को सूचीबद्ध कराने के लिए अहेरिया समाज के लोगों ने 16 दिसंबर को न्यू हाथरस रेलवे स्टेशन के निकट दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर कब्जा जमाकर अपनी ताकत का एहसास कराया था। समाज के नेता चंद्रपाल सिंह अहेरिया बताया कि आजादी से पहले और बाद में अनुसूचित जाति की सूची में दूसरे नंबर पर अहेरिया जाति थी। लेकिन 1961 की जनगणना में रोटी-बेटी का संबंध बताकर अहेरिया को बहेलिया में शामिल कर लिया और तत्कालीन सरकार की गलती की वजह से हमें कूड़े में फेंक दिया गया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सन 1950 में करबल जाति के 126 लोग थे। लेकिन जब 1961 की जनगणना हुई तो करबल जाति 36 हजार हो गई। अब सवाल उठता है कि 11 सालों में 126 से करबल जाति 36 हजार कैसे हो सकती है, क्या अहेरिया जाति को करबल जाति में मिला दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा था, 18 नहीं 25 लाख है आबादी
चंद्रपाल सिंह अहेरिया ने बताया कि बीते दिनों समाज का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला था। उनके आश्वासन पर आंदोलन स्थगित किया गया था। इस दौरान पता चला कि मुख्यमंत्री के पास हमसे अधिक जानकारी है। हमने उनको बताया कि प्रदेश में 18 लाख अहेरिया हैं तो मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि 18 नहीं, 25 लाख अहेरिया हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू जाति की भी मदद की थी। कुछ ही दिनों में कुछ जनपदों में सर्वे कराकर नतीजों के आधार पर फैसला लेंगे। प्रवक्ता धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि हमारी जाति को सूचीबद्ध नहीं किया गया तो मुख्यमंत्री द्वारा बताए गए 25 लाख अहेरिया आगामी चुनाव में भाजपा से मुंह मोड़ लेगा। गौर हो कि रेल रोको आंदोलन युवा अहेरिया समाज सेवा समिति उत्तर प्रदेश के तहत किया गया था। इसके अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह अहेरिया, प्रवक्ता धर्मेंद्र कुमार, लोकेश अहेरिया अलीगढ़ के खैर के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री से मिलने इन तीनों के साथ कासगंज के राम खिलाड़ी अहेरिया व बुलंदशहर के चंद्रकिशोर गए थे।
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प्रदेश के जिलों में अहेरिया की समाज की आबादी
चंद्रपाल सिंह अहेरिया के मुताबिक प्रदेश में अलीगढ़ जिले में 1.50 लाख, हाथरस-1.60 लाख, कासगंज-50 हजार, एटा-80 हजार, नोएडा-50 हजार (अस्थायी निवासी), गाजियाबाद-40 हजार, बुलंदशहर- एक लाख, हापुड़-50 हजार, मेरठ- 1.10 लाख, संभल-35 हजार, मुरादाबाद-1.20 लाख, अमरोहा- 60 हजार, बिजनौर-35 हजार, रामपुर-70 हजार, सहारनपुर-15 हजार, मुजफ्फरनगर-8 हजार, आगरा-30 हजार अहेरिया हैं।
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