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एएमयू और ऊपरकोट बवाल के नुकसान की भरपाई कराएगा प्रशासन
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सांप्रदायिक हिंसा, दंगे या उपद्रव के दौरान होने वाले सरकारी नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए हाल ही में गठित बोर्ड की मदद से एएमयू बवाल के दौरान हुए नुकसान की वसूली भी कराई जाएगी। इसके लिए कवायद शुरू कर दी गई है। वहीं, शासन ने भी जिले में लंबित मामलों का ब्योरा तलब किया गया है। ताकि उन प्रकरणों को बोर्ड के समक्ष रखा जा सके। अभी तक अपने जिले में एएमयू बवाल से जुड़ा 1.88 लाख रुपये के नुकसान का प्रकरण लंबित है। वहीं, अब ऊपरकोट बवाल के नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। साथ ही शासन की गाइड लाइन का इंतजार है।
सांप्रदायिक हिंसा, दंगे, उपद्रव जैसी घटनाओं से होने वाले सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए शासन ने दो दिन पूर्व संपत्ति क्षति दावा अधिकरण बोर्ड का गठन किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुख्य मेरठ जिले में बोर्ड का मुख्यालय बनाया गया है। यह बोर्ड हिंसा के दौरान हुए सरकारी संपत्ति के नुकसान के मामलों की सुनवाई करेगा। पुलिस संपत्ति के नुकसान का आकलन कर अपना पक्ष बोर्ड के समक्ष रखेगी। इसके बाद बोर्ड दावे के अनुसार नुकसान की भरपाई के आदेश जारी करेगा। उन लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे, जो संबंधित मुकदमों में नामजद होंगे और उनके नाम का उल्लेख पुलिस द्वारा प्रकरणों में किया जाएगा। हालांकि अभी तक इस मामले में शासन स्तर से गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। इसके बावजूद प्रशासन ने रिपोर्ट बनानी शुरू कर दी है। अपने यहां सीएए व एनआरसी के विरोध में 15 सितंबर 2019 को एएमयू छात्रों द्वारा किए गए उपद्रव से हुए सरकारी संपत्ति के नुकसान का मामला बोर्ड को भेजा जाने वाला है।
- संपत्ति क्षति दावा अधिकरण बोर्ड में एएमयू में सितंबर 2019 में हुए उपद्रव का मामला भेजा जाएगा। ऊपर कोट उपद्रव मामले में हुए सरकारी संपत्ति के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इस मामले को भी बोर्ड के पास भेजा जाएगा। शासन से भी इस संबंध में ब्योरा तलब किया गया है, जिसे लेकर पुलिस स्तर से रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।
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चंद्र भूषण सिंह, जिलाधिकारी अलीगढ़
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सांप्रदायिक हिंसा, दंगे, उपद्रव जैसी घटनाओं से होने वाले सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए शासन ने दो दिन पूर्व संपत्ति क्षति दावा अधिकरण बोर्ड का गठन किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुख्य मेरठ जिले में बोर्ड का मुख्यालय बनाया गया है। यह बोर्ड हिंसा के दौरान हुए सरकारी संपत्ति के नुकसान के मामलों की सुनवाई करेगा। पुलिस संपत्ति के नुकसान का आकलन कर अपना पक्ष बोर्ड के समक्ष रखेगी। इसके बाद बोर्ड दावे के अनुसार नुकसान की भरपाई के आदेश जारी करेगा। उन लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे, जो संबंधित मुकदमों में नामजद होंगे और उनके नाम का उल्लेख पुलिस द्वारा प्रकरणों में किया जाएगा। हालांकि अभी तक इस मामले में शासन स्तर से गाइडलाइन जारी नहीं हुई है। इसके बावजूद प्रशासन ने रिपोर्ट बनानी शुरू कर दी है। अपने यहां सीएए व एनआरसी के विरोध में 15 सितंबर 2019 को एएमयू छात्रों द्वारा किए गए उपद्रव से हुए सरकारी संपत्ति के नुकसान का मामला बोर्ड को भेजा जाने वाला है।
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- संपत्ति क्षति दावा अधिकरण बोर्ड में एएमयू में सितंबर 2019 में हुए उपद्रव का मामला भेजा जाएगा। ऊपर कोट उपद्रव मामले में हुए सरकारी संपत्ति के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। इस मामले को भी बोर्ड के पास भेजा जाएगा। शासन से भी इस संबंध में ब्योरा तलब किया गया है, जिसे लेकर पुलिस स्तर से रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।
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चंद्र भूषण सिंह, जिलाधिकारी अलीगढ़