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अलीगढ़ः शराब माफिया ऋषि-मुनीष और अनिल-सुधीर हिस्ट्रीशीटर घोषित

Mon, 12 Jul 2021 12:09 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jul 2021 12:09 AM IST
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Aligarh Poisonous Case
जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल शराब माफिया भाइयों की जोड़ी ऋषि, मुनीष व अनिल, सुधीर की जोड़ियों को अब हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया गया है। एसएसपी कलानिधि नैथानी के निर्देश पर इन चारों की हिस्ट्रीशीट खोल दी गई है। जहरीली शराब कांड के साथ-साथ इन चारों के उन पुराने मुकदमों का ब्योरा भी इसमें दर्ज किया गया है, जो इन्होंने या तो साठगांठ से खत्म कराए थे या फिर अपने नाम निकलवाए थे। एसएसपी ने अब चारों की निगरानी का जिम्मा दोनों थानों की पुलिस को दिया है।
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पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, ऑपरेशन प्रहार के तहत एसएसपी के निर्देश पर कस्बा जवां निवासी ऋषि व मुनीष की हिस्ट्रीशीट जवां थाने में खोली गई है, जबकि धारा की गढ़ी निवासी अनिल व सुधीर की हिस्ट्रीशीट गोंडा थाने में खोली गई है। इस तरह अब ये पुलिस रिकार्ड में एचएस नंबर से जाने जाएंगे और इनकी ताउम्र पुलिस स्तर से निगरानी की जाएगी। साथ में इन चारों की संपत्ति जब्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। इसके लिए एसएसपी स्तर से संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। बता दें कि इन दोनों भाइयों की जोड़ी पर शराब कांड के पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं और शराब कांड में भी कई मुकदमों में इनके नाम शामिल हैं। इनमें से ऋषि, मुनीष व अनिल जेल में हैं, जबकि सुधीर अभी फरार है।
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शराब कांड में सुधीर फरार घोषित
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार जहरीली शराब कांड में शुरुआती दौर में अनिल के भाई सुधीर चौधरी का नाम कहीं सामने नहीं आया था। मगर कुछ मुकदमों की विवेचना में सुधीर का नाम प्रकाश में आया है, जिसके आधार पर पुलिस ने सुधीर चौधरी को वांछित घोषित कर दिया है और उसकी तलाश में पुलिस की एक टीम को लगा दिया गया है। बता दें कि सुधीर शराब कांड के दौरान हुए दो कोल्ड स्टोरेजों में अवैध रूप से भंडराण के मुकदमे में पहले से वांछित चल रहा है और फरार है। अब शराब कांड के मुकदमों भी फरार होने पर पुलिस ने सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
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ये खास बातें भी जानें
हिस्ट्रीशीट बी टाइप की है, ये कभी बंद नहीं होती। इसमें सिर्फ पेशेवर व इरादतन अपराध करने वाले अपराधी शामिल किए जाते हैं। ये अवैध शराब बेचने व बनाने के पेशेवर व इरादतन अपराधी हैं। इनके पुराने मुकदमों का ब्योरा ये गवाही देता है। इस बी टाइप की हिस्ट्रीशीट खुलने पर पुलिस अपराधी से संबंधित सभी जानकारी अपने पास रखती है और समय-समय पर निगरानी के समय ब्योरा जुटाती रहती है। जिसमें अपराधी का ताजा विवरण, उसकी पुरानी व ताजा रिश्तेदारियां, पुराने व ताजा मित्रों का ब्योरा में सभी के नाम पते आदि रिकार्ड पुलिस अपने पास दर्ज करती है। इनकी निगरानी का जिम्मा संबंधित हल्का या चौकी के प्रभारी दरोगा के पास होता है।

- शराब प्रकरण में चारों मुख्य आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। ये बी-टाइप की हिस्ट्रीशीट है, जो कभी बंद नहीं होती। इसके अलावा अब इनकी व इनके साथियों की संपत्ति जब्तीकरण कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। अन्य अपराधियों की हिस्ट्रीशीट भी खोलने की तैयारी है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
ये हैं चारों के हिस्ट्रीशीट नंबर
- जवां एचएस नंबर 1 बी ऋषि कुमार
- जवां एचएस नंबर 2 बी मुनीष कुमार
- गोंडा एचएस नंबर 2 बी अनिल चौधरी
- गोंडा एचएस नंबर 3 बी सुधीर चौधरी
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