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यूडीआईडी कार्ड की प्रगति में अलीगढ़ प्रदेश में अव्वल
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विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) बनाने के मामले में अलीगढ़ प्रदेश में पहले स्थान पर आ गया है। डीएम ने नए यूडीआईडी कार्ड बनाने में और तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं दिव्यांगों को कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए उनके लिए विशेष वैक्सीनेशन शिविर लगाने को कहा है।
डीएम चंद्रभूषण सिंह कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में दिव्यांगजनों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे पेंशन, विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार, कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण, दुकान निर्माण, यूडीआईडी कार्ड के संबंध में जनपद की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने बताया कि सरकार द्वारा पारदर्शी तरीके से अधिक से अधिक दिव्यांगों को लाभान्वित करने के लिए सभी योजनाओं को ऑनलाइन किया गया है। दिव्यांगों के सहायतार्थ कृत्रिम अंग एवं उपकरण जैम पोर्टल से क्रय किये जा रहे हैं। दिव्यांगजनों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए भारत सरकार की अनोखी पहल पर विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) संचालित है, जिससे दिव्यांगों का समस्त डाटा एक आई-डी में उपलब्ध हो जाता है और उन्हें विभिन्न दस्तावेजों को साथ लेकर चलने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
संचालन करते हुए जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी बीपी सत्यार्थी ने बताया कि यूडीआईडी की प्रगति में जनपद का प्रदेश में प्रथम स्थान है, परंतु नवीन यूडीआईडी कार्ड बनाए जाने की प्रगति काफी शिथिल है। जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि वह प्राथमिकता से जनपद में दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें। सत्यार्थी ने बताया कि जनपद में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की स्थापना के संबंध में शासन से पत्राचार किया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने दिव्यागंजनों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित करने के लिए शिविर के माध्यम से प्रतिरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं उपायुक्त उपायुक्त को निर्देशित किया कि वह शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को प्रतिरक्षित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करें।
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डीएम चंद्रभूषण सिंह कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में दिव्यांगजनों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे पेंशन, विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार, कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण, दुकान निर्माण, यूडीआईडी कार्ड के संबंध में जनपद की प्रगति की समीक्षा की गई। डीएम ने बताया कि सरकार द्वारा पारदर्शी तरीके से अधिक से अधिक दिव्यांगों को लाभान्वित करने के लिए सभी योजनाओं को ऑनलाइन किया गया है। दिव्यांगों के सहायतार्थ कृत्रिम अंग एवं उपकरण जैम पोर्टल से क्रय किये जा रहे हैं। दिव्यांगजनों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए भारत सरकार की अनोखी पहल पर विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड) संचालित है, जिससे दिव्यांगों का समस्त डाटा एक आई-डी में उपलब्ध हो जाता है और उन्हें विभिन्न दस्तावेजों को साथ लेकर चलने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
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संचालन करते हुए जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी बीपी सत्यार्थी ने बताया कि यूडीआईडी की प्रगति में जनपद का प्रदेश में प्रथम स्थान है, परंतु नवीन यूडीआईडी कार्ड बनाए जाने की प्रगति काफी शिथिल है। जिलाधिकारी ने सीएमओ को निर्देश दिए कि वह प्राथमिकता से जनपद में दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें। सत्यार्थी ने बताया कि जनपद में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की स्थापना के संबंध में शासन से पत्राचार किया जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने दिव्यागंजनों को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित करने के लिए शिविर के माध्यम से प्रतिरक्षित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं उपायुक्त उपायुक्त को निर्देशित किया कि वह शिविर के माध्यम से दिव्यांगजनों को प्रतिरक्षित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करें।
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