{"_id":"62dd9fe9fad57d214161c6d2","slug":"alamgir-murder-case-just-waiting-for-police-testimony-city-office-news-ali296747835","type":"story","status":"publish","title_hn":"आलमगीर हत्याकांड ... सिर्फ पुलिस की गवाही का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आलमगीर हत्याकांड ... सिर्फ पुलिस की गवाही का इंतजार
विज्ञापन
यूपी की टॉप-20 सूची में शामिल रहे पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधी मुनीर मेहताब पर अलीगढ़ में भी संगीन अपराध दर्ज हैं। पिछले दिनों एनआईए डीएसपी तंजील अहमद दंपती हत्याकांड में बिजनौर की कोर्ट से सजा पा चुके मुनीर के खिलाफ यहां के मुकदमों में गवाही चल रही है। एक मुकदमा एएमयू छात्र आलमगीर की हत्या का है, जिसमें सिर्फ पुलिस के एक विवेचक की गवाही का इंतजार है। लगातार तलबी के बाद भी यह इंस्पेक्टर गवाही के लिए नहीं आ रहे।
18 अक्तूबर 2015 की दोपहर करीब 3:30 बजे एएमयू कंप्यूटर सेंटर के सामने सहारनपुर निवासी एएमयू छात्र आलमगीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या में मुख्य आरोपी बिजनौर निवासी मुनीर सहित आजमगढ़ और हाल पता सर सैयद नगर निवासी रिहान आजमी, शादाब सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में जारी है। वर्ष 2018 में रिहान आजमी को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दे चुकी है। इस हत्याकांड में मुनीर का एक साथी सऊद आज तक गिरफ्तार नहीं हुआ।
एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर बताते हैं कि मुकदमे में मुनीर सहित अन्य के खिलाफ गवाही अंतिम दौर में है। मुनीर की गिरफ्तारी के बाद उससे रिमांड पर पिस्टल बरामद करने वाले तत्कालीन इंस्पेक्टर सिविल लाइंस सुनील वर्मा पिछले कई माह से तलब किए जा रहे हैं, मगर वे गवाही के लिए नहीं पहुंच रहे। इसलिए ट्रायल रुका हुआ है। मुनीर व साजिश के आरोपी आशुतोष दिल्ली जेल में है, जिनकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से होती है।
विज्ञापन
दोस्त आशुतोष को थप्पड़ के बदले मारा आलमगीर
पुलिस जांच में उजागर हुआ था कि एएमयू छात्रों की एक बस यात्रा के दौरान आलमगीर व मुनीर के दोस्त व एएमयू छात्र रहे आशुतोष में झगड़ा हो गया था, जिसमें आलमगीर ने आशुतोष के थप्पड़ जड़ दिया था। इसी विवाद में आशुतोष के कहने पर मुनीर ने अन्य साथियों संग मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था।
कारोबारी फहद में भी जारी है गवाही
आलमगीर की हत्या से पहले 20 अक्तूबर 2014 को अमीर निशा के कारोबारी फहद अपनी पत्नी व बच्चे संग बाजार से बाइक पर घर लौट रहे थे। तभी अमीर निशा के पास पीछे से बाइक पर आ रहे अपराधियों ने आगे निकलने के लिए बार-बार हॉर्न बजाया। इस पर फहद ने टोक दिया कि इतना हॉर्न क्यों बजा रहे हो। इसी बात पर पत्नी व बच्चे के सामने फहद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान मुनीर व एएमयू के लॉ छात्र आशुतोष मिश्रा के रूप में हुई। आशुतोष की कुछ ही दिन बाद ही गिरफ्तारी हो गई। इस हत्या का मुकदमा एडीजे फास्ट ट्रक प्रथम की अदालत में लंबित है। एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार, इसमें विवेचक इंस्पेक्टर कोमल सिंह गवाही के लिए तलब हैं।
विज्ञापन
18 अक्तूबर 2015 की दोपहर करीब 3:30 बजे एएमयू कंप्यूटर सेंटर के सामने सहारनपुर निवासी एएमयू छात्र आलमगीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में एनआईए अफसर तंजील अहमद की हत्या में मुख्य आरोपी बिजनौर निवासी मुनीर सहित आजमगढ़ और हाल पता सर सैयद नगर निवासी रिहान आजमी, शादाब सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में जारी है। वर्ष 2018 में रिहान आजमी को अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त करार दे चुकी है। इस हत्याकांड में मुनीर का एक साथी सऊद आज तक गिरफ्तार नहीं हुआ।
विज्ञापन
एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर बताते हैं कि मुकदमे में मुनीर सहित अन्य के खिलाफ गवाही अंतिम दौर में है। मुनीर की गिरफ्तारी के बाद उससे रिमांड पर पिस्टल बरामद करने वाले तत्कालीन इंस्पेक्टर सिविल लाइंस सुनील वर्मा पिछले कई माह से तलब किए जा रहे हैं, मगर वे गवाही के लिए नहीं पहुंच रहे। इसलिए ट्रायल रुका हुआ है। मुनीर व साजिश के आरोपी आशुतोष दिल्ली जेल में है, जिनकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से होती है।
विज्ञापन
दोस्त आशुतोष को थप्पड़ के बदले मारा आलमगीर
पुलिस जांच में उजागर हुआ था कि एएमयू छात्रों की एक बस यात्रा के दौरान आलमगीर व मुनीर के दोस्त व एएमयू छात्र रहे आशुतोष में झगड़ा हो गया था, जिसमें आलमगीर ने आशुतोष के थप्पड़ जड़ दिया था। इसी विवाद में आशुतोष के कहने पर मुनीर ने अन्य साथियों संग मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था।
कारोबारी फहद में भी जारी है गवाही
आलमगीर की हत्या से पहले 20 अक्तूबर 2014 को अमीर निशा के कारोबारी फहद अपनी पत्नी व बच्चे संग बाजार से बाइक पर घर लौट रहे थे। तभी अमीर निशा के पास पीछे से बाइक पर आ रहे अपराधियों ने आगे निकलने के लिए बार-बार हॉर्न बजाया। इस पर फहद ने टोक दिया कि इतना हॉर्न क्यों बजा रहे हो। इसी बात पर पत्नी व बच्चे के सामने फहद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान मुनीर व एएमयू के लॉ छात्र आशुतोष मिश्रा के रूप में हुई। आशुतोष की कुछ ही दिन बाद ही गिरफ्तारी हो गई। इस हत्या का मुकदमा एडीजे फास्ट ट्रक प्रथम की अदालत में लंबित है। एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार, इसमें विवेचक इंस्पेक्टर कोमल सिंह गवाही के लिए तलब हैं।