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अलीगढ़ : सुनीता के शरीर पर चाकुओं के 31 घाव, खरोंच के भी कई निशान
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सुनीता को कितनी बेरहमी से मौत के घाट उतारा गया, इसका अंदाजा खुद पोस्टमार्टम के दौरान टीम ने लगाया है। महिला के शरीर पर चाकुओं के 31 घाव पाए गए। इसके अलावा कई खरोंच के निशान भी हैं। साथ में किसी कपड़ा या रस्सी से गर्दन दबाने के भी साक्ष्य पाए गए हैं। पोस्टमार्टम दो डॉक्टरों क्रमश: डॉ.अमित सिंह व डॉ.राहुल कुमार की टीम ने वीडियोग्राफी के बीच किया है। जिसने पाया है कि इन घावों से अत्यधिक रक्तस्राव मौत की वजह बना है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम में चाकुओं के कुल 31 घाव हैं, जिनमें पैर, पीठ, सीना, गर्दन, पेट, कूल्हा आदि पर डेढ़ से लेकर दो इंच के घाव हैं। कुछ जगहों पर चाकू से खरोंच के निशान हैं। इसके अलावा गर्दन दबाने के भी साक्ष्य हैं। इसलिए माना जा रहा है कि पहले गला पीछे से घोंटा गया है और फिर चाकुओं से प्रहार किया गया है। तब महिला की मौत हुई है।
टीमें तलाश रहीं सुराग, किसके
सामने रखा पानी का गिलास
भाजपा नेता राकेश साईं के रिश्ते के भाई की पत्नी सुनीता की हत्या किसी परिचित ने किसी रंजिश में की है या मकसद लूट रहा? यह सवाल अभी तक अनसुलझा है। मगर एक बात जरूर पुलिस की अब तक की जांच में साफ हो रही है कि कोई तो ऐसा अपना परिचित चेहरा घर आया, जिसे पीने के लिए पानी दिया गया। पानी का गिलास टेबल पर रखा मिला है। पुलिस की पांच टीमें घटना के खुलासे में जुटी हैं। अब तक नौकरानी सहित आधा दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सीसीटीवी, सर्विलांस व पूछताछ इन तीन आधार पर जांच जारी है। दिन भर में आसपास के इलाके के 50 से अधिक सीसीटीवी देखे गए हैं। उम्मीद है कि बुधवार तक काफी कुछ सुराग हाथ में होंगे।
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महज 30 मिनट के बीच हुई पूरी घटना
पुलिस की अब तक की जांच में साफ हुआ है कि सुनीता ने नौकरानी के घर से जाते ही 7 बजकर 10 मिनट पर अपने पति को फोन पर खाना बनने की जानकारी देते हुए बुलाया है। इसके बाद 7 बजकर 40 मिनट के आसपास उनका बेटा अनिकेत घर पहुंच गया है। इससे साफ है कि इसी 30 मिनट के अंतराल में पूरी घटना हुई है।
चादर में लपेट टिर्री में ले भागा बेटा
अनिकेत वह व्यक्ति है, जो सबसे पहले घर पहुंचा। उसने शोर मचाते हुए खून से लथपथ अपनी मां को चादर में लपेट कर टिर्री में लादा और अस्पताल लेकर चल दिया। इस दौरान बिलखते हुए अपने पिता आदि परिचितों को फोन किया था। रास्ते में वे लोग गाड़ी लेकर मिले, तब उन्हें गाड़ी में डालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टर आते तो शायद बच जाती जान
विजेंद्र व अनिकेत ने परिवार के सदस्यों के बीच इस बात को बिलखते हुए बार-बार दोहराया कि उनकी मां तीन घंटे तक अस्पताल पड़ी रही। इस दौरान जूनियर डॉक्टर मात्र उनके घावों पर दवाएं लगाकर टांके लगाते रहे। अगर डॉक्टर आ जाते और बेहतर इलाज मिलता तो शायद मां को बचाया जा सकता था।
माल गया या नहीं, इस विषय पर अभी जांच जारी
पुलिस जांच के दौरान अलग-अलग जानकारियां पुलिस को मिल रही हैं। परिवार के कुछ सदस्यों से पता चला है कि सुनीता के बैग से कुछ रुपये व कुछ वह जेवरात गायब हैं, जो रोजाना पहने जाते हैं। मगर परिवार के कुछ सदस्यों से इस बात की तस्दीक नहीं हो पा रही। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि गोवा से लौटी बहू से सही जानकारी मिलेगी। मगर अभी उससे सही से बात नहीं हो पा रही है। पुलिस का कहना है कि परिवार से बात होने पर इस बात की तस्दीक होगी।
कान से कुंडल जरूर खींच ले गए बदमाश
इस घटना में महिला के कानों से कुंडल जरूर बदमाश खींचकर ले गए हैं। इस बात की तस्दीक शव से दोनों कुंडलों के गायब होने पर मिली है। इन तथ्यों को लेकर एक तरफ समझ में यही आ रहा है कि कहीं यह वारदात लूट के ही इरादे से तो नहीं हुई।
लूटना था तो इतनी देर मारने में क्यों लगाई
पुलिस जांच में एक सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि अगर मकसद लूटना था तो मारने में इतनी देर क्यों लगाई। अगर लुटेरा अकेला था या वे दो से अधिक भी थे तो एक ही वार में वे मार सकते थे। फिर इतनी देर क्यों लगाई। इससे यह भी साफ हो रहा है कि हमलावर कोई ऐसा व्यक्ति रहा होगा कि जो परिचित चेहरा है। अगर महिला न मरती तो शायद पहचान उजागर हो जाती।
घर के ही चाकू से दिया वारदात को अंजाम
इस घटना में यह भी उजागर हुआ है कि बदमाश अपने साथ चाकू तक नहीं लाया। उसने घर के ही चाकू से इस हत्या को अंजाम दिया है। पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल, चाकू, पानी के गिलास से साक्ष्य संकलित किए हैं।
पेंटर तक अभी नहीं पहुंच पाई पुलिस टीम
जो पेंटर रुपयों को लेकर सोमवार को तीन बार विवाद करके गया है। जिसका नंबर तो पुलिस को मिल गया है। मगर उस पेंटर तक देर शाम तक पुलिस टीम नहीं पहुंच पाई थी। उम्मीद है कि रात में उस पेंटर के विषय में कोई सटीक जानकारी मिल सके।
बेटी नहीं देख सकी मां को, आज पहुंचेगी घर
स्वीडन में रहने वाली बेटी अपनी मां का आखिरी बार चेहरा नहीं देख सकी। उसे ऑनलाइन यानि वीडियो कॉलिंग के जरिये चेहरा दिखाया गया। हालांकि बेटी आज वहां से रवाना हो गई है और बुधवार को अलीगढ़ पहुंच जाएगी।
पड़ोसी सन्नाटे में, शोक में दुकानें रहीं बंद
इस घटना के बाद विजेंद्र के घर के आसपास के लोग सन्नाटे में हैं। कोई कुछ ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रहा है। एक ही बात कहते हैं कि महिलाएं ज्यादातर घर में ही रहती थीं। इसलिए ज्यादा किसी से बातचीत नहीं थी। कौन आया होगा, इस विषय पर कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता। अभी परिवार भी बहुत ज्यादा कुछ नहीं बता पा रहा है। चंद परिजन, कुछ परिचित रिश्तेदार और नौकरों के अलावा किसी अन्य का घर आना संभव नहीं है। वहीं शोक में विजेंद्र के आसपास की दुकानें भी मंगलवार को बंद रहीं।
-घटना के खुलासे को लेकर पुलिस टीमें जांच में लगी हैं। अभी तथ्यों पर काम किया जा रहा है। सीसीटीवी से लेकर सर्विलांस तक पर काम जारी है। जल्द तस्वीर साफ होगी।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पोस्टमार्टम में चाकुओं के कुल 31 घाव हैं, जिनमें पैर, पीठ, सीना, गर्दन, पेट, कूल्हा आदि पर डेढ़ से लेकर दो इंच के घाव हैं। कुछ जगहों पर चाकू से खरोंच के निशान हैं। इसके अलावा गर्दन दबाने के भी साक्ष्य हैं। इसलिए माना जा रहा है कि पहले गला पीछे से घोंटा गया है और फिर चाकुओं से प्रहार किया गया है। तब महिला की मौत हुई है।
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टीमें तलाश रहीं सुराग, किसके
सामने रखा पानी का गिलास
भाजपा नेता राकेश साईं के रिश्ते के भाई की पत्नी सुनीता की हत्या किसी परिचित ने किसी रंजिश में की है या मकसद लूट रहा? यह सवाल अभी तक अनसुलझा है। मगर एक बात जरूर पुलिस की अब तक की जांच में साफ हो रही है कि कोई तो ऐसा अपना परिचित चेहरा घर आया, जिसे पीने के लिए पानी दिया गया। पानी का गिलास टेबल पर रखा मिला है। पुलिस की पांच टीमें घटना के खुलासे में जुटी हैं। अब तक नौकरानी सहित आधा दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। सीसीटीवी, सर्विलांस व पूछताछ इन तीन आधार पर जांच जारी है। दिन भर में आसपास के इलाके के 50 से अधिक सीसीटीवी देखे गए हैं। उम्मीद है कि बुधवार तक काफी कुछ सुराग हाथ में होंगे।
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महज 30 मिनट के बीच हुई पूरी घटना
पुलिस की अब तक की जांच में साफ हुआ है कि सुनीता ने नौकरानी के घर से जाते ही 7 बजकर 10 मिनट पर अपने पति को फोन पर खाना बनने की जानकारी देते हुए बुलाया है। इसके बाद 7 बजकर 40 मिनट के आसपास उनका बेटा अनिकेत घर पहुंच गया है। इससे साफ है कि इसी 30 मिनट के अंतराल में पूरी घटना हुई है।
चादर में लपेट टिर्री में ले भागा बेटा
अनिकेत वह व्यक्ति है, जो सबसे पहले घर पहुंचा। उसने शोर मचाते हुए खून से लथपथ अपनी मां को चादर में लपेट कर टिर्री में लादा और अस्पताल लेकर चल दिया। इस दौरान बिलखते हुए अपने पिता आदि परिचितों को फोन किया था। रास्ते में वे लोग गाड़ी लेकर मिले, तब उन्हें गाड़ी में डालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टर आते तो शायद बच जाती जान
विजेंद्र व अनिकेत ने परिवार के सदस्यों के बीच इस बात को बिलखते हुए बार-बार दोहराया कि उनकी मां तीन घंटे तक अस्पताल पड़ी रही। इस दौरान जूनियर डॉक्टर मात्र उनके घावों पर दवाएं लगाकर टांके लगाते रहे। अगर डॉक्टर आ जाते और बेहतर इलाज मिलता तो शायद मां को बचाया जा सकता था।
माल गया या नहीं, इस विषय पर अभी जांच जारी
पुलिस जांच के दौरान अलग-अलग जानकारियां पुलिस को मिल रही हैं। परिवार के कुछ सदस्यों से पता चला है कि सुनीता के बैग से कुछ रुपये व कुछ वह जेवरात गायब हैं, जो रोजाना पहने जाते हैं। मगर परिवार के कुछ सदस्यों से इस बात की तस्दीक नहीं हो पा रही। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि गोवा से लौटी बहू से सही जानकारी मिलेगी। मगर अभी उससे सही से बात नहीं हो पा रही है। पुलिस का कहना है कि परिवार से बात होने पर इस बात की तस्दीक होगी।
कान से कुंडल जरूर खींच ले गए बदमाश
इस घटना में महिला के कानों से कुंडल जरूर बदमाश खींचकर ले गए हैं। इस बात की तस्दीक शव से दोनों कुंडलों के गायब होने पर मिली है। इन तथ्यों को लेकर एक तरफ समझ में यही आ रहा है कि कहीं यह वारदात लूट के ही इरादे से तो नहीं हुई।
लूटना था तो इतनी देर मारने में क्यों लगाई
पुलिस जांच में एक सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि अगर मकसद लूटना था तो मारने में इतनी देर क्यों लगाई। अगर लुटेरा अकेला था या वे दो से अधिक भी थे तो एक ही वार में वे मार सकते थे। फिर इतनी देर क्यों लगाई। इससे यह भी साफ हो रहा है कि हमलावर कोई ऐसा व्यक्ति रहा होगा कि जो परिचित चेहरा है। अगर महिला न मरती तो शायद पहचान उजागर हो जाती।
घर के ही चाकू से दिया वारदात को अंजाम
इस घटना में यह भी उजागर हुआ है कि बदमाश अपने साथ चाकू तक नहीं लाया। उसने घर के ही चाकू से इस हत्या को अंजाम दिया है। पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल, चाकू, पानी के गिलास से साक्ष्य संकलित किए हैं।
पेंटर तक अभी नहीं पहुंच पाई पुलिस टीम
जो पेंटर रुपयों को लेकर सोमवार को तीन बार विवाद करके गया है। जिसका नंबर तो पुलिस को मिल गया है। मगर उस पेंटर तक देर शाम तक पुलिस टीम नहीं पहुंच पाई थी। उम्मीद है कि रात में उस पेंटर के विषय में कोई सटीक जानकारी मिल सके।
बेटी नहीं देख सकी मां को, आज पहुंचेगी घर
स्वीडन में रहने वाली बेटी अपनी मां का आखिरी बार चेहरा नहीं देख सकी। उसे ऑनलाइन यानि वीडियो कॉलिंग के जरिये चेहरा दिखाया गया। हालांकि बेटी आज वहां से रवाना हो गई है और बुधवार को अलीगढ़ पहुंच जाएगी।
पड़ोसी सन्नाटे में, शोक में दुकानें रहीं बंद
इस घटना के बाद विजेंद्र के घर के आसपास के लोग सन्नाटे में हैं। कोई कुछ ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रहा है। एक ही बात कहते हैं कि महिलाएं ज्यादातर घर में ही रहती थीं। इसलिए ज्यादा किसी से बातचीत नहीं थी। कौन आया होगा, इस विषय पर कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता। अभी परिवार भी बहुत ज्यादा कुछ नहीं बता पा रहा है। चंद परिजन, कुछ परिचित रिश्तेदार और नौकरों के अलावा किसी अन्य का घर आना संभव नहीं है। वहीं शोक में विजेंद्र के आसपास की दुकानें भी मंगलवार को बंद रहीं।
-घटना के खुलासे को लेकर पुलिस टीमें जांच में लगी हैं। अभी तथ्यों पर काम किया जा रहा है। सीसीटीवी से लेकर सर्विलांस तक पर काम जारी है। जल्द तस्वीर साफ होगी।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी