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प्राचार्य और प्रबंध समिति के पूर्व सदस्य के बीच नोकझोंक
Updated Fri, 18 Aug 2017 01:44 AM IST
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प्राचार्य और प्रबंध समिति के पूर्व सदस्य के बीच नोकझोंक
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एसवी कॉलेज के प्राचार्य दफ्तर में प्राचार्य डॉ. गोपाल बाबू और कॉलेज प्रबंध समिति के पूर्व सदस्य व अन्य लोगों के बीच एडमिशन को लेकर नोकझोंक हो गई। एक-दूसरे पर अभद्रता का आरोप लगाया गया।
गुरुवार को कॉलेज में छात्रा के एडमिशन को लेकर कॉलेज प्रबंध समिति के पूर्व सदस्य रूप किशोर वार्ष्णेय, व्यापारी नेता प्रमोद जलाली, दीपक जलाली आए। वह छात्रा को लेकर सीधे प्राचार्य दफ्तर में पहुंच गए। यहां एडमिशन को लेकर प्राचार्य और इन लोगों में बहस होने लगी। प्राचार्य ने बताया कि एडमिशन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
छात्रा से यह कहा गया था कि जब कोई छात्र 17 अगस्त को फीस नहीं जमा करेगा, तब उसकी जगह एडमिशन हो जाएगा, लेकिन जरूरी नहीं ऐसा हो। छात्रा का वेटिंग लिस्ट में नाम नहीं था। व्यापारियों ने प्राचार्य पर अभद्रता का भी आरोप लगाया। इन लोगों का कहना था कि छात्रा को प्रवेश के लिए 17 जुलाई को समय दिया गया था।
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इसलिए वह नियत समय पर पहुंच गई और प्रवेश के लिए मना कर दिया गया। छात्रा ने बताया कि 11 अगस्त को जब वह प्रवेश के लिए आई थी, तब प्रवेश समिति के किसी सदस्य ने उसे 17 जुलाई को आने कहा था। इस बात की जानकारी छात्रा ने व्यापारी नेता को दी।
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
एसवी कॉलेज के प्राचार्य दफ्तर में प्राचार्य डॉ. गोपाल बाबू और कॉलेज प्रबंध समिति के पूर्व सदस्य व अन्य लोगों के बीच एडमिशन को लेकर नोकझोंक हो गई। एक-दूसरे पर अभद्रता का आरोप लगाया गया।
गुरुवार को कॉलेज में छात्रा के एडमिशन को लेकर कॉलेज प्रबंध समिति के पूर्व सदस्य रूप किशोर वार्ष्णेय, व्यापारी नेता प्रमोद जलाली, दीपक जलाली आए। वह छात्रा को लेकर सीधे प्राचार्य दफ्तर में पहुंच गए। यहां एडमिशन को लेकर प्राचार्य और इन लोगों में बहस होने लगी। प्राचार्य ने बताया कि एडमिशन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।
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छात्रा से यह कहा गया था कि जब कोई छात्र 17 अगस्त को फीस नहीं जमा करेगा, तब उसकी जगह एडमिशन हो जाएगा, लेकिन जरूरी नहीं ऐसा हो। छात्रा का वेटिंग लिस्ट में नाम नहीं था। व्यापारियों ने प्राचार्य पर अभद्रता का भी आरोप लगाया। इन लोगों का कहना था कि छात्रा को प्रवेश के लिए 17 जुलाई को समय दिया गया था।
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इसलिए वह नियत समय पर पहुंच गई और प्रवेश के लिए मना कर दिया गया। छात्रा ने बताया कि 11 अगस्त को जब वह प्रवेश के लिए आई थी, तब प्रवेश समिति के किसी सदस्य ने उसे 17 जुलाई को आने कहा था। इस बात की जानकारी छात्रा ने व्यापारी नेता को दी।