नगर निगम ने लागू किए नए नियम: आईआईटी, पीडब्ल्यूडी और एएमयू की टीमें करेंगी निर्माण गुणवत्ता जांच, ये बनाए नियम
अब कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य का अधिकृत पत्र जारी होने के 10 दिन के अंदर परफॉर्मेंस गारंटी की तयशुदा धनराशि जमा कर अनुबंध करेगी। ऐसा न करने पर प्रतिदिन 1000 रुपये का अर्थदंड लगेगा। पत्र जारी होने के 30 दिन के अंदर अनुबंध न होने पर कार्य निरस्त कर टेंडर की जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।
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अलीगढ़ शहर के विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नगर निगम ने नये नियम लागू कर दिए हैं। अब 50 लाख रुपये या इससे अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की सामग्री एवं गुणवत्ता की जांच आईआईटी की टीम करेगी। इससे कम लागत वाले कार्यों में निर्माण सामग्री और गुणवत्ता की जांच पीडब्लूडी, एएमयू या सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) की टीमें करेंगी।
नये नियम के अनुसार अब कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य का अधिकृत पत्र जारी होने के 10 दिन के अंदर परफॉर्मेंस गारंटी की तयशुदा धनराशि जमा कर अनुबंध करेगी। ऐसा न करने पर प्रतिदिन 1000 रुपये का अर्थदंड लगेगा। पत्र जारी होने के 30 दिन के अंदर अनुबंध न होने पर कार्य निरस्त कर टेंडर की जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी। संबंधित ठेकेदार को काली सूची में डाला जाएगा।
कार्य में देरी होने पर प्रति सप्ताह एक फीसदी की दर से जुर्माना लगेगा। इसमें अनुबंधित राशि पर अधिकतम 10 फीसदी तक का अर्थदंड लागू होगा। यह वसूली परफॉर्मेंस सिक्योरिटी, चालू भुगतान या अन्य जमा धनराशि से की जाएगी। परियोजना लागत की पांच फीसदी धनराशि परफॉर्मेंस गारंटी के रूप में रोकी जाएगी और रख-रखाव संतोषजनक होने पर ही भुगतान होगा।
नई प्रणाली से निर्माण कार्यों में बुनियादी सुधार होगा। विकास कार्य समय से पूरे होंगे और उनकी गुणवत्ता में सुधार आएगा। ठेकेदारों की जवाबदेही बढ़ेगी।-प्रशांत सिंघल, महापौर।
निर्माण कार्यों में हो रही देरी को रोकने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह गुणवत्ता के साथ कार्य करें।-प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त।