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गिलक्राइस्ट के उद्गार अंग्रेजी भाषा के अध्ययन में अहम
Updated Sun, 05 Aug 2018 02:12 AM IST
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा अमेरिका की चार्लोट मेडरे ने कहा कि गिलक्राइस्ट के साहित्यिक उद्गारों से उस काल में अंग्रेजी भाषा के शैक्षणिक अध्ययन में बड़ी सहायता मिल रही है।
शनिवार को वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के भाषा विज्ञान विभाग के तहत सेंटर फॉर लैंग्वेज ऑफ एडवरटाइजिंग मीडिया एंड मार्केट (एलएएमएम) में ‘जॉन बोर्थविक गिलक्राइस्ट के साहित्यिक उपलब्धियां (1816)’ विषय पर बोल रही थीं। उन्होंने फोर्ट विलियम कॉलेज में भारतीय भाषाओं के शिक्षण से संबंधित गिलक्राइस्ट की प्रस्तुति पर प्रकाश डाला।
भाषा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. एस इम्तियाज हसनैन ने अतिथियों का स्वागत किया। अध्यक्षता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. राजनाथ भट्ट ने की। एलएएमएम के संयोजक डॉ. एमजे वारसी ने गिलक्राइस्ट के अध्ययन से भारतीय भाषा विशेष कर हिंदुस्तानी की उत्पत्ति व विकास के क्रम को समझने में आसानी होगी, क्योंकि बाद के काल में यही भाषा उत्तरी भारत की मुख्य भाषा बन गई।
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इस अवसर पर भाषा विज्ञान विभाग के शोध छात्र, प्रो. आफरीन रिजवी, डॉ. मसूद ए बेग, डॉ. सबाउद्दीन अहमद आदि उपस्थित थे।
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यूनिवर्सिटी ऑफ मिनेसोटा अमेरिका की चार्लोट मेडरे ने कहा कि गिलक्राइस्ट के साहित्यिक उद्गारों से उस काल में अंग्रेजी भाषा के शैक्षणिक अध्ययन में बड़ी सहायता मिल रही है।
शनिवार को वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के भाषा विज्ञान विभाग के तहत सेंटर फॉर लैंग्वेज ऑफ एडवरटाइजिंग मीडिया एंड मार्केट (एलएएमएम) में ‘जॉन बोर्थविक गिलक्राइस्ट के साहित्यिक उपलब्धियां (1816)’ विषय पर बोल रही थीं। उन्होंने फोर्ट विलियम कॉलेज में भारतीय भाषाओं के शिक्षण से संबंधित गिलक्राइस्ट की प्रस्तुति पर प्रकाश डाला।
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भाषा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. एस इम्तियाज हसनैन ने अतिथियों का स्वागत किया। अध्यक्षता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के प्रो. राजनाथ भट्ट ने की। एलएएमएम के संयोजक डॉ. एमजे वारसी ने गिलक्राइस्ट के अध्ययन से भारतीय भाषा विशेष कर हिंदुस्तानी की उत्पत्ति व विकास के क्रम को समझने में आसानी होगी, क्योंकि बाद के काल में यही भाषा उत्तरी भारत की मुख्य भाषा बन गई।
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इस अवसर पर भाषा विज्ञान विभाग के शोध छात्र, प्रो. आफरीन रिजवी, डॉ. मसूद ए बेग, डॉ. सबाउद्दीन अहमद आदि उपस्थित थे।