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नागरिकता संशोधन कानून का विरोधः एएसपी से बोले शिक्षक, कैंपस में पुलिस क्यों घुसी?
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एएमयू बाब ए सैय्यद गेट पर जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन करते एएमयू कर्मचारी व छात्र।
- फोटो : CITY OFFICE
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एएमयू शिक्षकों से शनिवार को संवाद करने स्टाफ क्लब पहुंचे एसएसपी के सामने ही छात्रों पर कार्रवाई के मुद्दे पर शिक्षकों के दो गुट आपस में ही भिड़ गए। इसके अलावा कैंपस में पुलिस के प्रवेश करने को लेकर शिक्षकों ने उनके समक्ष रोष जताया।
शनिवार को स्टाफ क्लब पर एसएसपी आकाश कुलहरि पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया और बताया कि क्या हालात थे, जिनमें पुलिस को कैंपस में दाखिल होना पड़ा। इस दौरान कुछ शिक्षकों ने रोष व्यक्त करते हुए उनसे कहा कि आखिर कैंपस में पुलिस ने प्रवेश क्यों किया? इस पर बताया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिखित में पुलिस को कॉल किया था। अभी संवाद चल ही रहा था कि कुछ शिक्षक कैंपस में उपद्रव करने वाले छात्रों पर कार्रवाई पर दो फाड़ हो गए। कुछ शिक्षकों ने कहा कि एसएसपी हमारे बीच आए हैं। हमें उन्हें सुनना चाहिए। जबकि कुछ शिक्षक पहले अपनी बात कहने पर अड़े थे। इस भी शिक्षक आपस में उलझते दिखाई दिए। संवाद में एसएसपी ने स्पष्ट कर दिया कि मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। वहां से जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
‘विश्वविद्यालय में जो भी पत्थरबाजी की घटना हुई है उसमें हमारे छात्र शामिल ही नहीं हैं। हमने पुलिस से कह दिया है हम अपने छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेंगे। बल्कि उनकी काउंसलिंग करेंगे और उन्हें अनुशासन का महत्व समझाएंगे’
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- डॉ. अफीफउल्लाह, प्राक्टर, एएएमयू
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शनिवार को स्टाफ क्लब पर एसएसपी आकाश कुलहरि पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया और बताया कि क्या हालात थे, जिनमें पुलिस को कैंपस में दाखिल होना पड़ा। इस दौरान कुछ शिक्षकों ने रोष व्यक्त करते हुए उनसे कहा कि आखिर कैंपस में पुलिस ने प्रवेश क्यों किया? इस पर बताया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने लिखित में पुलिस को कॉल किया था। अभी संवाद चल ही रहा था कि कुछ शिक्षक कैंपस में उपद्रव करने वाले छात्रों पर कार्रवाई पर दो फाड़ हो गए। कुछ शिक्षकों ने कहा कि एसएसपी हमारे बीच आए हैं। हमें उन्हें सुनना चाहिए। जबकि कुछ शिक्षक पहले अपनी बात कहने पर अड़े थे। इस भी शिक्षक आपस में उलझते दिखाई दिए। संवाद में एसएसपी ने स्पष्ट कर दिया कि मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। वहां से जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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‘विश्वविद्यालय में जो भी पत्थरबाजी की घटना हुई है उसमें हमारे छात्र शामिल ही नहीं हैं। हमने पुलिस से कह दिया है हम अपने छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेंगे। बल्कि उनकी काउंसलिंग करेंगे और उन्हें अनुशासन का महत्व समझाएंगे’
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- डॉ. अफीफउल्लाह, प्राक्टर, एएएमयू