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याकूतपुर डकैती का खुलासा, मुठभेड़ में सरगना समेत चार गिरफ्तार, 9 पशु और नकदी बरामद
Tue, 05 Jan 2021 02:08 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jan 2021 02:08 AM IST
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डकैती की घटना का खुलासा करते एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत, सीओ राघवेन्द्र सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
गांधीपार्क थाना क्षेत्र के याकूतपुर नई आबादी में डेयरी संचालक के घर हुई डकैती का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतरजनपदीय गैंग के सरगना सहित चार बदमाश गिरफ्तार कर लिए हैं। पुलिस को यह सफलता उस समय मिली, जब गैंग डकैती में लूटे गए पशुओं को बेचने के इरादे से ले जा रहा था। इसी दौरान सोमवार तड़के डोरी नगर इलाके के बालाजी भट्ठा पर मुठभेड़ में चार बदमाश दबोच लिए गए, जबकि गैंग के 11 सदस्य भागने में सफल रहे।
इस दौरान उनसे डकैती में लूटे गए नौ पशु व कुछ नकदी भी बरामद हुई है। इधर, डकैती में जिन व्यापारियों को नामजद किया गया था, उनको पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि 25 दिसंबर की रात याकूतपुर में डेयरी संचालक मुकेश के घर बदमाशों ने डकैती को अंजाम दिया था।
इस दौरान नकदी, जेवरात के अलावा 11 पशु भी लूटे गए थे। इस घटना में हालांकि कुछ लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मगर, पुलिस ने जब विवेचना शुरू की तो एक नए गैंग की भूमिका सामने आई। इस गैंग पर सर्विलांस व मुखबिरों की मदद से काम शुरू किया गया तो पता चला कि बंजारा जाति के लोगों के इस गैंग में अधिकांश सदस्य कासगंज के हैं और ये रेकी कर पशुओं वाले घर को निशाना बनाकर वारदात को अंजाम देते हैं। वहां से पशु लूटने के बाद उन्हें बाजार में बेच देते हैं।
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जानकारी मिलने के बाद से इस गैंग का पीछा किया जा रहा था। इसी बीच रात में ही यह खबर लग गई कि सोमवार तड़के गैंग लूटे गए पशुओं को बेचने देहली गेट इलाके में जाएगा। तड़के डोरी नगर के पीछे बाईपास से सटे बंद बालाजी भट्ठा के पास गैंग को पशुओं को ले जाते समय घेरा गया। इस दौरान मुठभेड़ में गैंग सरगना सहित चार बदमाश दबोच लिए गए, जबकि 11 बदमाश भागने में सफल रहे। इनके पास से एक गाड़ी टाटा 407 में आठ भैंस, एक पड्डा, पांच हजार रुपये नकद के अलावा तीन तमंचे, दर्जन भर कारतूस बरामद हुए।
थाने लाकर हुई पूछताछ में इन्होंने अपने साथियों के नाम बताए। साथ में स्वीकारा कि इन्होंने कासगंज ,एटा, आगरा, अलीगढ़, हरदोई आदि जनपदों में वारदातों को अंजाम दिया है। भागे साथी दूसरी गाड़ी ले गए हैं। इन्होंने मुकेश के घर डाका स्वीकारा। साथ में जिले में जवां व क्वार्सी आदि में भी कुछ घटनाएं स्वीकारीं। इस मौके पर सीओ द्वितीय राघवेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
फरार कुछ बदमाश नहीं थे डाके में शामिल
गैंग का सरगना रफीक है। वही अपने मुखबिरों के जरिये पहले ऐसे एकांत के इलाकों में रेकी कराता है। जहां आसानी से पशुओं को लूटकर भागा जा सके। फिर वहां वारदात को अंजाम देता है। मुकेश के घर डाके में गिरफ्तार चारों के अलावा फरार 11 में से कुछ साथी शामिल थे। ये गैंग पशुओं की बिक्री के धंधे से जुड़कर बना और कई वारदातों को अंजाम दिया। इनका लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास है।
आगरा पुलिस को दी गई जानकारी
आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र में हुई घटना में गैंग सरगना रफीक सीसीटीवी में कैद है। उसकी जानकारी आगरा पुलिस को दे दी गई है। इसके अलावा अन्य जिलों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
ये किए गिरफ्तार--
- रफीक पुत्र अहमद बंजारा नदरई कोतवाली कासगंज
- आसिफ पुत्र फतेह मोहम्मद भूड़ चौराहा अकबरपुर बुलंदशहर
- नाजिम पुत्र इव्ले हसन मदरसे वाली गली सिकंदराराऊ हाथरस
- नबाब पुत्र मुन्ने खान गली नंबर 4 शाहजमाल देहलीगेट अलीगढ़
ये हैं अभी फरार--
- फिरोज बंजारा पुत्र मुकेश बंजारा उर्फ तोतिया, आरिफ बंजारा पुत्र फिरोज बंजारा, कलुआ बंजारा पुत्र लाल मोहम्मद, शरीफ बंजारा पुत्र मुंशी बंजारा, ईदल उर्फ सुसिया बंजारा पुत्र बाबू बंजारा, खलील बंजारा पुत्र पप्पू बंजारा, ख्वाहिजा बंजारा पुत्र कल्लू बंजारा, सलमान बंजारा पुत्र चमन बंजारा, आकाश बंजारा पुत्र सलीम बंजारा, टुंडा बंजारा पुत्र मुंशी बंजारा निवासीगण नदरई कासंगज, आशू बंजारा पुत्र भूरा बंजारा निवासी रोहिंदा मीरपुर अरनिया बुलंदशहर, अब्दुल्ला का अज्ञात दामाद निवासी रतौली नारखी फिरोजाबाद।
ये टीमें रहीं शामिल
खुलासे में इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल, एसओजी प्रभारी अनूप सरोज, इंस्पेक्टर गांधीपार्क हरिभान सिंह राठौड, एसओ जवां अभय शर्मा, एसएसआई गांधीपार्क शिव प्रसाद सिंह, एसआई संदीप कुमार, केशव वशिष्ठ , योगेश तिवारी के अलावा अनुज कुमार, मो. इकराम, राकेश कुमार, दुर्विजय, मनोज कुमार, ज्ञानवीर सिंह व शोएब आलम आदि की कुल तीन टीमें शामिल रहीं।
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इस दौरान उनसे डकैती में लूटे गए नौ पशु व कुछ नकदी भी बरामद हुई है। इधर, डकैती में जिन व्यापारियों को नामजद किया गया था, उनको पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत ने पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि 25 दिसंबर की रात याकूतपुर में डेयरी संचालक मुकेश के घर बदमाशों ने डकैती को अंजाम दिया था।
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इस दौरान नकदी, जेवरात के अलावा 11 पशु भी लूटे गए थे। इस घटना में हालांकि कुछ लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। मगर, पुलिस ने जब विवेचना शुरू की तो एक नए गैंग की भूमिका सामने आई। इस गैंग पर सर्विलांस व मुखबिरों की मदद से काम शुरू किया गया तो पता चला कि बंजारा जाति के लोगों के इस गैंग में अधिकांश सदस्य कासगंज के हैं और ये रेकी कर पशुओं वाले घर को निशाना बनाकर वारदात को अंजाम देते हैं। वहां से पशु लूटने के बाद उन्हें बाजार में बेच देते हैं।
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जानकारी मिलने के बाद से इस गैंग का पीछा किया जा रहा था। इसी बीच रात में ही यह खबर लग गई कि सोमवार तड़के गैंग लूटे गए पशुओं को बेचने देहली गेट इलाके में जाएगा। तड़के डोरी नगर के पीछे बाईपास से सटे बंद बालाजी भट्ठा के पास गैंग को पशुओं को ले जाते समय घेरा गया। इस दौरान मुठभेड़ में गैंग सरगना सहित चार बदमाश दबोच लिए गए, जबकि 11 बदमाश भागने में सफल रहे। इनके पास से एक गाड़ी टाटा 407 में आठ भैंस, एक पड्डा, पांच हजार रुपये नकद के अलावा तीन तमंचे, दर्जन भर कारतूस बरामद हुए।
थाने लाकर हुई पूछताछ में इन्होंने अपने साथियों के नाम बताए। साथ में स्वीकारा कि इन्होंने कासगंज ,एटा, आगरा, अलीगढ़, हरदोई आदि जनपदों में वारदातों को अंजाम दिया है। भागे साथी दूसरी गाड़ी ले गए हैं। इन्होंने मुकेश के घर डाका स्वीकारा। साथ में जिले में जवां व क्वार्सी आदि में भी कुछ घटनाएं स्वीकारीं। इस मौके पर सीओ द्वितीय राघवेंद्र सिंह भी मौजूद रहे।
फरार कुछ बदमाश नहीं थे डाके में शामिल
गैंग का सरगना रफीक है। वही अपने मुखबिरों के जरिये पहले ऐसे एकांत के इलाकों में रेकी कराता है। जहां आसानी से पशुओं को लूटकर भागा जा सके। फिर वहां वारदात को अंजाम देता है। मुकेश के घर डाके में गिरफ्तार चारों के अलावा फरार 11 में से कुछ साथी शामिल थे। ये गैंग पशुओं की बिक्री के धंधे से जुड़कर बना और कई वारदातों को अंजाम दिया। इनका लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास है।
आगरा पुलिस को दी गई जानकारी
आगरा के न्यू आगरा थाना क्षेत्र में हुई घटना में गैंग सरगना रफीक सीसीटीवी में कैद है। उसकी जानकारी आगरा पुलिस को दे दी गई है। इसके अलावा अन्य जिलों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
ये किए गिरफ्तार--
- रफीक पुत्र अहमद बंजारा नदरई कोतवाली कासगंज
- आसिफ पुत्र फतेह मोहम्मद भूड़ चौराहा अकबरपुर बुलंदशहर
- नाजिम पुत्र इव्ले हसन मदरसे वाली गली सिकंदराराऊ हाथरस
- नबाब पुत्र मुन्ने खान गली नंबर 4 शाहजमाल देहलीगेट अलीगढ़
ये हैं अभी फरार--
- फिरोज बंजारा पुत्र मुकेश बंजारा उर्फ तोतिया, आरिफ बंजारा पुत्र फिरोज बंजारा, कलुआ बंजारा पुत्र लाल मोहम्मद, शरीफ बंजारा पुत्र मुंशी बंजारा, ईदल उर्फ सुसिया बंजारा पुत्र बाबू बंजारा, खलील बंजारा पुत्र पप्पू बंजारा, ख्वाहिजा बंजारा पुत्र कल्लू बंजारा, सलमान बंजारा पुत्र चमन बंजारा, आकाश बंजारा पुत्र सलीम बंजारा, टुंडा बंजारा पुत्र मुंशी बंजारा निवासीगण नदरई कासंगज, आशू बंजारा पुत्र भूरा बंजारा निवासी रोहिंदा मीरपुर अरनिया बुलंदशहर, अब्दुल्ला का अज्ञात दामाद निवासी रतौली नारखी फिरोजाबाद।
ये टीमें रहीं शामिल
खुलासे में इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल, एसओजी प्रभारी अनूप सरोज, इंस्पेक्टर गांधीपार्क हरिभान सिंह राठौड, एसओ जवां अभय शर्मा, एसएसआई गांधीपार्क शिव प्रसाद सिंह, एसआई संदीप कुमार, केशव वशिष्ठ , योगेश तिवारी के अलावा अनुज कुमार, मो. इकराम, राकेश कुमार, दुर्विजय, मनोज कुमार, ज्ञानवीर सिंह व शोएब आलम आदि की कुल तीन टीमें शामिल रहीं।