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Aligarh News: टप्पल में स्वयं सहायता समूहों का मॉडल देखने पहुंचा नाइजीरिया का 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल
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नाइजीरिया का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को टप्पल विकास खंड पहुंचा। यह दल उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों का अध्ययन करने आया था। प्रतिनिधिमंडल ने महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण आर्थिक सुदृढ़ीकरण के कार्यों की सराहना की। समूह के मॉडलों को अब नाइजीरिया में लागू करने की बात कही।
प्रतिनिधिमंडल ने बैग निर्माण इकाई, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट सहित विभिन्न आजीविका परियोजनाओं का निरीक्षण कर महिला सशक्तीकरण, वित्तीय समावेशन और सामुदायिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। एनआरएलएम की उपायुक्त डॉ. मंजू त्रिवेदी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) के अध्ययन के लिए भ्रमण कार्यक्रम के तहत भारत आया है। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और समावेशी विकास के सफल मॉडलों का अध्ययन करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से टप्पल राष्ट्रीय स्तर की नेशनल इमर्शन साइट के रूप में विकसित हो चुका है, जहां देश-विदेश के प्रतिनिधिमंडल अध्ययन के लिए पहुंच रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल की सदस्य एवं नाइजीरिया की सुप्रीम मैनेजमेंट ट्रेनिंग एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज की डिप्टी चीफ कंसल्टेंट ओलुवातोयिन ओलोमो ने भारत में मिले सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में यहां किए गए कार्य प्रभावशाली हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित योजनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत का ग्रामीण विकास मॉडल नाइजीरिया सहित अन्य विकासशील देशों के लिए अनुकरणीय है।
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जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि जिले में पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने टप्पल के स्वयं सहायता समूहों का अध्ययन किया है। अध्ययन से प्राप्त अनुभवों का उपयोग नाइजीरिया में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों में किया जाएगा। भ्रमण के दौरान डीएमएम समीर शर्मा, मो.असलम सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
टप्पल बना अंतरराष्ट्रीय अध्ययन केंद्र
2024 में टप्पल को नेशनल इमर्शन साइट घोषित किए जाने के बाद यह आजीविका और स्वयं सहायता समूहों के सफल मॉडलों का राष्ट्रीय केंद्र बन चुका है। यहां भारत सरकार, प्रधानमंत्री कार्यालय और विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधिमंडल अध्ययन के लिए पहुंचते रहे हैं। अब पहली बार नाइजीरिया का अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल भी यहां के मॉडल का अध्ययन कर रहा है।
महिला सशक्तीकरण मॉडल अपनाएगा नाइजीरिया
नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार, स्वरोजगार, वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा के सफल प्रयोगों का विस्तृत अध्ययन किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि इन अनुभवों का उपयोग नाइजीरिया में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, गरीबी उन्मूलन और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों को मजबूत बनाने में किया जाएगा।
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प्रतिनिधिमंडल ने बैग निर्माण इकाई, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र, एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट सहित विभिन्न आजीविका परियोजनाओं का निरीक्षण कर महिला सशक्तीकरण, वित्तीय समावेशन और सामुदायिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। एनआरएलएम की उपायुक्त डॉ. मंजू त्रिवेदी ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) के अध्ययन के लिए भ्रमण कार्यक्रम के तहत भारत आया है। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण आजीविका और समावेशी विकास के सफल मॉडलों का अध्ययन करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से टप्पल राष्ट्रीय स्तर की नेशनल इमर्शन साइट के रूप में विकसित हो चुका है, जहां देश-विदेश के प्रतिनिधिमंडल अध्ययन के लिए पहुंच रहे हैं।
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प्रतिनिधिमंडल की सदस्य एवं नाइजीरिया की सुप्रीम मैनेजमेंट ट्रेनिंग एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज की डिप्टी चीफ कंसल्टेंट ओलुवातोयिन ओलोमो ने भारत में मिले सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में यहां किए गए कार्य प्रभावशाली हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित योजनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत का ग्रामीण विकास मॉडल नाइजीरिया सहित अन्य विकासशील देशों के लिए अनुकरणीय है।
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जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि जिले में पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल ने टप्पल के स्वयं सहायता समूहों का अध्ययन किया है। अध्ययन से प्राप्त अनुभवों का उपयोग नाइजीरिया में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों में किया जाएगा। भ्रमण के दौरान डीएमएम समीर शर्मा, मो.असलम सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
टप्पल बना अंतरराष्ट्रीय अध्ययन केंद्र
2024 में टप्पल को नेशनल इमर्शन साइट घोषित किए जाने के बाद यह आजीविका और स्वयं सहायता समूहों के सफल मॉडलों का राष्ट्रीय केंद्र बन चुका है। यहां भारत सरकार, प्रधानमंत्री कार्यालय और विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधिमंडल अध्ययन के लिए पहुंचते रहे हैं। अब पहली बार नाइजीरिया का अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल भी यहां के मॉडल का अध्ययन कर रहा है।
महिला सशक्तीकरण मॉडल अपनाएगा नाइजीरिया
नाइजीरियाई प्रतिनिधिमंडल ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार, स्वरोजगार, वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा के सफल प्रयोगों का विस्तृत अध्ययन किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि इन अनुभवों का उपयोग नाइजीरिया में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, गरीबी उन्मूलन और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों को मजबूत बनाने में किया जाएगा।