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कासिमपुर पावर हाउस के जीएम और एसई का घेराव
Updated Sat, 16 Sep 2017 02:16 AM IST
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कासिमपुर पावर हाउस के जीएम और एसई का घेराव
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
हरदुआगंज तापीय परियोजना (कासिमपुर पावर हाउस) में निर्माणाधीन 660 मेगावाट की नई परियोजना का निर्माण कर रही कंपनी के खिलाफ महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही महाप्रबंधक और अधीक्षण अभियंता का भी घेराव कर लिया।
यहां पर निर्माण कार्य के चलते 50 फीट तक जमीन की खुदाई हुई है और जमकर पानी का दोहन हुआ है। इसके चलते यहां पर वाटर लेबल गिर गया है और आसपास के इलाके में पानी की जबरदस्त किल्लत हो गई है।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि करीब छह महीने पहले इस समस्या को जब उस समय परियोजना प्रशासन के समक्ष रखा गया तो उन्होंने एक उच्च क्षमता का सबमर्सिबल लगवाने का भरोसा दिलाया।
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सबमर्सिबल लग भी गया, लेकिन वह चालू नहीं हो सका है। महिलाओं का कहना था कि यहां पर एक नहीं बल्कि इस तरह के कई सबमर्सिबल लगवाने की जरूरत है। लेकिन पानी की आपूर्ति की तरह कोई काम नहीं किया जा रहा है।
हालत यह हो गई है कि यहां पर पैसों से पानी खरीद कर दैनिक कामों को निपटाया जा रहा है। यह स्थिति बनी हुई है और इसी के साथ निर्माण कर रही एजेंसी ने पैठ कालोनी की ओर जाने वाले रास्ते को बंद करने का प्रयास किया।
इस पर महिलाएं भड़क गईं और शुक्रवार को धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं ने परियोजना के महाप्रबंधक और अधिशासी अभियंता को घेर लिया और स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। महिलाओं का आरोप था कि निर्माण कर रही एजेंसी मनमानी कर रही है और यहां पर परियोजना प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।
बाद में कुछ स्थानीय लोग और परियोजना से जुड़े लोगों ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि जल्द ही जो सबमर्सिबल लगा है उसे चालू कर दिया जाएगा। साथ ही रास्ता भी बंद नहीं किया जाएगा। इसके अलावा कुछ बेहद उच्च क्षमता के सबमर्सिबल भी जल्द लगवा दिए जाएंगे। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
हरदुआगंज तापीय परियोजना (कासिमपुर पावर हाउस) में निर्माणाधीन 660 मेगावाट की नई परियोजना का निर्माण कर रही कंपनी के खिलाफ महिलाओं ने जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही महाप्रबंधक और अधीक्षण अभियंता का भी घेराव कर लिया।
यहां पर निर्माण कार्य के चलते 50 फीट तक जमीन की खुदाई हुई है और जमकर पानी का दोहन हुआ है। इसके चलते यहां पर वाटर लेबल गिर गया है और आसपास के इलाके में पानी की जबरदस्त किल्लत हो गई है।
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प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि करीब छह महीने पहले इस समस्या को जब उस समय परियोजना प्रशासन के समक्ष रखा गया तो उन्होंने एक उच्च क्षमता का सबमर्सिबल लगवाने का भरोसा दिलाया।
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सबमर्सिबल लग भी गया, लेकिन वह चालू नहीं हो सका है। महिलाओं का कहना था कि यहां पर एक नहीं बल्कि इस तरह के कई सबमर्सिबल लगवाने की जरूरत है। लेकिन पानी की आपूर्ति की तरह कोई काम नहीं किया जा रहा है।
हालत यह हो गई है कि यहां पर पैसों से पानी खरीद कर दैनिक कामों को निपटाया जा रहा है। यह स्थिति बनी हुई है और इसी के साथ निर्माण कर रही एजेंसी ने पैठ कालोनी की ओर जाने वाले रास्ते को बंद करने का प्रयास किया।
इस पर महिलाएं भड़क गईं और शुक्रवार को धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं ने परियोजना के महाप्रबंधक और अधिशासी अभियंता को घेर लिया और स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। महिलाओं का आरोप था कि निर्माण कर रही एजेंसी मनमानी कर रही है और यहां पर परियोजना प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।
बाद में कुछ स्थानीय लोग और परियोजना से जुड़े लोगों ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि जल्द ही जो सबमर्सिबल लगा है उसे चालू कर दिया जाएगा। साथ ही रास्ता भी बंद नहीं किया जाएगा। इसके अलावा कुछ बेहद उच्च क्षमता के सबमर्सिबल भी जल्द लगवा दिए जाएंगे। इसके बाद ही मामला शांत हुआ।