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Aligarh News: 11 साल बाद एएमयू ने छोड़ा गांधी नेत्र चिकित्सालय के भवन से कब्जा
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आखिरकार अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) ने 11 साल बाद गांधी नेत्र चिकित्सालय के भवन पर कब्जा छोड़ने का निर्णय यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक में लिया गया। वहीं, यूनिवर्सिटी का कायाकल्प करने के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया, जो पारित हो गया।
यूनिवर्सिटी परिसर में जेएन मेडिकल कॉलेज बनने से पहले ऑप्थलमोलॉजी विभाग रामघाट रोड स्थित गांधी नेत्र चिकित्सालय में वर्ष 1952 से संचालित हो रहा था, जो वर्ष 2014 में जेएन मेडिकल कॉलेज के ऑप्थलमोलॉजी विभाग में स्थानांतरित हो गया था।
कार्यकारी परिषद की बैठक में चिकित्सालय के भवन को छोड़ने का एजेंडा रखा गया, जिस पर मंजूरी मिल गई। वहीं, 500 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया, जो पारित हुआ। इससे जेएन मेडिकल कॉलेज सहित यूनिवर्सिटी का कायाकल्प होगा।
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इसी तरह मूल पदों पर शिक्षकों की तैनाती पर मुहर लगी। नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य के बने रहने का भी एजेंडा रखा गया, जिस पर कमेटी बना दी गई है। जांच आख्या के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उधर, गांधी नेत्र चिकित्सालय के अधीक्षक मधुप लहरी ने चिकित्सालय के भवन पर कब्जा छोड़ने के निर्णय का स्वागत किया है।
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यूनिवर्सिटी परिसर में जेएन मेडिकल कॉलेज बनने से पहले ऑप्थलमोलॉजी विभाग रामघाट रोड स्थित गांधी नेत्र चिकित्सालय में वर्ष 1952 से संचालित हो रहा था, जो वर्ष 2014 में जेएन मेडिकल कॉलेज के ऑप्थलमोलॉजी विभाग में स्थानांतरित हो गया था।
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कार्यकारी परिषद की बैठक में चिकित्सालय के भवन को छोड़ने का एजेंडा रखा गया, जिस पर मंजूरी मिल गई। वहीं, 500 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया, जो पारित हुआ। इससे जेएन मेडिकल कॉलेज सहित यूनिवर्सिटी का कायाकल्प होगा।
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इसी तरह मूल पदों पर शिक्षकों की तैनाती पर मुहर लगी। नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य के बने रहने का भी एजेंडा रखा गया, जिस पर कमेटी बना दी गई है। जांच आख्या के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उधर, गांधी नेत्र चिकित्सालय के अधीक्षक मधुप लहरी ने चिकित्सालय के भवन पर कब्जा छोड़ने के निर्णय का स्वागत किया है।