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Aligarh News: बारिश के बाद अब टिड्डी का फसलों पर हमला, किसान चिंतित
Thu, 10 Aug 2023 01:32 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 10 Aug 2023 01:32 AM IST
सार
टिड्डियों के दल फसलों के ऊपर मंडरा रहे हैं। जो फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। टिड्डियां पेड़, पौधे सहित सब्जी की फसल को भी बर्बाद करती हैं। शाम के समय फसलों के आसपास जमीन पर बैठ जाती हैं। रात में फसलों व पेड़ों की पत्तियों को खाकर नुकसान पहुंचाती हैं।
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उड़ती हुईं टिड्डियां
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बारिश के बाद किसान अब टिड्डियों का प्रकोप बढ़ने से चिंतित हैं। इसे लेकर कृषि विभाग भी सतर्क हो गया है। अफसरों ने किसानों को बचाव के उपाय बताने शुरू कर दिए हैं।
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टिड्डियों के दल फसलों के ऊपर मंडरा रहे हैं। जो फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि टिड्डियां पेड़, पौधे सहित सब्जी की फसल को भी बर्बाद करती हैं। शाम के समय फसलों के आसपास जमीन पर बैठ जाती हैं। रात में फसलों व पेड़ों की पत्तियों को खाकर नुकसान पहुंचाती हैं।
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इन रसायनों का करें फसलों पर छिड़काव
जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह के अनुसार फसलों में टिड्डियों का प्रकोप बढ़ गया हो तो कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कर भी इनकों मारा जा सकता है। टिड्डी प्रबंधन के लिए फसलों पर नीम के बीजों का पाउडर बनाकर 40 ग्राम पाउडर प्रति लीटर पानी में घोल कर छिड़काव करें तो दो-तीन सप्ताह तक फसल सुरक्षित रहती है।
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इसके अलावा बेन्डियोकार्ब 80 प्रतिशत 125 ग्राम, क्लोरपाइरीफास 20 प्रतिशत, ईसी 1200 मिली, क्लोरपाइरीफास 50 प्रतिशत, ईसी 480 मिली, डेल्टामेथरिन 2.8 प्रतिशत, ईसी 625 मिली, डेल्टामेथरिन 1.25 प्रतिशत एससी 1400 मिली, डाईफ्लूबेनज्यूरॉन 25 प्रतिशत डब्ल्यूपी 120 ग्राम, लैंब्डा - साईहेलोथ्रिन 5 प्रतिशत ईसी 400 मिली आदि रसायनों में से किसी एक को 500-600 मिली पानी में घोलकर छिड़काव करने से टिड्डियां फसलों को प्रभावित नहीं करेंगी। उन्होंने कहा कि इसको लेकर किसानों को लगातार जागरूक किया जाएगा।