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अलीगढ़ : खेरेश्वर व अचलेश्वर धाम में भक्तों ने चढ़ाया जल
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खेरेश्वर मंदिर में कोरोना वायरस से बचाव के लिए मंदिर में लगे घंटे को कपड़े से ढका।
- फोटो : CITY OFFICE
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22 मार्च को जनता कर्फ्यू और फिर लॉकडाउन के चलते बंद हुए शहर के प्रमुख मंदिर सोमवार को पहली बार शासन प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार खुले। मंदिर के अंदर का नजारा बदला-बदला सा नजर आया। कई पाबंदियों और एहतियातों के साथ श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया गया।
श्री वार्ष्णेय मंदिर, खेरेश्वर धाम, अचलेश्वर मंदिर, श्री गिलहराज मंदिर, प्राचीन सिद्धपीठ श्री सिद्धिविनायक महालक्ष्मी मंदिर में पांच-पांच श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दी गई। श्रद्धालुओं के हाथ सैनिटाइज कराए गए। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया गया। मूर्तियों और मंदिर परिसर की विभिन्न वस्तुओं को छूने नहीं दिया गया। नियमों के पालन के दौरान कई बार रोक-टोक पर श्रद्धालुओं की मंदिर समिति पदाधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। लेकिन प्रबंध समिति ने शासनादेश का हवाला देते हुए मामला शांत किया। सोमवार के चलते अचलेश्वर महादेव मंदिर और खेरेश्वर धाम में जल चढ़ाने के लिए दिन भर श्रद्धालु पहुंचते रहे।
मंदिर खुले तो फूल और फड़ विक्रेताओं का शुरू हुआ व्यापार
मंदिर खुलने के साथ ही साथ बाहर फूल और पूजन सामग्री की ढकेल और फड़ लग गए। गन्ने का जूस, फल विक्रेता भी मंदिरों के आसपास नजर आए। श्रद्धालुओं ने भी खरीददारी की। ऐसे में भले ही नुकसान की भरपाई न हो पाई हो, लेकिन सभी में आस जाग उठी की, अब व्यापार पटरी पर आने लगेगा।
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श्री वार्ष्णेय मंदिर, खेरेश्वर धाम, अचलेश्वर मंदिर, श्री गिलहराज मंदिर, प्राचीन सिद्धपीठ श्री सिद्धिविनायक महालक्ष्मी मंदिर में पांच-पांच श्रद्धालुओं को प्रवेश की अनुमति दी गई। श्रद्धालुओं के हाथ सैनिटाइज कराए गए। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद प्रवेश दिया गया। मूर्तियों और मंदिर परिसर की विभिन्न वस्तुओं को छूने नहीं दिया गया। नियमों के पालन के दौरान कई बार रोक-टोक पर श्रद्धालुओं की मंदिर समिति पदाधिकारियों के साथ नोकझोंक भी हुई। लेकिन प्रबंध समिति ने शासनादेश का हवाला देते हुए मामला शांत किया। सोमवार के चलते अचलेश्वर महादेव मंदिर और खेरेश्वर धाम में जल चढ़ाने के लिए दिन भर श्रद्धालु पहुंचते रहे।
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मंदिर खुले तो फूल और फड़ विक्रेताओं का शुरू हुआ व्यापार
मंदिर खुलने के साथ ही साथ बाहर फूल और पूजन सामग्री की ढकेल और फड़ लग गए। गन्ने का जूस, फल विक्रेता भी मंदिरों के आसपास नजर आए। श्रद्धालुओं ने भी खरीददारी की। ऐसे में भले ही नुकसान की भरपाई न हो पाई हो, लेकिन सभी में आस जाग उठी की, अब व्यापार पटरी पर आने लगेगा।

खेरेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लाइन में लगे श्रद्धालु।- फोटो : CITY OFFICE
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