{"_id":"595a9dd84f1c1b9c168b4676","slug":"41499110872-aligarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बस स्टैंड पर शौचालय के लिए यात्रियों से जबरन वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बस स्टैंड पर शौचालय के लिए यात्रियों से जबरन वसूली
Updated Tue, 04 Jul 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस स्टैंड पर शौचालय के लिए यात्रियों से जबरन वसूली
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
केंद्र एवं प्रदेश सरकार शौचालय बनाने के लिए ग्रामीणों को राशि दे रही है, ताकि कोई खुले में शौच न करे और भारत को गंदगी मुक्त कराया जा सके, लेकिन मसूदाबाद बस स्टैंड पर बने शौचालय को इस्तेमाल करने पर यात्रियों से पांच रुपये के स्थान पर डंडे के बल पर 10 रुपये वसूले जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी निगम के अधिकारियों को नहीं है, लेकिन वह इस ओर से आंखें मूंदे बैठे हुए हैं।
महानगर के मसूदाबाद बस स्टैंड पर बना सार्वजनिक शौचालय किसी जमाने में निगम के अधीन हुआ करता था, लेकिन कुछ साल पहले इसे एक कंपनी को लीज पर दे दिया। लीज पर देने के बाद निगम के अधिकारियों का हस्तक्षेप खत्म हुआ और यात्रियों को शोषण शुरू। वर्तमान स्थिति में यहां पांच रुपये के स्थान पर जबरन 10 रुपये प्रति व्यक्ति वसूले किए जा रहे हैं। जब इस बाबत निगम के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि चूंकि अनुमति एवं टेंडर आदि क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय से होते और कार्यवाही भी वहीं से होगी। बस स्टैंड पर बैठे अधिकारी केवल अपनी रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रबंधक को भेज सकते हैं। इसके बाद कार्यवाही होना न होना क्षेत्रीय प्रबंधक का अधिकार है। इसकी शिकायत कई बार भेजी गई है, लेकिन कार्यवाही नहीं हो रही। इसमें निगम के किसी न किसी अधिकारी या कर्मचारी की शह शामिल है। तभी वह खुलकर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली कर रहा है।
वर्जन
शौचालय इस्तेमाल के लिए पांच रुपये निर्धारित किए गए हैं। यदि संचालक दस रुपये वसूल रहा है तो गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही ऐसा करने वाले के खिलाफ कार्यवाही भी होगी।
विज्ञापन
अतुल त्रिपाठी, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज
विज्ञापन
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
केंद्र एवं प्रदेश सरकार शौचालय बनाने के लिए ग्रामीणों को राशि दे रही है, ताकि कोई खुले में शौच न करे और भारत को गंदगी मुक्त कराया जा सके, लेकिन मसूदाबाद बस स्टैंड पर बने शौचालय को इस्तेमाल करने पर यात्रियों से पांच रुपये के स्थान पर डंडे के बल पर 10 रुपये वसूले जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी निगम के अधिकारियों को नहीं है, लेकिन वह इस ओर से आंखें मूंदे बैठे हुए हैं।
महानगर के मसूदाबाद बस स्टैंड पर बना सार्वजनिक शौचालय किसी जमाने में निगम के अधीन हुआ करता था, लेकिन कुछ साल पहले इसे एक कंपनी को लीज पर दे दिया। लीज पर देने के बाद निगम के अधिकारियों का हस्तक्षेप खत्म हुआ और यात्रियों को शोषण शुरू। वर्तमान स्थिति में यहां पांच रुपये के स्थान पर जबरन 10 रुपये प्रति व्यक्ति वसूले किए जा रहे हैं। जब इस बाबत निगम के अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि चूंकि अनुमति एवं टेंडर आदि क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय से होते और कार्यवाही भी वहीं से होगी। बस स्टैंड पर बैठे अधिकारी केवल अपनी रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रबंधक को भेज सकते हैं। इसके बाद कार्यवाही होना न होना क्षेत्रीय प्रबंधक का अधिकार है। इसकी शिकायत कई बार भेजी गई है, लेकिन कार्यवाही नहीं हो रही। इसमें निगम के किसी न किसी अधिकारी या कर्मचारी की शह शामिल है। तभी वह खुलकर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली कर रहा है।
विज्ञापन
वर्जन
शौचालय इस्तेमाल के लिए पांच रुपये निर्धारित किए गए हैं। यदि संचालक दस रुपये वसूल रहा है तो गलत है। इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही ऐसा करने वाले के खिलाफ कार्यवाही भी होगी।
विज्ञापन
अतुल त्रिपाठी, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज