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अभ्यर्थियों ने इफ्तार में दी दावत पर नहीं आए कुलपति व रजिस्ट्रार
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू के प्रशासनिक गेट पर पीएचडी में दाखिले को लेकर धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने धरना स्थल पर ही रोजा इफ्तार में कुलपति, रजिस्ट्रार को दावत दी, लेकिन वह नहीं आए। उधर, तीसरे दिन अभ्यर्थियों ने 350 रुपये के पकौड़े बेचे। तीन दिनों में कुल 1180 रुपये के पकौड़े बिके।
शनिवार को धरने पर बैठे छात्र आकिब खुर्शीद ने कहा कि कुलपति स्टूडेंट के रुहानी बाप बनते हैं और आज जब उन्हीं के छात्र चिलचिलाती धूप और गर्मी में धरने पर बैठकर रोजा रख रहे वह उनके साथ इफ्तार करने नहीं आए। हिंदी विभाग में हुए पीएचडी के प्रवेश में घपले को लेकर कुलपति सचिवालय से आरटीआई के जवाब में नेहा सक्सेना द्वारा वीसी से प्रवेश परीक्षा में बैठने की विशेष छूट वाले प्रार्थना पत्र को देने से मना कर दिया है। साथ ही दर्शनशास्त्र विभाग में एक अभ्यर्थी को उसके विशेषज्ञ से हटकर विषय वाले अध्यापक के अधीन पीएचडी में प्रवेश देने को नजरों का हेरफेर बताया है। बीओएस की बैठक में इसमें सुधार की बात कही है, जो कि अवैधानिक है। आकिब ने आरटीआई कानून के तहत अपील डाली है।
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एएमयू के प्रशासनिक गेट पर पीएचडी में दाखिले को लेकर धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने धरना स्थल पर ही रोजा इफ्तार में कुलपति, रजिस्ट्रार को दावत दी, लेकिन वह नहीं आए। उधर, तीसरे दिन अभ्यर्थियों ने 350 रुपये के पकौड़े बेचे। तीन दिनों में कुल 1180 रुपये के पकौड़े बिके।
शनिवार को धरने पर बैठे छात्र आकिब खुर्शीद ने कहा कि कुलपति स्टूडेंट के रुहानी बाप बनते हैं और आज जब उन्हीं के छात्र चिलचिलाती धूप और गर्मी में धरने पर बैठकर रोजा रख रहे वह उनके साथ इफ्तार करने नहीं आए। हिंदी विभाग में हुए पीएचडी के प्रवेश में घपले को लेकर कुलपति सचिवालय से आरटीआई के जवाब में नेहा सक्सेना द्वारा वीसी से प्रवेश परीक्षा में बैठने की विशेष छूट वाले प्रार्थना पत्र को देने से मना कर दिया है। साथ ही दर्शनशास्त्र विभाग में एक अभ्यर्थी को उसके विशेषज्ञ से हटकर विषय वाले अध्यापक के अधीन पीएचडी में प्रवेश देने को नजरों का हेरफेर बताया है। बीओएस की बैठक में इसमें सुधार की बात कही है, जो कि अवैधानिक है। आकिब ने आरटीआई कानून के तहत अपील डाली है।
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