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अलीगढ़ः घर से न निकलें 'बेनकाब', हवा है खराब
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नौरंगाबाद जीटी रोड पर छाई धुंध।
- फोटो : CITY OFFICE
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दीपावली के बाद से महानगर में धुंध छाई है। इससे सांस के रोगियों की दिक्कत बढ़ने लगी है। चिकित्सकों का कहना है कि सांस के रोगी घर से बाहर निकलने से परहेज करें। बहुत जरूरी हो तो मास्क लगाकर ही निकलें।
प्रदूषण बढ़ने के बाद शहर में धुंध छाई है। तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे मौसम में फेफड़े एवं सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है।
जेएन मेडिकल कॉलेज के टीबी एंड चेस्ट विभाग के प्रो. शमीम ने बताया कि वर्तमान मौसम सांस के रोगियों के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि सांस के रोगियों के लिए अच्छा होगा कि घर से बाहर न निकलें। बहुत जरूरी हो तो मास्क लगाकर ही घर से निकलें। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसके सिंघल ने बताया कि प्रदूषण के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया है। सांस के रोगी घर में रहें। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में न जाएं। नियमित जांच कराते रहें और दवाएं लेते रहें। भोजन में मिर्च, मसाले का कम इस्तेमाल करें। तली भुनी हुई चीजें ज्यादा न खाएं।
शहर की हवा हो गई दूषित
शहर की हवा सेहत के अनुकूल नहीं है। पीएम 10 मानक से कई गुना अधिक है। नवंबर में एक सप्ताह में पीएम 10, 225 से लेकर 256 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रिकार्ड किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि पीएम 10 का स्तर 100 से अधिक होने पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होने लगती हैं। प्रदूषण की वजह से वातावरण में धुंध है।
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वायु प्रदूषण की स्थिति
तिथि पीएम-10
7 नवंबर 225
6 नवंबर 253
3 नवंबर 256
2 नवंबर 253
1 नवंबर 240
नोट... पीएम-10 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर में है।
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प्रदूषण बढ़ने के बाद शहर में धुंध छाई है। तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। ऐसे मौसम में फेफड़े एवं सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है।
जेएन मेडिकल कॉलेज के टीबी एंड चेस्ट विभाग के प्रो. शमीम ने बताया कि वर्तमान मौसम सांस के रोगियों के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि सांस के रोगियों के लिए अच्छा होगा कि घर से बाहर न निकलें। बहुत जरूरी हो तो मास्क लगाकर ही घर से निकलें। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसके सिंघल ने बताया कि प्रदूषण के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया है। सांस के रोगी घर में रहें। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र में न जाएं। नियमित जांच कराते रहें और दवाएं लेते रहें। भोजन में मिर्च, मसाले का कम इस्तेमाल करें। तली भुनी हुई चीजें ज्यादा न खाएं।
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शहर की हवा हो गई दूषित
शहर की हवा सेहत के अनुकूल नहीं है। पीएम 10 मानक से कई गुना अधिक है। नवंबर में एक सप्ताह में पीएम 10, 225 से लेकर 256 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रिकार्ड किया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि पीएम 10 का स्तर 100 से अधिक होने पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होने लगती हैं। प्रदूषण की वजह से वातावरण में धुंध है।
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वायु प्रदूषण की स्थिति
तिथि पीएम-10
7 नवंबर 225
6 नवंबर 253
3 नवंबर 256
2 नवंबर 253
1 नवंबर 240
नोट... पीएम-10 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर में है।