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बीटेक के छात्र ने गोली मारकर जान दी
Aligarh
Updated Sat, 01 Dec 2012 12:00 PM IST
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अलीगढ़। पिछले दस दिन से अपने पिता से नींद न आने की शिकायत कर रहा बीटेक छात्र मयंक शुक्रवार को हमेशा के लिए सो गया। उसने घर में रखी पिता की दुनाली बंदूक से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। शुक्रवार शाम हुए इस हृदयविदारक हादसे पर परिवार में कोहराम मच गया और इलाके में भी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। खबर पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया गया है।
मैलरोज बाईपास स्थित प्रिंस नगर निवासी विजय पाल सिंह मूल रूप से हजियापुर जट्टारी के रहने वाले हैं। विजयपाल भरतपुर बझेड़ा स्थित इंटर कालेज में पढ़ाते हैं। उनका बड़ा बेटा धनंज्य गुड़गांव की विप्रो कंपनी में इंजीनियर, दूसरे नंबर का भोला एएमयू से बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र है, जबकि सबसे छोटा नंबर का मयंक उर्फ मधुसुदन (21) गाजियाबाद के प्राइवेट कालेज से बीटेक प्रथम वर्ष कर रहा था। एएमयू से बारहवीं करने के बाद इसी साल उसने गाजियाबाद में दाखिल लिया था।
परिजनों के अनुसार वह पिछले दस दिन से फोन पर बातचीत में कहता था कि उसे नींद नहीं आती है। तीन दिन पहले उसने पिता से कहा कि अब ज्यादा परेशानी हो रही है। इस पर उसे उसका भाई बुलाने पहुंच गया। इस दौरान कालेज में साथियों से भी बातचीत हुई, लेकिन वहां से कोई शिकायत नहीं मिली। हां, इतना जरूर पता चला कि गणित में वह कमजोर है। इन दिनों वह परीक्षा की तैयारी कर रहा था, जिसे लेकर कुछ डिप्रेशन में था। इस पर शुक्रवार दुपहर करीब तीन बजे वह भाई के साथ घर आ गया। यहां शाम को उसे डाक्टर को दिखाना भी तय हुआ। इसी बीच वह उसने स्टोर में जाकर घर में रखी पिता की बंदूक पेट से सटाकर गोली मार ली। तेज आवाज पर परिजन भौचक रह गए। अंदर जाकर देखा तो मयंक की लाश पड़ी थी। खबर पर एएसपी पवन कुमार, एसओ देहली गेट भी पहुंच गए। एसओ के अनुसार परिवार डिप्रेशन में जान देने की बात कह रहा है। शव पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है।
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मैलरोज बाईपास स्थित प्रिंस नगर निवासी विजय पाल सिंह मूल रूप से हजियापुर जट्टारी के रहने वाले हैं। विजयपाल भरतपुर बझेड़ा स्थित इंटर कालेज में पढ़ाते हैं। उनका बड़ा बेटा धनंज्य गुड़गांव की विप्रो कंपनी में इंजीनियर, दूसरे नंबर का भोला एएमयू से बीटेक द्वितीय वर्ष का छात्र है, जबकि सबसे छोटा नंबर का मयंक उर्फ मधुसुदन (21) गाजियाबाद के प्राइवेट कालेज से बीटेक प्रथम वर्ष कर रहा था। एएमयू से बारहवीं करने के बाद इसी साल उसने गाजियाबाद में दाखिल लिया था।
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परिजनों के अनुसार वह पिछले दस दिन से फोन पर बातचीत में कहता था कि उसे नींद नहीं आती है। तीन दिन पहले उसने पिता से कहा कि अब ज्यादा परेशानी हो रही है। इस पर उसे उसका भाई बुलाने पहुंच गया। इस दौरान कालेज में साथियों से भी बातचीत हुई, लेकिन वहां से कोई शिकायत नहीं मिली। हां, इतना जरूर पता चला कि गणित में वह कमजोर है। इन दिनों वह परीक्षा की तैयारी कर रहा था, जिसे लेकर कुछ डिप्रेशन में था। इस पर शुक्रवार दुपहर करीब तीन बजे वह भाई के साथ घर आ गया। यहां शाम को उसे डाक्टर को दिखाना भी तय हुआ। इसी बीच वह उसने स्टोर में जाकर घर में रखी पिता की बंदूक पेट से सटाकर गोली मार ली। तेज आवाज पर परिजन भौचक रह गए। अंदर जाकर देखा तो मयंक की लाश पड़ी थी। खबर पर एएसपी पवन कुमार, एसओ देहली गेट भी पहुंच गए। एसओ के अनुसार परिवार डिप्रेशन में जान देने की बात कह रहा है। शव पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है।
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