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हवा का हाल : एएमयू में 40, तालानगरी में 193 एक्यूआई

Sat, 24 Oct 2026 03:01 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 03:01 AM IST
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Air quality status: AQI of 40 at AMU, 193 in Talanagari
एटा चुंगी जीटी रोड पर उड़ती धूल। - फोटो : photo
शहर की हवा का हाल लगातार खराब होता जा रहा है। वायु प्रदूषण मापक यंत्रों के आंकड़ों पर गौर करें तो एएमयू के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में शुक्रवार दोपहर दो बजे एक्यूआई 40 और तालानगरी में 193 दर्ज किया गया। लगभग नौ किमी की दूरी में ही वायु प्रदूषण के आंकड़ों में यह बड़ा अंतर कई सवाल उठा रहा है।
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शहर की हवा में पीएम-2.5 और पीएम-10 जैसे बेहद सूक्ष्म हानिकारक कणों की मात्रा अधिक होती जा रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो पीएम-2.5 की मात्रा 39 से 47, पीएम-10 की मात्रा 140 से 147 तक दर्ज हुई है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों के अनुसार पीएम-2.5 की मात्रा 60 और पीएम-10 की मात्रा 100 से अधिक नहीं होनी चाहिए। पीएम-2.5 के बारीक कण वाहनों के धुएं, उद्योगों के कचरे और पराली जलाने से बढ़ते हैं। ये इतने छोटे होते हैं कि फेफड़ों में गहराई तक चले जाते हैं और सीधे रक्त प्रवाह में मिलकर दिल और दिमाग को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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पीएम-10 के बारीक कण धूल और निर्माण स्थलों के मलबे से बढ़ते हैं। सांस लेने पर ये नाक और गले के ऊपरी हिस्से में फंस जाते हैं। नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की मात्रा 80 और सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा 80 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होनी चाहिए। शहर में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की मात्रा 21 से 23 और सल्फर डाइऑक्साइड की मात्रा 15 से 18 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक दर्ज हुई है।
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. विश्वनाथ शर्मा ने बताया कि वायु प्रदूषण मापने वाले यंत्र लगभग 500 मीटर की दूरी का हाल बताते हैं, इसलिए अलग अलग जगहों पर वायु प्रदूषण का स्तर अलग-अलग दर्ज होता है। इसको नियंत्रित करने के लिए प्रशासन से सहयोग मांगा जाएगा। जहां धूल ज्यादा उड़ रही है वहां पानी का छिड़काव कराने के लिए कहा जाएगा, ताकि धूल कम उड़े और वायु गुणवत्ता ठीक हो सके।

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एटा चुंगी चौराहे पर भी हालात खराब
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सेवानिृवत्त क्षेत्रीय अधिकारी जेपी सिंह ने बताया कि शहर में वर्तमान में एटा चुंगी चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण कार्य होने से बहुत धूल उड़ रही है। यहां की हालत सबसे अधिक खराब है। इसी तरह से जिन चौराहों पर जाम लग रहा है, वहां की वायु गुणवत्ता खराब है। इसमें तालानगरी, सारसौल चौराहा, दुबे का पड़ाव चौराहा, आगरा रोड, सासनी गेट चौराहा, बस स्टैंड गांधी पार्क, मसूदाबाद, तहसील कोल तिराहा, नौरंगाबाद छावनी जैसे इलाकों में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ रही है।

हम सुबह दुकान पर आते हैं तो धूल की मोटी परत जम मिलती है। गले में खराश हो जाती है। वायु गुणवत्ता खराब होती जा रही है।
-तुषार भारद्वाज, तालानगरी।

धूल-मिट्टी को उड़ने से रोकने के लिए ट्रैक्टरों से पानी का छिड़काव कराना चाहिए, ताकि वायु का स्तर सही रखा जा सके।
-गुड्डू सिंह, तालानगरी।

एटा चुंगी चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण हो रहा है, यहां न तो पानी छिड़का जा रहा है, न ही कोई अन्य उपाय हो रहा है।
-अक्षय कुमार, प्रेम नगर।
दुकानों में बहुत धूल जम जाती है, जिसे साफ करने में ही खांसी होने लगती है। वायु की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है।
अतुल माहेश्वरी, एटा चुंगी चौराहा।
अफसरों को कम से कम निरीक्षण तो करना चाहिए, ताकि उन्हें भी पता चल सके कि लोग किस हालात में रहने के लिए मजबूर हैं।
बंटी शर्मा, एटा चुंगी।
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