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अब आयकर रिटर्न न भरने वालों को 21 दिनों का और वक्त मिला
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
असेसमेंट वर्ष 2018-19, वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान बड़ी रकम का लेनदेन करने और आयकर रिटर्न न भरने वालों को अपना जवाब देने के लिए 21 दिनों का समय मिलेगा। सीए एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सीए अवन कुमार सिंह ने कहा है कि जो लोग पूर्व में नोटिस का जवाब नहीं दे पाए हैं। जिनको किसी कारण से नोटिस की प्राप्ति नहीं हुई है। उनकी समस्याएं हल करने के लिए नये सिरे से नोटिस जारी कर 21 दिन का समय दिया जा रहा है। इसमें वो राजनेता भी शामिल हैं जिन्होंने जवाब दाखिल नहीं किया है।
सीए अवन कुमार सिंह ने बताया कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से तय हुआ ये 21 दिनों का समय आयकर विभाग की ओर से करदाताओं को ईमेल या एसएमएस प्राप्त होने की तिथि से माना जाएगा अगर तय समय के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं किया गया अथवा कोई जवाब नहीं दिया गया तो विभाग आयकर कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के बारे में विचार करेगा। आंकड़ों का विश्लेषण कर रिटर्न दाखिल न करने वाले अनेक करदाताओं की पहचान हुई है। इन लोगों ने बड़ी राशि में लेनदेन किए हैं। हालांकि सीबीडीटी ने ऐसे करदाताओं की संख्या नहीं बताई है। अगर करदाताओं का जवाब संतोषजनक मिला तो उनके खिलाफ मामला खत्म हो जाएगा।
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असेसमेंट वर्ष 2018-19, वित्त वर्ष 2017-18 के दौरान बड़ी रकम का लेनदेन करने और आयकर रिटर्न न भरने वालों को अपना जवाब देने के लिए 21 दिनों का समय मिलेगा। सीए एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सीए अवन कुमार सिंह ने कहा है कि जो लोग पूर्व में नोटिस का जवाब नहीं दे पाए हैं। जिनको किसी कारण से नोटिस की प्राप्ति नहीं हुई है। उनकी समस्याएं हल करने के लिए नये सिरे से नोटिस जारी कर 21 दिन का समय दिया जा रहा है। इसमें वो राजनेता भी शामिल हैं जिन्होंने जवाब दाखिल नहीं किया है।
सीए अवन कुमार सिंह ने बताया कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से तय हुआ ये 21 दिनों का समय आयकर विभाग की ओर से करदाताओं को ईमेल या एसएमएस प्राप्त होने की तिथि से माना जाएगा अगर तय समय के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं किया गया अथवा कोई जवाब नहीं दिया गया तो विभाग आयकर कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के बारे में विचार करेगा। आंकड़ों का विश्लेषण कर रिटर्न दाखिल न करने वाले अनेक करदाताओं की पहचान हुई है। इन लोगों ने बड़ी राशि में लेनदेन किए हैं। हालांकि सीबीडीटी ने ऐसे करदाताओं की संख्या नहीं बताई है। अगर करदाताओं का जवाब संतोषजनक मिला तो उनके खिलाफ मामला खत्म हो जाएगा।
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