फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   30 rupees are available for cow's fodder, 90 rupees are being spent

अलीगढ़ : गोवंश के चारे के लिए मिलते हैं 30 रुपये, खर्च हो रहे 90 रुपये

Wed, 23 Feb 2022 01:44 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Feb 2022 01:44 AM IST
विज्ञापन
30 rupees are available for cow's fodder, 90 rupees are being spent
गांव बरानदी का गो आश्रय केंद्र । - फोटो : CITY OFFICE
आशीष श्रीवास्तव
विज्ञापन

एक गोवंश के भरण-पोषण के लिए शासन से 30 रुपये मिलते हैं, लेकिन कब मिलेंगे यह भी पता नहीं। जबकि प्रति गोवंश 90 रुपये खर्च हो रहे हैं। ये कहना है, हरदुआगंज क्षेत्र के गांव बरानदी के प्रधान मुनेश कुमार का। उन्होंने बताया कि उन्हें पशुपालन विभाग व शासन से पिछले दो माह से गोवंश के भरण-पोषण मद में एक रुपया भी नहीं मिला है। वहीं, विधानसभा चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं किसानों की नाराजगी से बचने के लिए 32 गोवंश क्षमता वाली गोशाला में 60 से अधिक गायें भेज दी गई हैं। बड़ी मुश्किल से गो आश्रय केंद्र का संचालन हो पा रहा है। ये स्थिति सिर्फ एक गो आश्रय स्थल की नहीं है, बल्कि जिले की अन्य गोशालाओं व गो आश्रय स्थलों की भी यही स्थिति है।
वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आवारा गोवंश के लिए गो आश्रय स्थल बनाए जाने के आदेश दिए थे। इसके अनुपालन में जिले में 160 अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल बनाए गए। भरण-पोषण के लिए 30 रुपया प्रति गोवंश निर्धारित किया गया। समिति बनाकर ग्राम प्रधानों को अध्यक्ष बनाते हुए उन्हें गो आश्रय स्थलों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। पशुपालन विभाग को गोवंश की देखभाल व बीमार गोवंश की चिकित्सा की जिम्मेदारी दी गई। लेकिन चारे समेत अन्य खाद्य पदार्थों पर महंगाई के चलते इन आश्रय स्थलों का संचालन मुश्किल हो गया है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गो आश्रय स्थलों में गोवंश भूखा या आधा पेट भोजन पर जिंदा है।
विज्ञापन

सामान्य गोवंश एक दिन में खा जाता है पांच किलो भूसा
अलीगढ़। गांव बरौला की प्रधान शांतिदेवी ने बताया कि सामान्य गोवंश एक दिन में पांच किलो भूसा खा जाता है। भूसे की कीमत 16 रुपये प्रति किलोग्राम है। 30 रुपये प्रति पशु के हिसाब से भुगतान होता है। खली के दाम 30 रुपये प्रति किलो है और बरसीम पांच रुपये किलो मिलती है। यदि आधा-आधा किलो खली एवं दो किलो बरसीम खिलाई जाए तो खर्च 120 रुपये प्रति पशु बैठता है। उन्होंने बताया कि उनके गांव में 25 गोवंश की क्षमता वाले गो आश्रय स्थल में वर्तमान में 16 गोवंश हैं। शासन से जुलाई से गोवंश के भरण पोषण मद में एक भी रुपया नहीं मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्षमता से करीब डेढ़ गुना हैं गोवंश
अलीगढ़। आवारा गोवंश को आश्रय देने के लिए खोले गए अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों में क्षमता से करीब डेढ़ से दोगुने गोवंश हैं। पशुपालन विभाग के आंकड़े खुद इसकी पुष्टि कर रहे हैं।

आश्रय स्थल संख्या क्षमता संरक्षित गोवंश
- अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल 160 15000 20887
- वृहद गो संरक्षण केंद्र 02 1000 1218
नगर निकायों में कान्हा गोशाला
कान्हा उपवन 14 850 1011
कांजी हाउस 03 100 55
पंजीकृत गोशालाएं 13 2000 1985
अपंजीकृत गोशाला 16 1200 1270
गोशालाओं में क्षमता से अधिक पशु रह रहे हैं। कई गोशालाओं में डेढ़ से दो गुना गोवंश हैं। शासन से गोवंश के भरण पोषण मद में दिसंबर तक का भुगतान सभी प्रधानों को कर दिया गया है। इस मद में डिमांड ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से आती है। हो सकता है कि किसी प्रधान ने डिमांड नहीं भेजी हो। जनवरी एवं फरवरी के भरण पोषण मद का बजट ब्लाकों को जारी कर दिया गया है।
डॉ. चंद्रवीर सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed