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Jamia Urdu Aligarh: फर्जी मार्कशीट मामले में चार आरोपी को किया कोर्ट में तलब, यह है मामला
Sat, 11 Oct 2025 05:45 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 11 Oct 2025 05:45 PM IST
सार
मुकदमा 9 जून 2022 को जामिया उर्दू के डिप्टी रजिस्ट्रार रघुराज सिंह की ओर से कराया गया था। पुलिस ने यह मुकदमा डीआईजी के निर्देश पर दर्ज किया था, जिसमें संस्थान की पूर्व सदस्य गुलनाज, उनके पति मो.उस्मान, भाई एहसान, पूर्व आंकिक अकील अहमद जाफरी आदि नामजद किए गए थे।
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कोर्ट में तलब
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
अलीगढ़ महानगर के मैरिस रोड इलाके के जामिया उर्दू संस्थान से फर्जी मार्कशीट बेचे जाने का प्रकरण फिर सुर्खियों में आ गया है। संस्थान से जुड़े दंपती सहित चार लोगों पर दर्ज मुकदमे में पुलिस द्वारा दाखिल की गई अंतिम रिपोर्ट कोर्ट ने खारिज कर दी है। साथ में चारों आरोपियों को न्यायालय में तलब कर लिया है।
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सिविल लाइंस थाने में यह मुकदमा 9 जून 2022 को जामिया उर्दू के डिप्टी रजिस्ट्रार रघुराज सिंह की ओर से कराया गया था। पुलिस ने यह मुकदमा डीआईजी के निर्देश पर दर्ज किया था, जिसमें संस्थान की पूर्व सदस्य गुलनाज, उनके पति मो.उस्मान, भाई एहसान, पूर्व आंकिक अकील अहमद जाफरी आदि नामजद किए गए थे।
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आरोप था कि संस्थान की फर्जी मार्कशीट बेचे जाने का प्रकरण जब सामने आया तो जांच समिति बनाकर 2014 से 2018 के मध्य की मार्कशीटों की जांच कराई गई। इसमें उजागर हुआ कि इन लोगों के द्वारा काफी संख्या में लोगों को संस्थान की फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मार्कशीट बेच दी हैं, जिनके जरिये बहुत से लोगों ने सरकारी नौकरी भी पाई है।
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मुकदमे में 15 ऐसे छात्रों के नामों का भी उल्लेख किया गया, जिनको फर्जी हस्ताक्षर से मार्कशीट दी गई। साथ में संस्थान की छवि धूमिल करने का भी आरोप लगाया। इस मुकदमे में बाद में पुलिस स्तर से अंतिम रिपोर्ट लगा दी गई। मगर सीजेएम न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की अंतिम रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। मुकदमे में चारों नामजद आरोपियों को तलब करते हुए सुनवाई नियत कर दी है। बता दें कि इस संस्थान के विवाद में अन्य कई मुकदमे भी अलग अलग थानों में चल रहे हैं।