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नारी संरक्षण गृह और बाल सुधार केंद्र बनवाने के लिए शासन को भेजें प्रस्ताव

Fri, 08 Dec 2017 01:58 AM IST
Updated Fri, 08 Dec 2017 01:58 AM IST
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नारी संरक्षण गृह और बाल सुधार केंद्र बनवाने के लिए शासन को भेजें प्रस्ताव
नारी संरक्षण गृह और बाल सुधार केंद्र बनवाने के लिए शासन को भेजें प्रस्ताव
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

विधान परिषद की संसदीय व सामाजिक सद्भाव समिति ने यहां हरदुआगंज तापीय विद्युत परियोजना के अतिथिगृह में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक की। समिति को यह जानकार हैरत हुई कि इस जिले में सरकारी स्तर पर न कोई नारी सुधार केंद्र है और न ही बाल संप्रेक्षण गृह। समिति ने डीएम, एसएसपी, जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए कि वह नारी संरक्षण गृह व बाल सुधार केंद्र जिले में स्थापित कराने के लिए शासन को तत्काल प्रस्ताव भिजवाएं। जिले के कई और मामलों में समिति ने अधिकारियों से सवालात किए तो अधिकारियों ने अपने हिसाब से उनके जवाब दिए।

विधानपरिषद की इस समिति में लखीमपुर खीरी के विधान परिषद सदस्य शशांक यादव और रामपुर के एमएलसी घनश्याम सिंह लोधी शामिल थे। डीएम ऋषिकेश भास्कर याशोद एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से खुर्रमपुर हत्याकांड के बारे में कहा कि यह कांड केवल दो पक्षों के व्यक्तिगत मामलों पर आधारित था। इससे जनपद के सांप्रदायिक सद्भाव व सौहार्द में कोई कमी नहीं आई। नगर निकाय सामान्य निर्वाचन 2017 में किसी प्रकार की कोई भी एफ आईआर दर्ज नहीं हुई। समाज कल्याण अधिकारी ने समिति को जनपद में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के परिवारों के साथ हुई उत्पीड़न घटना तथा उन पर हुई कार्यवाही के बारे में बताया कि 78 लोगों के विरुद्ध मामले दर्ज किए गए हैं। सामान्य दशाओं के 109 प्रकरण दर्ज हुए हैं। नियमानुसार उन्हें सहायता प्रदान की जा रही है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के बालकों को जबरन बाल मजदूरी, भट्टों पर कार्य कराने के मामले वर्ष 2015-16 में 89 एवं वर्ष 2016-17 में 71 प्रकरण दर्ज कर श्रमिकों को मुक्त कराया।
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दहेज अधिनियम में चालू वर्ष में 277 केस दर्ज हुए हैं और पुलिस विभाग द्वारा विवेचना की जा रही है। आबकारी अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष देशी शराब की 54 दुकानों का ठेका नहीं उठा है। 20 दुकानों का सरकारी राजस्व न मिलने के कारण आरसी काटी जा चुकी है। व्यापार कर अधिकारी ने समिति को बताया कि इस वर्ष विभिन्न फर्मों पर बकाए की वसूली बढ़ी है। विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मार्च 2018 तक जनपद के सभी मजरे विद्युत आपूर्ति से संतृप्त कर दिए जाएंगे। बैठक का संचालन कर रहे मुख्य विकास अधिकारी दिनेश चंद्र ने किया। समिति सदस्यों ने निर्देशित किया कि सभी विभागीय अधिकारीगण अपने यहां के सांसदों, विधानसभा सदस्यों, विधान परिषद सदस्यों तथा नगरीय निकायों के प्रमुखों के दूरभाष नंबरों को अपने मोबाइल में फीड करके रखें। जिससे जब भी इन नंबरों से कॉल आए तो उसे सम्मान सहित अटैंड किया जाए। साथ ही विधान परिषद एवं विधान सभा तथा जनप्रतिनिधियों के प्रार्थना पत्रों के निस्तारण से संबंधित सभी कार्यालयों में एक रजिस्टर रखा जाए। सीडीओ ने बताया कि सभी कार्यालयों में इस प्रकार के रजिस्ट्रर बने हैं। फिर भी इसे लेकर फिर से निर्देश दे दिए जाएंगे। बैठक में एसडीएम कोल डॉ. पंकज वर्मा, संयुक्त आयुक्त उद्योग सुधांशु तिवारी, समाज कल्याण अधिकारी नगेंद्र पाल सिंह आदि थे।
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