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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सहमत, प्रशासन की भी तय हो जिम्मेदारी

Sun, 11 Sep 2022 01:21 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 11 Sep 2022 01:21 AM IST
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Agreed on the order of the Supreme Court, the responsibility of the administration should also be fixed
रावणटीला में कुत्तों का झुंड। अमर उजाला - फोटो : CITY OFFICE
लावारिस कुत्तों को खाना देने वाले ही उनका टीकाकरण कराएं संबंधी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शहर के वे एनजीओ सहमत हैं, जो लावारिस कुत्तों की रखवाली कर रहे हैं। कुछ संगठन तो ऐसे हैं, जो पहले से ये काम कर रहे हैं।
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कुछ ऐसे हैं, जो इस आदेश के बाद इस पर प्रयास शुरू करेंगे, मगर इन्हें प्रशासनिक सहयोग न मिलने पर नाराजगी है। हालांकि, लावारिस कुत्तों द्वारा किसी को काटने पर उसके उपचार व मुआवजे के आदेश पर एनजीओ एक ही बात कह रहे हैं कि कौन आगे आएगा? इसमें प्रशासन को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
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जिले में 11114 पालतू कुत्ते, पर निगम में पंजीकरण नहीं
गाजियाबाद में पालतू कुत्ते द्वारा बच्चे को काटे जाने पर 150 टांके आने की घटना ने एक बार फिर कुत्ते पालने के नियमों पर ध्यान खींचा है। अलीगढ़ जिले की बात करें तो पशु पालन विभाग के रिकार्ड के अनुसार 11114 पालतू कुत्ते हैं, मगर नगर निगम से अभी तक किसी ने न लाइसेंस ले रखा है और न पंजीकरण करा रखा है, जबकि नियमानुसार कुत्ता पालने के लिए लाइसेंस लेकर सालाना शुल्क जमा कराना होता है। बिना लाइसेंस कुत्ता पालने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगता है।
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- पिछले तीन माह से हम अपने संगठन के जरिये बीमार, दुर्घटनाग्रस्त, लकवाग्रस्त कुत्तों का उपचार कर रहे हैं। उनका टीकाकरण भी कराते हैं। तमाम प्रयास के बाद भी पशु पालन विभाग या नगर निगम से हमें कोई मदद नहीं मिलती। हम निजी सांसाधनों से टीकाकरण वायल खरीदकर कुत्तों को टीके लगाते हैं। - शर्मिला सेजवाल, अध्यक्ष जीव दया फाउंडेशन
- पिछले दो वर्ष से हमारी टीम लावारिस कुत्तों को भोजन खिलाने का काम कर रही है। टीकाकरण कराने का भी काम शुरू किया जाएगा। मगर इसमें हमारी जिम्मेदारी तय न हो। ऐसे तो घरों में खाने के बाद कुत्ते को रोटी देने वाला भी अपने हाथ पीछे खींचेगा। इसमें प्रशासन की जिम्मेदारी तय की जाए। - यशमणि जैन, अध्यक्ष एनिमल फीडर्स
- ये दो संगठन हैं सक्रिय -
-एनिमल फीडर्स एनजीओ : यह संगठन शहर में सुबह 6 बजे से लावारिस कुत्तों व गायों को भोजन खिलाने निकलता है। इसमें 30 सक्रिय सहित 50 से अधिक सदस्य हैं। आपसी सहयोग से भोजन आदि की व्यवस्था करते हैं।
- जीव दया फाउंडेशन : यह संगठन लावारिस कुत्तों के उपचार, उनकी नसबंदी, टीकाकरण आदि पर काम करता है। करीब 80 सदस्य हैं। आपसी सहयोग से इस संगठन ने कयामपुर मोड़ पर शेल्टर होम बना रखा है, जहां डॉक्टर भी नियमित बुलाए जाते हैं। पिछले तीन माह में 4 लकवा पीड़ित कुत्ते सही किए जा चुके हैं। 175 की नसबंदी हो चुकी है और 125 का टीकाकरण भी कराया जा चुका है। अब संगठन लावारिस कुत्तों का सर्वे कराने की तैयारी में है।
हार्मोनल बदलाव होने पर हमलावर होते हैं कुत्ते
विशेषज्ञ बताते हैं कि कोई भी कुत्ता चाहे वह पालतू हो या लावारिस। जब भी कुत्ते में हार्मोनल बदलाव होते हैं, तभी वह आक्रामक होता है और किसी के भी छेड़ने या डर पर हमला करता है। कभी भी कुत्ते को देखकर उछलकूद या डरकर भागना/चीखना नहीं चाहिए। पालतू कुत्ते पर देखते ही प्यार नहीं दिखाना चाहिए।
ये करें उपचार
वरिष्ठ पशु शल्य चिकित्सक डॉ. विराम वार्ष्णेय ने बताया कि अगर कुत्ता व्यक्ति को काट ले, तो उसे फौरन घाव को साबुन और बहते पानी से धोना चाहिए। इससे संक्रमण रोका जा सकता है। कुत्ते के काटने से चमड़ी निकल गई है तो संक्रमण हो सकता है। घाव ज्यादा होने से नसों को नुकसान पहुंच सकता है। खून को बहने से रोकने के लिए घाव के पास कॉटन या साफ कपड़ा लगाएं। अगर लालिमा, सूजन, दर्द और बुखार आ जाए तो सतर्क होना चाहिए।

- कुत्ता पालने के लिए नगर निगम स्तर से लाइसेंस जारी करने का नियम है। उसके पालने का स्थान, शौच कराने का स्थान, टीकाकरण कराना बेहद जरूरी है। अगर किसी को कुत्ता काटता है तो लापरवाही पर कुत्ता स्वामी पर और मौत पर कुत्ता स्वामी पर मुकदमा दर्ज हो सकता है। - नीरज चौहान, एडवोकेट
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