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अलीगढ़ : दिन में पसीना, रात में छूट रही कंपकंपी
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
पिछले दिनों हुई बारिश से मौसम सुहावना है और लोगों को सितंबर और अक्तूबर के बाद नवंबर माह के शुरुआती दिनों में ही गुलाबी सर्दी का अहसास होने लगा है। खासकर सुबह-शाम ठंड से कंपकंपी छूटने लगी है। सुबह के वक्त घरों में पंखे तक बंद होने लगे हैं। आलम यह है कि ठंड की वजह से तड़के में चादर की जरूरत पड़ रही है।
डॉक्टर्स भी कह रहे हैं कि मौसम गर्मी से ठंड की तरफ बढ़ रहा है। बदलते मौसम में जरा सी लापरवाही सेहत बिगाड़ सकती है। दिन में तापमान 29 डिग्री और रात में 17-18 डिग्री तक जा रहा है। तापमान में इस भारी अंतर की वजह से दिन में जहां लोगों के पसीने छूटते हैं, वहीं रात में सर्दी की वजह से लोग कंपकंपा भी जाते हैं। इस वजह से वायरस और बैक्टीरिया सक्रिय हो गया है जो जिले के लोगों को बीमार कर रहा है।
पंडित दीनदयाल चिकित्सालय के डॉक्टर पी कुमार एवं डॉ. साकेत ने बताया कि बदलते मौसम की वजह से लोगों में संक्रमण फैलने से बुखार, उल्टी, गले में दर्द, खांसी, जुकाम जैसी दिक्कतें सामने आ रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में अचानक बदलाव आने की वजह से ऐसा दिख रहा है। दिक्कत यह है कि इंसान की बॉडी इसके लिए तैयार नहीं हुई है और जब गर्मी लगती है तो लोग कपड़े कम पहनते हैं और फिर अचानक शाम होते ही सर्दी बढ़ने लगने लगती है।
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सर्दी का असर भी ज्यादा हो रहा है। यह अंतर बॉडी बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। इसकी वजह से लोग वायरस और बैक्टीरिया के चपेट में आ रहे हैं। गले में दर्द और जुकाम की दिक्कत अधिक पाई जा रही है। अगर तुरंत इलाज नहीं हो तो इसकी वजह से सीने में संक्रमण बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। कई लोगों की सांस फूलने लगती है, सिर में दर्द और नाक बहने लगती है।
अभी जो भी ऐसी दिक्कतें देखी जा रही हैं उसकी मुख्य वजह अचानक तापमान में आया बदलाव ही है। उन्होंने बताया कि लोग अभी सर्दी को लोग हल्के में ले रहे हैं, ऐसे में बुजुर्गों में अचानक जॉइंट, बैक, मसल्स की समस्या बढ़ गई है। जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव का कारण धुंध भी है। यह बेहद घातक है और लोगों को प्रभावित कर रहा है। इससे जमीन की गर्मी और सूरज की गर्मी से गेहूं की बोबाई से फसल प्रभावित हो सकती है।
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पिछले दिनों हुई बारिश से मौसम सुहावना है और लोगों को सितंबर और अक्तूबर के बाद नवंबर माह के शुरुआती दिनों में ही गुलाबी सर्दी का अहसास होने लगा है। खासकर सुबह-शाम ठंड से कंपकंपी छूटने लगी है। सुबह के वक्त घरों में पंखे तक बंद होने लगे हैं। आलम यह है कि ठंड की वजह से तड़के में चादर की जरूरत पड़ रही है।
डॉक्टर्स भी कह रहे हैं कि मौसम गर्मी से ठंड की तरफ बढ़ रहा है। बदलते मौसम में जरा सी लापरवाही सेहत बिगाड़ सकती है। दिन में तापमान 29 डिग्री और रात में 17-18 डिग्री तक जा रहा है। तापमान में इस भारी अंतर की वजह से दिन में जहां लोगों के पसीने छूटते हैं, वहीं रात में सर्दी की वजह से लोग कंपकंपा भी जाते हैं। इस वजह से वायरस और बैक्टीरिया सक्रिय हो गया है जो जिले के लोगों को बीमार कर रहा है।
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पंडित दीनदयाल चिकित्सालय के डॉक्टर पी कुमार एवं डॉ. साकेत ने बताया कि बदलते मौसम की वजह से लोगों में संक्रमण फैलने से बुखार, उल्टी, गले में दर्द, खांसी, जुकाम जैसी दिक्कतें सामने आ रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार मौसम में अचानक बदलाव आने की वजह से ऐसा दिख रहा है। दिक्कत यह है कि इंसान की बॉडी इसके लिए तैयार नहीं हुई है और जब गर्मी लगती है तो लोग कपड़े कम पहनते हैं और फिर अचानक शाम होते ही सर्दी बढ़ने लगने लगती है।
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सर्दी का असर भी ज्यादा हो रहा है। यह अंतर बॉडी बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। इसकी वजह से लोग वायरस और बैक्टीरिया के चपेट में आ रहे हैं। गले में दर्द और जुकाम की दिक्कत अधिक पाई जा रही है। अगर तुरंत इलाज नहीं हो तो इसकी वजह से सीने में संक्रमण बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। कई लोगों की सांस फूलने लगती है, सिर में दर्द और नाक बहने लगती है।
अभी जो भी ऐसी दिक्कतें देखी जा रही हैं उसकी मुख्य वजह अचानक तापमान में आया बदलाव ही है। उन्होंने बताया कि लोग अभी सर्दी को लोग हल्के में ले रहे हैं, ऐसे में बुजुर्गों में अचानक जॉइंट, बैक, मसल्स की समस्या बढ़ गई है। जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव का कारण धुंध भी है। यह बेहद घातक है और लोगों को प्रभावित कर रहा है। इससे जमीन की गर्मी और सूरज की गर्मी से गेहूं की बोबाई से फसल प्रभावित हो सकती है।