अलीगढ़ हत्याकांडः टप्पल में रही शांति, तनाव के बीच खुले बाजार, फोर्स तैनात
टप्पल में ढाई साल की मासूम की हत्या का मुद्दा एक तरफ जहां लगातार तूल पकड़ता जा रहा है, वहीं कस्बे में सोमवार को तनावपूर्ण शांति के बीच भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान बच्ची के घर पर संवेदना व्यक्त करने वाले लोगों की आवाजाही भी जारी रही। एडीजी आगरा जोन अजय आनंद भी मुख्यमंत्री की लखनऊ में प्रस्तावित बैठक से पहले अपडेट लेने टप्पल पहुंचे। यहां उन्होंने एक घंटे तक अधिकारियों से अब तक के हालात पर चर्चा कर डीजीपी को फीडबैक दिया। इससे पहले टप्पल के खैर सर्किल के सीओ हटा दिए गए हैं। अब पंकज श्रीवास्तव के स्थान पर संजीव दीक्षित को नया सीओ बनाया है। हालात काबू में रखने के लिए अफवाहों के नियंत्रण की खातिर खैर तहसील क्षेत्र की इंटरनेट सेवाएं सोमवार रात 12 बजे तक के लिए बंद कर दी गई हैं।
मासूम हत्याकांड के बाद अशांत हुए कस्बा टप्पल में सोमवार को शांति रही, मगर माहौल सन्नाटा भरा व तनावपूर्ण रहा। हालांकि बाजार खुल गए लेकिन मृतका के घर के आस पास के अलावा कस्बे में चप्पे-चप्पे पर पुलिस-पीएसी की तैनाती लोगों को संयमित रहने का अहसास दिलाती रही। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर फैल रही अफवाहों के चलते सुबह से ही डीएम के आदेश पर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और सुबह ही डीएम चंद्रभूषण सिंह व एसएसपी आकाश कुलहरि ने टप्पल पहुंचकर डेरा जमा दिया। वहां बैठकर पूरे कस्बे व क्षेत्र की स्थिति का जायजा लेते रहे। चूंकि सुबह ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में इस मुद्दे पर डीजीपी व अन्य अफसरों की बैठक बुला रखी थी। इसलिए इस बैठक से पहले भौतिक इनपुट लखनऊ पहुंचाने के इरादे से एडीजी आगरा जोन अजय आनंद भी यहां पहुंच गए। उन्होंने थाने में करीब एक घंटे तक बैठक कर घटना के बाद से लेकर अब तक की गतिविधि व कार्रवाई की समीक्षा की। साथ ही संतोष जाहिर करते हुए उच्च स्तर पर अवगत कराया।
इस दौरान जब महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुस्मिता देव, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल आदि पहुंचे। उन्होंने राहुल-प्रियंका व पूरी कांग्रेस की ओर से परिवार संग न्याय मिलने तक खड़ा होने का भरोसा दिलाया। इसी बीच करणी सेना के अध्यक्ष सूरजपाल प्रधान भी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने बच्ची के परिवार के सुर में सुर मिलाते हुए आरोपियों को फांसी की मांग दोहराई। इस दौरान मीडिया से बातचीत में बच्ची के पिता ने कहा कि शुरू में पुलिस ने लापरवाही की थी। अगर पुलिस सतर्क होती तो घटना को रोका जा सकता था। बच्ची का शव मिलने के बाद से पुलिस प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रही है। मैं संतुष्ट हूं, लेकिन अभी पूर्ण रूप से सही खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस घटना का की सही जांच करे, अगर आरोपियों के और सहयोगी हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करे परंतु बेगुनाहों को नहीं फंसाया जाये।
- चारों आरोपी जेल जा चुके हैं। अब कस्बे में हालात लगातार सामान्य हो रहे हैं। एहतियातन पुलिस बल तैनात है। वहीं अफवाहों पर नियंत्रण के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कराई गईं हैं। अब किसी को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। जो भी कानून तोड़ेगा, उस पर सख्ती से मुकदमा होगा।
-आकाश कुलहरि, एसएसपी