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सिंथेटिक घेवर खाकर तीन लोग बीमार
Updated Mon, 27 Aug 2018 01:04 AM IST
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क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
सिंथेटिक घेवर खाकर फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए तीन लोग मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर पाया गया कि यह लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए हैं। तीनों का जिला अस्पताल में उपचार किया गया, जिसके बाद इन्हें छुट्टी दे दी गई। इस मामले में तीनों लोगों ने एक ही दुकान का घेवर खाया था।
नौरंगाबाद छावनी पर रहने वाले मेहर कुमार के यहां पर अकराबाद में रहने वाले उसके बहनोई सरोज बाबू आए हुए थे। त्योहार पर सरोज अपने साथ वहां से घेवर भी लाए हुए थे। इसी घेवर का सेवन मेहर कुमार, सरोज और परिवार के एक अन्य सदस्य ने किया था।
बताया गया कि घेवर का सेवन बुधवार को करीब 10 बजे किया गया था। सेवन के एक घंटे बाद ही तीनों लोगों को उबकाई और उल्टी आदि की शिकायत हुई। जब तीनों लोगों को एक साथ शिकायत हुई तो यह समझते देर नहीं लगी कि यह गड़बड़ी घेवर खाने की वजह से ही है। तीनों को मलखान सिंह जिला अस्पताल ले जाया गया।
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यहां पर डाक्टरों ने पाया कि तीनों ही फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए हैं। उपचार के बाद घर जाने की इजाजत दे दी गई। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. यशपाल रावल ने लोगों से अपील की है कि वह सिंथेटिक घेवर, बहुत ज्यादा दिन का रखा हुआ घेवर, अन्य रखी हुई खाद्य सामग्री मिठाई आदि के सेवन को लेकर सावधानी बरतें।
कई हफ्ते पुराना घेवर भी बिक गया
रक्षाबंधन के अवसर पर घेवर की मांग इतनी ज्यादा रही कि छोटी मोटी दुकानों पर रखा कई हफ्ते पुराना घेवर भी बिक गया। लेकिन डाक्टरों की राय है कि इस तरह के घेवर का सेवन करना खतरनाक साबित हो सकता है। इससे पेट खराब होना, फूड प्वाजनिंग, लूज मोशन आदि की शिकायत हो सकती है। इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
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सिंथेटिक घेवर खाकर फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए तीन लोग मलखान सिंह जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पर पाया गया कि यह लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए हैं। तीनों का जिला अस्पताल में उपचार किया गया, जिसके बाद इन्हें छुट्टी दे दी गई। इस मामले में तीनों लोगों ने एक ही दुकान का घेवर खाया था।
नौरंगाबाद छावनी पर रहने वाले मेहर कुमार के यहां पर अकराबाद में रहने वाले उसके बहनोई सरोज बाबू आए हुए थे। त्योहार पर सरोज अपने साथ वहां से घेवर भी लाए हुए थे। इसी घेवर का सेवन मेहर कुमार, सरोज और परिवार के एक अन्य सदस्य ने किया था।
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बताया गया कि घेवर का सेवन बुधवार को करीब 10 बजे किया गया था। सेवन के एक घंटे बाद ही तीनों लोगों को उबकाई और उल्टी आदि की शिकायत हुई। जब तीनों लोगों को एक साथ शिकायत हुई तो यह समझते देर नहीं लगी कि यह गड़बड़ी घेवर खाने की वजह से ही है। तीनों को मलखान सिंह जिला अस्पताल ले जाया गया।
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यहां पर डाक्टरों ने पाया कि तीनों ही फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए हैं। उपचार के बाद घर जाने की इजाजत दे दी गई। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. यशपाल रावल ने लोगों से अपील की है कि वह सिंथेटिक घेवर, बहुत ज्यादा दिन का रखा हुआ घेवर, अन्य रखी हुई खाद्य सामग्री मिठाई आदि के सेवन को लेकर सावधानी बरतें।
कई हफ्ते पुराना घेवर भी बिक गया
रक्षाबंधन के अवसर पर घेवर की मांग इतनी ज्यादा रही कि छोटी मोटी दुकानों पर रखा कई हफ्ते पुराना घेवर भी बिक गया। लेकिन डाक्टरों की राय है कि इस तरह के घेवर का सेवन करना खतरनाक साबित हो सकता है। इससे पेट खराब होना, फूड प्वाजनिंग, लूज मोशन आदि की शिकायत हो सकती है। इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।