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खुफिया अलर्ट : एक साथ न घूमें देश के बड़े नेता
Aligarh
Updated Tue, 25 Mar 2014 05:30 AM IST
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अलीगढ़। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने लोकसभा चुनाव के दौरान देश के 18 बड़े नेताओं पर हमले की आशंका जता कर सनसनी मचा दी है। एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान ने अपने स्लीपिंग माड्यूल के 32 आतंकियों को भारत के डेढ़ दर्जन बड़े नेताओं की हत्या के लिए भेजा है। भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर आतंकी हमले की साजिश नाकाम होने के बाद इस आशंका को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। वरिष्ठ नेताओं को सलाह दी गई है कि वे एक साथ चुनावी भ्रमण करने से बचें। उनकी की सुरक्षा और बढ़ाने के लिए देशभर में खुफिया अलर्ट जारी हो गया है। एसपीजी की सुरक्षा नहीं मिलने के कारण अब नरेंद्र मोदी को एडवांस सिक्योरिटी लायजनिंग (एएसएल) सिस्टम से सुरक्षा दी जाएगी, जिसमें मिलेट्री इंटेलीजेंस के साथ देश की दो दर्जन से अधिक सुरक्षा एजेंसियों को शामिल किया गया है। लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए पूरे देश में घूमने वाले सभी बड़े नेताओं को सुरक्षा एजेंसियों की सलाह मानने, सुरक्षा मानकों को पूरा कराने में मदद करने की सलाह दी गई है। मसलन, नेता सुरक्षा घेरा न तोड़ें, सुरक्षा कर्मियों की बात मानें, भीड़ के दौरान जनता से सीधे मिलने से परहेज करें। बड़े नेता एक साथ न घूमें।
भाजपा के स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी, लाल कृष्ण आडवाणी, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह एक साथ प्रचार के लिए एक प्लेन का इस्तेमाल न करें। बड़े नेता एक साथ एक कार में कहीं भी आएं-जाएं नहीं। इसी प्रकार कांग्रेस के स्टार प्रचारक सोनिया गांधी, राहुल व प्रियंका के लिए भी यही सलाह दी गई है। सपा प्रमुख मुलायम सिंह, यूपी के सीएम अखिलेश यादव को भी सावधानी बरतने का सुझाव दिया गया है। पश्चिमी यूपी में पहले चरण में लोकसभा चुनाव का मतदान 10 अप्रैल को होना है। अलीगढ़ सहित दस लोकसभा सीटों पर बड़े नेताओं की सभाएं 30 मार्च से 7 अप्रैल के बीच होनी है। आतंकियों के मंसूबों के मद्देनजर विभिन्न राजनीतिक दलों के 18 वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियों की सलाह पर अलग से टास्क फोर्स भी बनाया गया है जो पहली अप्रैल से पश्चिमी यूपी में डेरा डाल देगा।
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भाजपा के स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी, लाल कृष्ण आडवाणी, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह एक साथ प्रचार के लिए एक प्लेन का इस्तेमाल न करें। बड़े नेता एक साथ एक कार में कहीं भी आएं-जाएं नहीं। इसी प्रकार कांग्रेस के स्टार प्रचारक सोनिया गांधी, राहुल व प्रियंका के लिए भी यही सलाह दी गई है। सपा प्रमुख मुलायम सिंह, यूपी के सीएम अखिलेश यादव को भी सावधानी बरतने का सुझाव दिया गया है। पश्चिमी यूपी में पहले चरण में लोकसभा चुनाव का मतदान 10 अप्रैल को होना है। अलीगढ़ सहित दस लोकसभा सीटों पर बड़े नेताओं की सभाएं 30 मार्च से 7 अप्रैल के बीच होनी है। आतंकियों के मंसूबों के मद्देनजर विभिन्न राजनीतिक दलों के 18 वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियों की सलाह पर अलग से टास्क फोर्स भी बनाया गया है जो पहली अप्रैल से पश्चिमी यूपी में डेरा डाल देगा।
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