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प्रो. हनीफ बेग एएमयू के सह कुलपति नियुक्त
Updated Sat, 14 Jul 2018 01:56 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने मेडिसन संकाय के पूर्व अधिष्ठाता तथा कार्डियोथोरासिक एंड वेस्कुलर सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद हनीफ बेग को सह कुलपति नियुक्त किया है। यह पद प्रो. तबस्सुम शहाब के सेवानिवृत्ति के बाद रिक्त हुआ था।
प्रो. बेग ने 1976 में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (वर्तमान में यूनिवर्सिटी) से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की तथा 1980 तथा 1982 में पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ से क्रमश: एमएस (सर्जरी) तथा एम सीएच (सीवीटीएस) की उपाधियां प्राप्त कीं।
वह 1983 में एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में लेक्चरर नियुक्त हुए। 1988 में रीडर एवं 1993 में प्रोफेसर बने। प्रोफेसर बेग ने जेएनएमसी में कार्डियोथोरासिक एंड वेस्कुलर सर्जरी विभाग की स्थापना में मुख्य भूमिका निभाई तथा जेएन मेडिकल कॉलेज में 1988 में सर्वप्रथम ओपन हार्ट सर्जरी को अंजाम दिया।
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प्रो. बेग की उपलब्धियों एवं सेवाओं को देखते हुए उन्हें वीनस इंटरनेशनल फाउंडेशन की ओर से लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड तथा एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवेस्कुलर एंड थोरासिक सर्जन्स ऑफ इंडिया की ओर से गोदरेज एस कराई ओरेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
प्रो. बेग ने एएमयू तथा अन्य स्थानों पर महत्वपूर्ण शैक्षणिक तथा प्रशासनिक सेवाएं प्रदान की हैं तथा सर्जरी से संबद्ध विभिन्न विषयों में एक्सपर्ट के रूप में पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित परीक्षाएं कंडक्ट की हैं। प्रो. बेग के 160 से अधिक शोध पत्र देश विदेश के महत्वपूर्ण जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।
इसके अतिरिक्त वह भारत एवं विदेशों में 122 से अधिक कांफ्रेंस में भाग ले चुके हैं। इसके साथ ही 44 पीजी छात्रों के शोध कार्यों का निर्देशन किया है। प्रोफेसर बेग 11 महत्वपूर्ण जर्नल्स के संपादक मंडल के सदस्य हैं। प्रोफेसर बेग ने अनेक नई तकनीकों की खोज की है, जिसमें इंटरकोस्टल टयूब ड्रीनेज सिस्टम का डिजाइन विशेष रूप से शामिल है। इसकी मदद से रोजाना रोगियों के बहुमूल्य जीवन की रक्षा की जाती है।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने मेडिसन संकाय के पूर्व अधिष्ठाता तथा कार्डियोथोरासिक एंड वेस्कुलर सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद हनीफ बेग को सह कुलपति नियुक्त किया है। यह पद प्रो. तबस्सुम शहाब के सेवानिवृत्ति के बाद रिक्त हुआ था।
प्रो. बेग ने 1976 में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (वर्तमान में यूनिवर्सिटी) से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की तथा 1980 तथा 1982 में पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ से क्रमश: एमएस (सर्जरी) तथा एम सीएच (सीवीटीएस) की उपाधियां प्राप्त कीं।
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वह 1983 में एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में लेक्चरर नियुक्त हुए। 1988 में रीडर एवं 1993 में प्रोफेसर बने। प्रोफेसर बेग ने जेएनएमसी में कार्डियोथोरासिक एंड वेस्कुलर सर्जरी विभाग की स्थापना में मुख्य भूमिका निभाई तथा जेएन मेडिकल कॉलेज में 1988 में सर्वप्रथम ओपन हार्ट सर्जरी को अंजाम दिया।
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प्रो. बेग की उपलब्धियों एवं सेवाओं को देखते हुए उन्हें वीनस इंटरनेशनल फाउंडेशन की ओर से लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड तथा एसोसिएशन ऑफ कार्डियोवेस्कुलर एंड थोरासिक सर्जन्स ऑफ इंडिया की ओर से गोदरेज एस कराई ओरेशन अवार्ड से सम्मानित किया गया।
प्रो. बेग ने एएमयू तथा अन्य स्थानों पर महत्वपूर्ण शैक्षणिक तथा प्रशासनिक सेवाएं प्रदान की हैं तथा सर्जरी से संबद्ध विभिन्न विषयों में एक्सपर्ट के रूप में पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा आयोजित परीक्षाएं कंडक्ट की हैं। प्रो. बेग के 160 से अधिक शोध पत्र देश विदेश के महत्वपूर्ण जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।
इसके अतिरिक्त वह भारत एवं विदेशों में 122 से अधिक कांफ्रेंस में भाग ले चुके हैं। इसके साथ ही 44 पीजी छात्रों के शोध कार्यों का निर्देशन किया है। प्रोफेसर बेग 11 महत्वपूर्ण जर्नल्स के संपादक मंडल के सदस्य हैं। प्रोफेसर बेग ने अनेक नई तकनीकों की खोज की है, जिसमें इंटरकोस्टल टयूब ड्रीनेज सिस्टम का डिजाइन विशेष रूप से शामिल है। इसकी मदद से रोजाना रोगियों के बहुमूल्य जीवन की रक्षा की जाती है।