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25 फीसदी गरीब बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश की होगी जांच
Updated Sat, 02 Sep 2017 01:39 AM IST
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25 फीसदी गरीब बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश की होगी जांच
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्राइवेट स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 25 फीसदी बच्चों को प्रवेश देने के आदेश के क्रियान्वयन की पड़ताल होगी।
एडीएम सिटी ने बीएसए एवं डीआईओएस को पत्र प्रेषित कर जिले के सभी निजी विद्यालयों में दुर्बल आय वर्ग के 25 फीसदी बच्चों के प्रवेश की जांच के आदेश किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालय संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा है।
राइट टू एजूकेशन एक्ट 2009 के मुताबिक सभी निजी विद्यालयों को दुर्बल आय वर्ग के 25 फीसदी बच्चों को प्रवेश देने के आदेश दिए गए थे। इसके लिए बाकायदा डीआईओएस एवं बीएसए ने बच्चों का चयन कर इसकी सूची विद्यालय संचालकों को उपलब्ध कराई।
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इन बच्चों को प्रवेश दिया गया अथवा नहीं, इसकी जानकारी के लिए डीआईओएस एवं बीएसए को जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम सिटी एसबी सिंह ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि विद्यालयों का सर्वे कर यह सुनिश्चित किया जाय कि उन्होंने प्रशासन द्वारा दी गई लिस्ट के मुताबिक गरीब विद्यार्थियों को प्रवेश दिया है अथवा नहीं।
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्राइवेट स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 25 फीसदी बच्चों को प्रवेश देने के आदेश के क्रियान्वयन की पड़ताल होगी।
एडीएम सिटी ने बीएसए एवं डीआईओएस को पत्र प्रेषित कर जिले के सभी निजी विद्यालयों में दुर्बल आय वर्ग के 25 फीसदी बच्चों के प्रवेश की जांच के आदेश किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले विद्यालय संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा है।
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राइट टू एजूकेशन एक्ट 2009 के मुताबिक सभी निजी विद्यालयों को दुर्बल आय वर्ग के 25 फीसदी बच्चों को प्रवेश देने के आदेश दिए गए थे। इसके लिए बाकायदा डीआईओएस एवं बीएसए ने बच्चों का चयन कर इसकी सूची विद्यालय संचालकों को उपलब्ध कराई।
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इन बच्चों को प्रवेश दिया गया अथवा नहीं, इसकी जानकारी के लिए डीआईओएस एवं बीएसए को जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम सिटी एसबी सिंह ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि विद्यालयों का सर्वे कर यह सुनिश्चित किया जाय कि उन्होंने प्रशासन द्वारा दी गई लिस्ट के मुताबिक गरीब विद्यार्थियों को प्रवेश दिया है अथवा नहीं।